गॉल ब्लैडर (Gallbladder) यानी पित्ताशय लिवर के नीचे मौजूद एक छोटा, नाशपाती के आकार का अंग है जिसका काम लिवर द्वारा बनाए गए पित्त को जमा करना और जरूरत पड़ने पर उसे छोटी आंत में छोड़ना है। ज्यादा ऑयली फूड का सेवन गॉल ब्लैडर को सिकुड़कर पित्त को छोटी आंत में भेजता है। पित्त फैट को पचाने और शरीर में उसके पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है। सबसे आम समस्या गॉल स्टोन यानी पित्त की पथरी है। इसके अलावा गॉल ब्लैडर में सूजन (Cholecystitis), संक्रमण और कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर पथरी या सूजन की वजह से बार-बार दर्द, संक्रमण या दूसरी जटिलताएं होने लगे, तो डॉक्टर गॉल ब्लैडर निकालने की सर्जरी (Cholecystectomy) की सलाह दे सकते हैं।

कई लोगों को लगता है कि सर्जरी के बाद पेट में गैस, एसिडिटी, भारीपन या अपच की समस्या बढ़ जाती है?  मारेंगो एशिया हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमित मित्तल ने जनसत्ता से बातचीत में बताया गॉलब्लैडर निकालने की सलाह डॉक्टर स्टोन होने के साथ अगर मरीज को दाहिने ऊपरी पेट में दर्द, बुखार और उल्टी जैसी परेशानी होने पर देते हैं। डॉक्टर अमित ने बताया  खासकर जब स्टोन की वजह से बार-बार लक्षण या जटिलताएं हो रही हों, तब सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

गॉल ब्लैडर निकालने के बाद क्या ब्लोटिंग और गैस होती है?

गॉलब्लैडर हटाने के बाद कुछ लोगों में एसिडिटी, हल्का पेट दर्द या पेट फूलने (abdominal distension) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन लक्षणों को पोस्ट-चोलेसिस्टेक्टॉमी सिंड्रोम के संदर्भ में देखा जाता है। डॉक्टर के अनुसार यह समस्या सभी मरीजों में नहीं होती और कई मामलों में लक्षण हल्के होते हैं।

गॉल ब्लैडर सर्जरी के बाद कौन-सी परेशानियां होना नॉर्मल है ?

गॉल ब्लैडर सर्जरी के बाद कुछ समय के लिए मरीज को ये समस्याएं हो सकती हैं जैसे

  • पेट में हल्का दर्द या सर्जरी वाली जगह पर soreness
  • थकान
  • गैस और पेट फूलना
  • ढीला मल या दस्त
  • तला-भुना और ज्यादा फैट वाला खाना पचाने में परेशानी
  • खाने के बाद पेट में असहजता महसूस होने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

किन मरीजों में बिना लक्षण के भी सर्जरी करने की दी जाती है सलाह है?

डॉक्टर अमित ने बताया कुछ विशेष परिस्थितियों में गाल ब्लैडर में स्टोन होने पर लक्षण न होने के बावजूद सर्जरी पर विचार किया जाता है। इनमें अनकंट्रोल्ड डायबिटीज, छोटे बच्चे, हेमोलीटिक एनीमिया और 3 सेंटीमीटर से बड़े गॉलब्लैडर स्टोन शामिल हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में सर्जरी का निर्णय मरीज की पूरी स्थिति और डॉक्टर की सलाह के आधार पर लिया जाता है। डॉक्टर ने बताया कि 3 सेंटीमीटर से बड़े गॉलब्लैडर स्टोन को लंबे समय तक छोड़ने पर कैंसर जैसी गंभीर जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा स्टोन बाइल डक्ट में जाकर पीलिया या पैन्क्रियाटाइटिस जैसी समस्या भी पैदा कर सकता है।

गॉलब्लैडर निकालने के बाद एसिडिटी और अपच होती है?

