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भारत Corona Virus के मामले में 17वें रैंक पर है, नए शोध में सामने आई ये बात

Corona Virus Research, New Study, Symptoms, Prevention, Cause: चीन के वुहान से फैला कोरोना वायरस का खौफ अब पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इसी बीच नए शोध से पता चला है कि किन देशों के लिए कोरोना वायरस है ज्यादा खतरनाक

भारत कोरोना वायरस के अतिसंवेदनशील देशों में है इस स्थान पर, नए शोध में सामने आई ये बात

Corona Virus Research, Outbreak, Prevention, Symptoms, Cause: चीन के वुहान शहर से फैले खतरनाक कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में जारी है। अकेले चीन में ही इस वायरस से पीड़ित लगभग 800 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सभी देशों ने देशवासियों को चीन व आसपास के इलाके में यात्रा न करने की एडवाइजरी जारी कर दी है। वहीं, हाल में हुए एक शोध से इस बात का खुलासा हुआ है कि कोरोना वायरस के केस के सबसे ज्यादा फैलने वाले देशों की सूची में भारत 17वें रैंक पर है। ग्लोबल इम्पोर्ट रिस्क एसेसमेंट मॉडल ने अपने अध्ययन में यह पाया है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर है सबसे अधिक खतरा: हिन्दुस्तान की एक खबर के अनुसार बर्लिन के हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी और रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स एक मॉडल तैयार किया है जिससे एयर ट्रांसपोर्टेशन पैटर्न का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा सके कि खतरनाक कोरोना वायरस को लेकर (चीन को छोड़कर) कौन से 30 देश सबसे ज्यादा जोखिम में है। मॉडल से यह पता चलता है कि चीन को छोड़कर थाईलैंड, जापान, साउथ कोरिया में सबसे ज्यादा यह बीमारी फैली है। भारत में दिल्ली एयरपोर्ट सबसे ज्यादा इससे प्रभावित है, जबकि उसके बाद मुंबई और कोलकाता है।

तीनों मरीजों की हालत बेहतर: रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने केरल के तीनों ही कोरोना वायरस के मरीजों की स्थिति स्थिर बताई है। हालांकि, ये तीनों ही मरीज अगले 28 दिनों तक डॉक्टर्स की निगरानी में रहेंगे। बता दें कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के लैब में अब तक 1,486 टेस्ट सैम्पल्स के जांच किए जा चुके हैं जिनमें से केरल के 3 लोगों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया था।

कोरोना वायरस को मिला नया नाम: रिपोर्ट की मानें तो इसी बीच चीन ने कोरोना वायरस के नए नाम की घोषणा की है। इसे अब नोवेल कोरोनावायरस निमोनिया (एनसीपी) के नाम से जाना जाएगा। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को इस नए नाम का ऐलान किया। आयोग के अनुसार जब तक इस नए वायरस को कोई स्थायी नाम दिया जाता तब तक चीन में सरकारी विभागों और संस्थानों द्वारा इसी नाम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

कोई भी नए वायरस का नाम इंटरनेशनल कमेटी ऑफ टैक्सोनॉमी ऑफ वायरस द्वारा रखा जाता है। साइंटिफिक जर्नल और कमिटी को एक नाम दिया गया है। कुछ दिनों में इसके नए नाम को घोषित किए जाने की उम्मीद है।

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