मछली (Fish) को प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे बेहतरीन सोर्स माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर मछली आपके दिल, दिमाग और सेहत के लिए एक जैसी फायदेमंद नहीं होती। कुछ मछलियां जहां नसों की ब्लॉकेज खोलती हैं, वहीं कुछ मछलियों की वैरायटी ऐसी भी हैं जिनमें मरकरी यानी पारा की मात्रा ज्यादा होती है जो हमारे नर्वस सिस्टम को डाउन कर सकती हैं। Agrawal Super speciality Clinic में कंसल्टेंट, कार्डियोलोजिस्ट डॉक्टर नवीन अग्रवाल ने बताया आप अपनी हेल्दी डाइट में मछली की कुछ खास किस्में जैसे सैल्मन,मैकेरल,टूना और सार्डिन मछली का सेवन करें भरपूर ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलेगा और ब्रेन की हेल्थ में सुधार होगा।
USFDA की रिसर्च के अनुसार, समुद्र की गहरी और बड़ी मछलियों में मिथाइल मरकरी (Methylmercury) का स्तर बहुत ज्यादा होता है, इसका ज्यादा सेवन करने से याददाश्त कमजोर होती है और नसों की बीमारी हो सकती है। इतना ही नहीं इन बड़ी मछलियों का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं के भ्रूण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
मेडिकल साइंस के अनुसार, ओमेगा-3 का पूरा फायदा लेने के लिए एक वयस्क को हफ्ते में 2 बार लगभग 150-200 ग्राम फैटी फिश खाना चाहिए लेकिन उसकी सही क्वालिटी का ध्यान रखते हुए ही उसका सेवन करना चाहिए। आइए रिसर्च से समझते हैं कि कौन-कौन सी मछली का सेवन करने से बॉडी को ओमेगा-3 फैटी एसिड और ज्यादा पोषण मिलता है।
इन खास मछलियों का करें सेवन
अगर आप मछली से ओमेगा-3 फैटी एसिड हासिल करना चाहते हैं तो आप साल्मन (Salmon), मैकेरल (Mackerel), सार्डिन (Sardines) और टूना (Tuna) मछली का सेवन करें। मछली की इन किस्मों में EPA और DHA मौजूद होता है जो ओमेगा-3 का सक्रिय रूप है। American Heart Association के अनुसार ये मछलियां खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करती हैं और हार्ट अटैक के खतरे को 30% तक कम करती हैं। कोड (Cod), रोहू (Rohu), कतला (Catla), और पॉम्फ्रेट (Pomfret)ऐसी लीन फिश हैं जिसमें हाई प्रोटीन, लो फैट होता है। इनमें कैलोरी और फैट बहुत कम होता है, लेकिन लीन प्रोटीन कूट-कूट कर भरा होता है। यह वजन घटाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए बेस्ट हैं, हालांकि इनमें ओमेगा-3 फैटी फिश की तुलना में थोड़ा कम होता है।
हाई मकर फिश से करें परहेज
हाई-मरकरी फिश जैसे किंग मैकेरल (King Mackerel), शार्क (Shark), और सोर्ड फिश (Swordfish) ऐसी मछलियां हैं जिसमें पारा ज्यादा होता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों को इनके सेवन से बचने या सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है। USFDA की रिसर्च के अनुसार इन मछलियों में मौजूद मिथाइलमर्करी (Methylmercury) का हाई स्तर याददाश्त कमजोर करता है, नसों की बीमारी और गर्भवती महिलाओं के भ्रूण को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
डिस्क्लेमर:यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों (US FDA), अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के शोधों और पोषण विशेषज्ञों की सामान्य गाइड लाइन पर आधारित है। मछली ओमेगा-3 और प्रोटीन का एक उत्कृष्ट प्राकृतिक स्रोत है, जो दिल और दिमाग को दुरुस्त रखता है। हालांकि, यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, या आपको गंभीर लिवर या किडनी की बीमारी है, तो अपनी डाइट में हाई-मरकरी मछलियों को पूरी तरह कंट्रोल करें। डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित क्लीनिकल डाइटिशियन से परामर्श जरूर लें।
