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निपाह वायरस: मरीजों की सेवा में नर्स ने कुर्बान की जिंदगी, पति को लिखा आखिरी खत हुआ वायरल

केरल में फैले घातक निपाह वायरस से पीड़ित मरीजों के उपचार में एक नर्स ने जिंदगी कुर्बान कर दी। 31 वर्षीय इस नर्स का नाम है लिनि।मौत से पहले नर्स का पति को लिखा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे पढ़कर लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं।

Author नई दिल्ली | May 22, 2018 2:33 PM
केरल में निपाह वायरस पीड़ितों की देखभाल में जिंदगी कुर्बान करने वाली नर्स लिनी(फोटो-ट्विटर@deepusebin

केरल में फैले घातक निपाह वायरस से पीड़ित मरीजों के उपचार में एक नर्स ने जिंदगी कुर्बान कर दी। 31 वर्षीय इस नर्स का नाम है लिनि।मौत के तत्काल बाद नर्स का अंतिम संस्कार कर दिया गया,ताकि संक्रमण न फैले।आखिरी वक्त में नर्स पति और बच्चों से भी नहीं मिल पाई। वजह कि मिलने पर संक्रमण का खतरा था। मौत से पहले नर्स का पति को लिखा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे पढ़कर लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं।

पत्र में नर्स ने पति के लिए लिखा है-मैं अब अपनी अंतिम यात्रा पर हूं, अपने बच्चों के ध्यान रखना।केरल की इस युवा नर्स ने निपाह वायरस पीड़ितों के लिए अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड से यह चिट्ठी लिखी। 31 साल की लिनी पुथुस्सेरी आखिरी वक्त में अपने परिवार को नहीं देख सकीं।महिला का मौत के बाद सोमवार(21मई) को ही अंतिम संस्कार किया गया, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। लिनी के पास दो छोटे बच्चे हैं, एक की उम्र सात और दूसरे की दो साल है। लिनी उस टीम में शामिल रहीं, जिसने कोझिकोड के पेरंबरा हास्पिटल में निपारा वायरस के पहले पीड़ित का इलाज किया।

मौत से पहले पति को लिखे पत्र में नर्स ने लिखा-मैं लगभग अंतिम यात्रा पर हूं, मैं नहीं सोचती कि अब फिर तुम्हें देख सकूंगी। माफ करना। हमारे बच्चों की उचित देखभाल करना।उन्हें कभी अकेला मत रखना। नर्स का लिखा यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होकर लोगों की आंखों में आंसू ला रहा है। चिकित्सकों के संगठन से जुड़े डॉ. दीपू सेबिन ने ट्वीट करते हुए कहा-निपह वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई में लिनी की मौत हो गई। वह वायरस से संक्रमित मरीजों को बचाने की कोशिश कर रहीं थीं। 31 वर्ष की उम्र में वह दो छोटे बच्चों की मां थीं।अगर वह शहीद न होतीं तो शायद हम नहीं जानते कि वह कौन थीं। पेरंबरा हास्पिटल प्रशासन ने कहा कि मौत के तुरंत बाद परिवार की सहमति से नर्स का अंतिम संस्कार कर दिया गया। संक्रमण की आशंका के चलते नर्स से किसी को मिलने नहीं दिया गया।

केरला के राज्य स्वास्थ्य निगरानी अधिकारी केजे रीना ने न्यूज एजेंसी एएफपी से बातचीत में निपाह वायरस से पांच लोगों के मरने की पुष्टि की।हाल में जो तीन पीड़ित मरे, वह एक ही परिवार से थे। तेज बुखार और अन्य लक्षणों वाले करीब एक दर्जन और लोगों की मौत की खबर है। ये मौतें कोझिकोड और पड़ोसी मलप्पुरम इलाके में हुई हैं। दो और नर्सों के कोझिकोड मेडिकल कॉलेज हास्पिटल में भर्ती होने की बात सामने आई है। निपाह वायरस या एनआइवी इंफेक्शन मुख्य रूप से चमगादड़ से फैलता है।इससे पीड़ित व्यक्तियों में सांस लेने की समस्या, मस्तिष्क में सूजन, बुखार, सिरदर्द, नींद की समस्या, भ्रम आदि लक्षण पैदा होते हैं।वायरस अटैक के 48 घंटे के भीतर मरीज के कोमा में जाने की आशंका होती है।यह संक्रामक होता है। एक रोगी से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अब तक इस वायरस की रोकथाम के लिे टीका इजाद नहीं हो सका है। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य निकाय के मुताबिक गहन देखभाल इकलौता इलाज है।

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