गॉलब्लैडर निकालने के बाद एसिडिटी या खाना न पचने जैसी समस्या को सीधे सर्जरी से जोड़ना सही नहीं है। अगर किसी मरीज को सर्जरी से पहले ही अल्सर, गैस या पाचन संबंधी समस्या थी, तो वह समस्या सर्जरी के बाद भी बनी रह सकती है। कुछ लोगों में हल्की एसिडिटी हो सकती है, जिसे आमतौर पर मैनेज किया जा सकता है।

क्या गाल ब्लैडर निकालने के बाद बार-बार टॉयलेट आता है?

डॉक्टर के अनुसार गॉलब्लैडर हटाने के बाद हर व्यक्ति को बार-बार मोशन या टॉयलेट आने की समस्या नहीं होती। अगर मरीज को पहले से कब्ज, अल्सर या पाचन संबंधी परेशानी है, तो वह समस्या सर्जरी के बाद भी जारी रह सकती है और मरीज उसे गॉलब्लैडर हटाने से जोड़ सकता है।

क्या गाल ब्लैडर निकालने के बाद बाइल जूस बनना बंद हो जाता है?

यह एक आम गलतफहमी है कि बाइल गॉलब्लैडर में बनता है। बाइल का निर्माण लिवर में होता है, जबकि गॉलब्लैडर उसे स्टोर करता है। इसलिए गॉलब्लैडर निकालने के बाद भी शरीर में बाइल बनता रहता है और पाचन प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं होती।

क्या गाल ब्लैडर निकालने के बाद सामान्य जिंदगी जी सकते हैं?

 गॉलब्लैडर निकालने के बाद भी मरीज नॉर्मल लाइफ जी सकता है। अगर सर्जरी अच्छी तरह से हुई है और कोई जटिलता नहीं हुई है, तो व्यक्ति गाल ब्लैडर के बिना सामान्य जिंदगी जी सकता है। गॉलब्लैडर ऐसा अंग नहीं है जिसके बिना सामान्य जीवन संभव न हो।

गॉलब्लैडर निकालने के बाद कैसी डाइट लेना जरूरी?

सर्जरी के बाद डॉक्टर ने लो-फैट डाइट लेने की सलाह दी। खासकर शुरुआत में बहुत अधिक तला-भुना और फैट वाला खाना कम रखना बेहतर होता है। डाइट में अन्य बदलाव मरीज की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार किए जा सकते हैं।

सर्जरी के बाद बुखार या पीलिया हो तो क्या करें?

गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद बुखार, बढ़ता हुआ पेट दर्द या पीलिया सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे बाइल डक्ट में स्टोन फंसना या सर्जरी से जुड़ी कोई जटिलता हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करके जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच करानी चाहिए।

सर्जरी के कितने दिन बाद काम पर लौट सकते हैं?

आजकल ज्यादातर गाल ब्लैडर सर्जरी लेप्रोस्कोपिक तरीके से की जाती है। डॉक्टर के अनुसार बिना किसी जटिलता के कुछ मरीज लगभग 4-5 दिन बाद काम पर लौट सकते हैं। अगर ड्रेन लगाई गई हो या कोई अन्य जटिलता हुई हो, तो रिकवरी में अधिक समय लग सकता है।

सर्जरी के बाद एक्सरसाइज कब शुरू करें?

सर्जरी के शुरुआती दिनों में पर्याप्त आराम करना जरूरी है। इसके बाद धीरे-धीरे शरीर की गतिविधि बढ़ाई जा सकती है। हल्की वॉक सामान्य तौर पर की जा सकती है, लेकिन शुरुआती दिनों में भारी वजन उठाने या बहुत ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज से बचना चाहिए। टांकों या दर्द से जुड़ी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार गतिविधियां बढ़ानी चाहिए।

डिस्क्लेमर: गॉल ब्लैडर सर्जरी के बाद गैस, एसिडिटी, अपच या पेट फूलने जैसी समस्याएं कुछ लोगों में हो सकती हैं, लेकिन इनके अन्य कारण भी हो सकते हैं। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर खुद से इलाज करने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या सर्जन से सलाह लें।