बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान की फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का हर कोई दीवाना है। हाल ही में उनके योग ट्रेनर ने खुलासा किया कि करीना खुद को फिट रखने के लिए रोज़ाना 30 से लेकर 108 बार सूर्य नमस्कार करती हैं। योगा एक्सपर्ट रूपल सिध ने हाल ही में वजन घटाने के लिए सूर्य नमस्कार को बेहद प्रभावी बताया। उन्होंने बताया हर हफ्ते सूर्य नमस्कार की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाकर 30, 60, 90 और फिर 108 तक पहुंचा जा सकता है।
रूपल ने दावा किया कि अभिनेत्री Kareena Kapoor Khan ने भी उनके मार्गदर्शन में 50 से बढ़ाकर 108 सूर्य नमस्कार किए थे, जिससे उन्हें फायदा मिला। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या एक दिन में 108 सूर्य नमस्कार करना सभी की बॉडी के लिए सेफ है। या यह किसी बड़े नुकसान की वजह बन सकता है? आइए एक्सपर्ट्स और योग ट्रेनर से जानते हैं इस फिटनेस फॉर्मूला के पीछे का पूरा सच और इसे करने का सही तरीका क्या है।
फिट रहने के लिए कैसी होनी चाहिए रूटीन
एक्सपर्ट ने इंस्टाग्राम पर वीडियों साझा कर बताया कि वजन घटाने के लिए रोजाना 10 हजार कदम चलना, दिन भर में 6 छोटे मील का सेवन करना, वेट ट्रेनिंग के जरिए मांसपेशियों को मजबूत बनाना और दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप अपनी बॉडी का फैट कंट्रोल करना चाहते हैं तो सुबह हेल्दी फैट का सेवन करें। रोजाना 45 मिनट तक योग और वर्कआउट करें। हर दिन खाने के बाद टहलें जरूर। फिट रहने के लिए कम खाना और 8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है।
क्या 108 सूर्य नमस्कार करना सभी के लिए संभव है ?
कंसल्टेंट डाइटीशियन और फिटनेस एक्सपर्ट Garima Goyal के अनुसार, सूर्य नमस्कार एक फुल-बॉडी एक्सरसाइज है, जो ताकत, लचीलापन, संतुलन और कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस को बेहतर बनाती है। हालांकि, 108 सूर्य नमस्कार करना रोजाना की जरूरत नहीं बल्कि एक शारीरिक और मानसिक चुनौती माना जाता है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाना एक समझदारी भरा तरीका है। गरीमा ने बताया जैसे दौड़ने या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में शरीर को समय दिया जाता है, उसी तरह 30 से 60, फिर 90 और अंत में 108 सूर्य नमस्कार तक पहुंचने से मांसपेशियों की सहन शक्ति, जोड़ों की क्षमता और हृदय स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है। साथ ही चोट लगने का खतरा भी कम रहती है।
जल्दबाजी से हो सकती है परेशानी
गरिमा गोयल ने बताया कि सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ाना व्यक्ति की फिटनेस, उम्र, रिकवरी क्षमता और सही तकनीक पर निर्भर करती है। जो लोग आराम से 20-30 सूर्य नमस्कार कर लेते हैं, वे हर सप्ताह कुछ राउंड बढ़ा सकते हैं। लेकिन शुरुआती लोगों के लिए अचानक बहुत अधिक संख्या में सूर्य नमस्कार करना कलाई, कंधे और कमर में दर्द या अत्यधिक थकान का कारण बन सकता है।
एक सूर्य नमस्कार के दौरान कंधे, छाती, पीठ, पेट, ग्लूट्स और पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। ऐसे में 100 से अधिक बार इसे दोहराने से शरीर पर काफी दबाव पड़ता है और पर्याप्त रिकवरी जरूरी हो जाती है।
सूर्य नमस्कार से फायदा लेने में संख्या ज्यादा जरूरी या निरंतरता?
गरिमा गोयल का कहना है कि फिटनेस का लक्ष्य केवल संख्या पूरी करना नहीं होना चाहिए। रिसर्च बताती है कि सही तकनीक और नियमित अभ्यास, अत्यधिक संख्या में दोहराव करने की तुलना में अधिक फायदेमंद होते हैं। कई लोगों के लिए नियमित रूप से 12 से 24 सूर्य नमस्कार करना भी पर्याप्त फायदा पहुंचा सकता है।
108 तक सूर्य नमस्कार करने का फार्मूला
- सप्ताह 1-2 : 24 से 30 राउंड
- सप्ताह 3-4 : 40 से 50 राउंड
- सप्ताह 5-6 : 60 से 75 राउंड
- सप्ताह 7-8 : 90 या उससे अधिक राउंड कर सकते हैं।
- इसके बाद शरीर की रिकवरी और तकनीक सही रहने पर 108 सूर्य नमस्कार का प्रयास किया जा सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक किसी भी फिटनेस चैलेंज को परीक्षा नहीं बल्कि एक प्रशिक्षण प्रक्रिया की तरह लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से प्राप्त इनपुट पर आधारित है। किसी भी नए व्यायाम या फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
