खराब लाइफस्टाइल और कम पानी पीने की आदत केवल थकान ही नहीं, बल्कि किडनी स्टोन (Kidney Stone) का भी कारण बनती है।  चौंकाने वाली बात ये है कि अब किडनी स्टोन के मामले बुजुर्गों में नहीं, बल्कि 30 से 40 साल के युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। अब सवाल ये उठता है कि आखिर हमारी दिनचर्या में ऐसी क्या गलतियां है जो किडनी को नुकसान पहुंचा रही है?

एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी, हैदराबाद में सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. एमडी तैफ बेंडीगेरी ने बताया कि युवाओं में किडनी स्टोन से जुड़ी बीमारियां तेजी से पनप रही हैं जिसके लिए उनका लाइफस्टाइल और डाइट जिम्मेदार है। आइए जानते हैं कि युवाओं में किडनी स्टोन होने के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं और इस परेशानी से कैसे बचाव किया जा सकता है। 

युवाओं में किडनी स्टोन के लिए जिम्मेदार कारण

एक्सपर्ट के मुताबिक युवाओं में किडनी स्टोन के लिए  AC ऑफिस, कम पानी और नमक का ज्यादा सेवन करना जिम्मेदार है। एक्सपर्ट ने बताया आजकल युवा लंबे समय तक एसी ऑफिस में बैठते  हैं, बेहद कम फिजिकल एक्टिविटी और दिनभर में मुश्किल से दो गिलास पानी पीते हैं। खानपान ज्यादातर प्रोसेस्ड और रेस्टोरेंट फूड पर आधारित है जो किडनी स्टोन के लिए जिम्मेदार है। एक्सपर्ट ने बताया चिंता की बात किडनी स्टोन के बढ़ते मामले नहीं, बल्कि कम उम्र में इसका होना है। अब अधिक युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं।

Journal of Environmental and Public Health में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, एयर कंडीशनिंग हवा से नमी को सोख लेते हैं। ठंडे वातावरण में शरीर को प्यास का अहसास कम होता है, लेकिन सांस के जरिए शरीर से पानी का वाष्पीकरण (Evaporation) जारी रहता है। इसे ‘Insensible Water Loss’ कहते हैं। युवाओं में किडनी स्टोन का यह एक सबसे बड़ा साइलेंट कारण है।

किडनी स्टोन बनता कैसे है?

मेडिकल दृष्टि से प्रक्रिया सरल है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में कैल्शियम और ऑक्सलेट जैसे मिनरल्स आपस में जुड़कर क्रिस्टल बना लेते हैं, जो आगे चलकर स्टोन बन जाते हैं। आसान भाषा में समझें तो शरीर को इतना पानी चाहिए कि ये मिनरल्स यूरिन में घुले रहें और बाहर निकल जाएं। पानी कम पीने पर ये नीचे जमने लगते हैं, जैसे कम पानी में चीनी ग्लास के तले में बैठ जाती है और धीरे-धीरे पत्थर का रूप ले लेती हैं। डाइट में ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन इस खतरे को और बढ़ाते हैं, क्योंकि ये यूरिन में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाते हैं। Cochrane Library की एक समीक्षा बताती है कि जो लोग रोजाना 5 ग्राम यानी एक चम्मच से अधिक नमक खाते हैं, उनके यूरिन में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है।

एसी ऑफिस किडनी स्टोन के लिए बहुत ज्यादा हैं जिम्मेदार

अक्सर देखा गया है कि लोग एसी ऑफिस में घंटों बैठकर काम करते हैं। ठंडे वातावरण में ज्यादा बैठे रहने से प्यास कम लगती है और मेटाबॉलिक गतिविधियां धीमी होती हैं। धीरे-धीरे बिना लक्षण के डिहाइड्रेशन बना रहता है। अक्सर समस्या का पता तब चलता है जब स्टोन यूरिन के रास्ते में फंस जाता है, जिससे तेज दर्द, उल्टी या जलन जैसे लक्षण दिखते हैं।

किडनी स्टोन से बचाव के लिए क्या करें

  • अगर आप एसी रूम में दिनभर रहते हैं तो पूरा दिन पर्याप्त पानी जरूर पिएं।
  • डाइट में ज्यादा नमक और पैकेज्ड फूड का सेवन करने से परहेज करें।
  • फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं। लंच के बाद कुछ देर का ब्रेक करें। हर एक गंटें में एक से दो मिनट का ब्रेक लें।
  • गर्म मौसम में पसीने के रूप में बॉडी से पानी ज्यादा डिस्चार्ज होता है ऐसे में आप दिन भर पानी का पर्याप्त सेवन करें। रोज 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं।
  • नमक कम खाएं। प्रोसेस्ड फूड, अचार और पैकेज्ड स्नैक्स से दूरी रखें
  • संतुलित डाइट लें। डाइट में नींबू और संतरा जैसे साइट्रस फलों का सेवन बढ़ाएं
  • ऑक्सलेट वाले फूड्स डॉक्टर की सलाह से लें।
  • नियमित जांच कराना भी जरूरी है, खासकर अगर पहले स्टोन हो चुका हो

निष्कर्ष

डॉक्टरों के मुताबिक, किडनी स्टोन के बढ़ते मामले काफी हद तक रोके जा सकते हैं। यह बीमारी हमें याद दिलाती है कि रोजमर्रा की छोटी आदतें जैसे पर्याप्त पानी पीना और नमक कम लेना हमारी सेहत पर बड़ा असर डालती हैं। इलाज संभव है, लेकिन बचाव पूरी तरह हमारे हाथ में है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई सलाह को चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प न समझें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण के लिए अपने डॉक्टर या योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।