वजन कम करने और खुद को फिट रखने के लिए ‘वॉक’ यानी पैदल चलना सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है। वजन घटाने और फिट रहने के लिए वॉकिंग को सबसे आसान, सुरक्षित और प्रभावी एक्सरसाइज मानी जाती है। इसे करने के लिए न किसी महंगे उपकरण की जरूरत होती है और न ही जिम जाने की। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि नियमित वॉकिंग से वजन कंट्रोल रहता है, दिल की सेहत में सुधार होता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। फिटनेस की दुनिया में सालों से रोजाना 10,000 कदम चलने का नियम बेहद लोकप्रिय रहा है, लेकिन हाल ही में ‘जापानी वॉक’ तेजी से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। दावा किया जा रहा है कि यह पारंपरिक वॉक से कहीं ज्यादा प्रभावी ढंग से पेट की चर्बी (Belly Fat) और वजन को कम करने में मददगार हो सकती है।

हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से शिक्षित कैलिफोर्निया स्थित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने वजन कम करने के इन दोनों तरीकों की वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर तुलना की और बताया फिट रहने के लिए दस हजार कदम चलना ज्यादा असरदार है या फिर जापानी वॉक। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि जापानी वॉक और दस हजार कदम चलना दोनों तरीके में कौन सा तरीका तेजी से वजन को घटाता है।

रोज़ 10,000 कदम चलने के क्या फायदे हैं?

रोजाना 10,000 कदम चलना फिटनेस का एक लोकप्रिय लक्ष्य माना जाता है, जो औसतन 7–8 किलोमीटर के बराबर होता है। नियमित रूप से इतनी वॉक करने से शरीर अधिक सक्रिय रहता है, कैलोरी तेजी से बर्न होती है और वजन कंट्रोल करना आसान होता है। वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक रोजाना पर्याप्त कदम चलने से दिल की सेहत बेहतर होती है, हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। टाइप-2 डायबिटीज और तनाव को कंट्रोल करने में वॉक असरदार साबित होती है।

2022 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में यूके के 78,430 वयस्कों के रोजाना कदमों और उनकी चलने की गति का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से अधिक कदम चलते थे, उनमें डिमेंशिया का जोखिम कम था। अध्ययन के अनुसार, प्रतिदिन करीब 9,800 कदम चलना डिमेंशिया के खतरे को कम करने से जुड़ा पाया गया। उम्र, फिटनेस, जोड़ों की समस्या और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कदमों की संख्या अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार नियमित वॉक करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।

जापानी वॉकिंग तकनीक क्या है?

जापानी इंटरवल वॉकिंग (Japanese Interval Walking) जापान में विकसित एक विशेष वॉकिंग तकनीक है जिसमें 3 मिनट तेज़ गति से चलने और 3 मिनट सामान्य या धीमी गति से चलने का क्रम लगभग 30 मिनट तक दोहराया जाता है। तेज और धीमी चाल के इस पैटर्न को ही इंटरवल वॉकिंग कहा जाता है।

वजन घटाने के लिए कौन-सा तरीका ज्यादा बेहतर है?

हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से शिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार वजन घटाने और फिटनेस के लिए जापानी इंटरवल वॉकिंग पारंपरिक 10,000 कदम चलने की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकती है। इस तकनीक में 3 मिनट सामान्य गति और 3 मिनट तेज़ गति से चलने का क्रम लगभग 30 मिनट तक दोहराया जाता है। इससे कम समय में शरीर की तीव्रता बढ़ती है, जिससे अधिक कैलोरी बर्न हो सकती है।

डॉ. सेठी के मुताबिक, नियमित रूप से इंटरवल वॉकिंग करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने, दिल की कार्यक्षमता सुधारने, स्ट्रोक के जोखिम को कम करने, नींद की गुणवत्ता बेहतर बनाने और मूड में सुधार करने में मदद मिल सकती है। यह तकनीक जोड़ों पर अपेक्षाकृत कम दबाव डालती है, इसलिए कई लोगों के लिए इसे अपनाना आसान होता है। शुरुआत करने वालों को पहले 3 से 5 मिनट वार्म-अप करना चाहिए, फिर तेज और धीमी चाल के इंटरवल अपनाने चाहिए और अंत में 3-5 मिनट कूल-डाउन वॉक करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी चिकित्सा विशेषज्ञों के अध्ययनों, सामान्य फिटनेस गाइडलाइंस और डॉ. सौरभ सेठी के वैज्ञानिक तर्कों पर आधारित है। वजन घटाना और फिटनेस एक व्यक्तिगत प्रक्रिया है जो आपकी डाइट, उम्र और शारीरिक क्षमता पर निर्भर करती है। जापानी इंटरवल वॉकिंग और 10,000 कदम चलना दोनों ही सेहत के लिए बेहतरीन हैं। हालांकि, यदि आप घुटनों या जोड़ों के दर्द, रीढ़ की हड्डी की समस्या, दिल की बीमारी या किसी अन्य गंभीर चिकित्सीय स्थिति से जूझ रहे हैं, तो किसी भी नई वॉकिंग तकनीक या एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श जरूर लें। जनसत्ता इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है।