खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड और पानी की कमी के कारण आजकल पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे- कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच हर दूसरे व्यक्ति की परेशानी बन चुकी हैं। जब पेट साफ नहीं होता, तो इसका सीधा असर हमारे मूड, एनर्जी और पाचन तंत्र (Gut Health) पर पड़ता है। पेट की इन तमाम परेशानियों से राहत पाने के लिए भारतीय घरों में सालों से एक पारंपरिक नुस्खा इस्तेमाल होता आ रहा है ‘इसबगोल’ (Psyllium Husk)। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से खाया गया इसबगोल आपके पेट का संतुलन और बिगाड़ भी सकता है? कब्ज का इलाज करने वाला इसबगोल कब्ज को बढ़ा भी सकता है।
अक्सर लोग इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि कब्ज में इसे गर्म दूध के साथ खाएं या दस्त (Diarrhea) और एसिडिटी में दही के साथ? क्या इसे रात को सोने से पहले खाना सही है या सुबह खाली पेट? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर विनोद शर्मा ने बताया ईसबगोल की भूसी का इस्तेमाल लोग कब्ज और लूज मोशन, दोनों स्थितियों में करते हैं। घुलनशील फाइबर से भरपूर इसबगोल को आयुर्वेद से लेकर आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस तक में आंतों की सफाई और पाचन सुधारने के लिए बेहद कारगर माना गया है। लेकिन अक्सर लोग ये नहीं जानते कि कब्ज का इलाज करने में इसबगोल का सेवन कैसे किया जाए और लूज मोशन का इलाज करने के लिए इसबगोल का सेवन कैसे किया जाएं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इसबगोल कैसे पेट के लिए अमृत है और इसका सेवन कब और कैसे करें।
कब्ज को दूर करने में कैसे मदद करता है ईसबगोल?
ईसबगोल की भूसी में घुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होती है। यह पानी को सोखकर आंतों में जेल जैसी संरचना बनाता है, जिससे मल में पानी और मात्रा बढ़ती है। इससे मल नरम और आसानी से बाहर निकलने योग्य हो सकता है। ईसबगोल आंतों की गति को भी नॉर्मल रखने में मदद करता है, इसलिए नियमित रूप से होने वाली कब्ज में यह उपयोगी हो सकता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक इसे लेते समय पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, वरना कब्ज और बढ़ सकता है।
कब्ज को दूर करने के लिए कैसे और कब करें इसबगोल का सेवन?
कब्ज की समस्या होने पर रात को सोने से करीब आधे घंटे पहले एक गिलास गुनगुने दूध या पानी में 1 से 2 चम्मच ईसबगोल की भूसी मिलाकर पी लें। इसे लेने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। आप रात में इसका सेवन गुनगुने दूध के साथ मिक्स करके करें तो सुबह उठते ही आपका पेट साफ हो जाएगा और कब्ज से निजात मिलेगी।
इसबगोल का सेवन कैसे लूज मोशन को कंट्रोल करता है?
कब्ज का इलाज करने वाला इसबगोल लूज मोशन को भी कंट्रोल करता है। लूज मोशन के दौरान यह अतिरिक्त पानी को बांधने में मदद कर सकता है, जिससे मल में पानी की मात्रा कम होकर उसकी बनावट बेहतर और अधिक ठोस हो सकती है। साथ ही, यह मल को एक साथ बांधने में मदद करता है और आंतों की गति को नॉर्मल करने में भी मददगार साबित होता है।
लूज मोशन होने पर इसबगोल का सेवन कैसे करें
डॉक्टर विनोद ने बताया अगर आप इसबगोल का सेवन लूज मोशन को कंट्रोल करने के लिए करते हैं तो आप दिन में 2 से 3 बार एक कटोरी दही में 1 से 2 चम्मच ईसबगोल मिलाकर खा सकते हैं। इस तरह से लूज मोशन में जल्दी राहत मिल सकती है।
इसबगोल खाने से सेहत को कौन कौन से होते हैं फायदे
इसबगोल का सेवन करने से न सिर्फ गट हेल्थ में सुधार होता है बल्कि दिल की सेहत भी दुरुस्त रहती है। ये हर्ब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है और दिल को हेल्दी रखने में मदद करता है। ईसबगोल पाचन तंत्र और नियमित बाउल मूवमेंट को सपोर्ट करने के साथ पेट भरे होने का एहसास भी बढ़ा सकता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसका सेवन पर्याप्त पानी के साथ करना जरूरी है।
ये हर्ब ब्लड शुगर मैनेजमेंट में भी मददगार साबित होता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर भोजन के पाचन और ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर सकता है, जिससे खाने के बाद ब्लड शुगर में तेज बढ़ोतरी नहीं होती। ये पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है, जिससे बार-बार खाने या अनहेल्दी स्नैकिंग की इच्छा कम हो सकती है। नियमित रूप से पर्याप्त फाइबर लेने से आंतों की सामान्य गतिविधि को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: ईसबगोल के फायदे व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और सेवन की मात्रा पर निर्भर कर सकते हैं। इसे पर्याप्त पानी के साथ ही लें। लंबे समय से कब्ज, लगातार दस्त, पेट दर्द, उल्टी या मल में खून आने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें। डायबिटीज या अन्य बीमारी से पीड़ित और नियमित दवाएं लेने वाले लोग इसबगोल का सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें।
