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महिलाओं में जोड़ों में दर्द और मोटापा हो सकता है माहवारी बंद होने का संकेत, जानें मेनोपॉज से जुड़ी सभी बातें

Menopause after affects: मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरह के हार्मोनल बदलाव से गुजरती हैं, ऐसे में स्वस्थ जीवनशैली को फॉलो करना जरूरी है

women health, menopause in women, menopause age, menopause after affectsएक्सपर्ट्स के मुताबिक मासिक धर्म के बंद होने से करीब 4 से 5 साल पहले से ही महिलाओं को इसके लक्षण दिखने लगते हैं

Menopause in Women: महिलाओं में आमतौर पर 50 साल के बाद मासिक धर्म बंद होने का समय आ जाता है। इसे आम भाषा में मेनोपॉज कहा जाता है। जब महिलाओं की ओवरीज अंडों को प्रोड्यूस करना और हार्मोन रिलीज करना बंद कर देता है, तब मेनोपॉज की शुरुआत होती है। माना जाता है कि जब महिलाओं को लगातार एक साल तक पीरियड्स नहीं होता है तो उसे भी मेनोपॉज कह सकते हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें –

होतें हैं 3 चरण: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पेरी-मेनोपॉज पहला चरण होता है। ये मासिक धर्म के बंद होने से करीब 5 से 10 साल पहले शुरू हो सकता है। वहीं, जब किसी महिला को साल भर तक पीरियड्स नहीं होते हैं तो उस काल को मेनोपॉज कहा जाता है। साथ ही, अंतिम मासिक धर्म के एक साल बाद से पोस्ट मेनोपॉज चरण शुरू हो जाता है।

क्या हैं मेनोपॉज के कारण: हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार जब ओवरीज और उसके हार्मोन की कार्य क्षमता कमजोर हो जाती है तो मासिक धर्म बंद होने के कगार पर आ जाते हैं। इसे नैचुरल एजिंग कहा जाता है। इसके अलावा, फोर्स्ड मेनोपॉज भी होता है जिसमें महिलाओं की ओवरीज सर्जरी के जरिये निकाल दी जाती हैं। या फिर कीमो या फिर रेडियोथेरेपी के कारण डैमेज हो जाते हैं। वहीं, किसी ऑटो-इम्युन बीमारी या फिर खराब जीन की वजह से ओवरीज सामान्य मात्रा में हार्मोन रिलीज नहीं कर पाते हैं तो प्रीमैच्युर मेनोपॉज कहते हैं।

जानें लक्षण: एक्सपर्ट्स के मुताबिक मासिक धर्म के बंद होने से करीब 4 से 5 साल पहले से ही महिलाओं को इसके लक्षण दिखने लगते हैं। हालांकि, हर महिला में एक समान लक्षण हो ये जरूरी नहीं है। मेनोपॉज के बाद 3 सालों तक उन्हें कुछ परेशानी हो सकती है। शरीर में ज्यादा गर्मी होना, रात के समय पसीना, वजाइनल ड्रायनेस, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, मोटापा, खराब मूड, चिड़चिड़ाहट, शारीरिक संबंध बनाने में रुचि कम होना मेनोपॉज के लक्षण हो सकते हैं।

मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरह के हार्मोनल बदलाव से गुजरती हैं, ऐसे में स्वस्थ जीवनशैली को फॉलो करना जरूरी है। मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरीकों से खुद को सेहतमंद रख सकती हैं। स्वस्थ खानपान और एक्सरसाइज भी हेल्दी रखने में कारगर है।

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