कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। अक्सर इसे मौत से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि समय पर जांच, सही इलाज और जागरूकता से कई प्रकार के कैंसर का सफल उपचार संभव है। कैंसर किसी भी तरह का हो इसके लिए खराब डाइट,बिगड़ता लाइफस्टाइल और तनाव जिम्मेदार होता है। इस बीमारी के लिए जेनेटिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और हानिकारक तत्वों से लड़ने के लिए सही पोषण जरूरी है।
मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी जो आंतों के स्वास्थ्य और पाचन तंत्र के एक्सपर्ट हैं। उन्होंने एम्स (AIIMS) से पढ़ाई की है और स्टैनफोर्ड व हार्वर्ड से उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट में 5 ऐसे फूड्स के बारे में बताया है जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव कर सकते हैं। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड्स है जिनमें एंटीकैंसर गुण मौजूद हैं।
पर्पल शकरकंद
पर्पल शकरकंद कैंसर-रोधी डाइट में बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं, क्योंकि इनमें एंथोसायनिन्स (Anthocyanins) नामक एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मौजूद होता है जो सूजन और कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाव करता है। Journal of Cancer Prevention में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक ये एंथोसायनिन कैंसर कोशिकाओं के डीएनए (DNA) को नुकसान से बचाते हैं और स्वस्थ कोशिकाओं के Mutation को रोकते हैं।
Kansas State University की एक रिपोर्ट के मुताबिक बैंगनी शकरकंद का सेवन करने से कोलन कैंसर के ट्यूमर के बढ़ने की गति काफी धीमी होती है। डॉक्टर के अनुसार लैब स्टडीज बताती हैं कि ये सब्जी कोलन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को धीमा करने में मदद कर सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया जितनी ज्यादा गहरे रंग की शकरकंद होगी उतने ज्यादा फायदेमंद होगी।
ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रीन्स खाएं
ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रीन्स को कैंसर से बचाव के लिए सुपर फूड माना जाता है। सौरभ ने बताया इनमें सल्फोराफेन (Sulforaphane) प्रचुर मात्रा में होता है जो शरीर को डिटॉक्स करता है। ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रीन्स पर हुई वैज्ञानिक रिसर्च यह साबित करती है कि ये न केवल साधारण सब्जियां हैं, बल्कि कैंसर विरोधी दवाओं के प्राकृतिक विकल्प की तरह काम करती हैं। Molecular Nutrition & Food Research में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक सल्फोराफेन कैंसर कोशिकाओं के विभाजन को रोकने में असरदार साबित होता है। ये खासतौर पर ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर की स्टेम सेल्स को निशाना बनाती है, जिससे कैंसर के दोबारा होने का खतरा कम हो जाता है।
कीवी भी कैंसर से करती है बचाव
कीवी विटामिन C, फाइबर और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होती है। ये फल न केवल कोशिकाओं को शुरुआती नुकसान से बचाता है, बल्कि शरीर के डीएनए रिपेयर क्षमता को भी सक्रिय करता है। कीवी का सेवन करने से पाचन दुरुस्त रहता है और आंतों की सेहत में सुधार होता है। Nutrition and Cancer जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक कीवी का सेवन करने वाले लोगों की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव डैमेज काफी कम होता है। कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स न केवल डीएनए को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं, बल्कि क्षतिग्रस्त डीएनए की मरम्मत करने की क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
ग्रीन टी पिएं
ग्रीन टी में एपिग्लो कैटेचिन-3-गैलेट (EGCG) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो ट्यूमर से बचाव करता है। इसके नियमित सेवन से भविष्य में कैंसर का जोखिम कम होता है।
बीन्स खाएं
बीन्स प्रोटीन और हाई फाइबर दोनों का अच्छा स्रोत हैं, जो कई स्तरों पर बॉडी की हिफाजत करता है। आधा कप बीन्स में लगभग 7–8 ग्राम फाइबर होता है। जबकि अधिकांश वयस्कों को रोजाना 25–38 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है, लेकिन बींस का कम सेवन ही हमारी दैनिक जरूरत को आसानी से पूरा कर देता है। ज्यादा फाइबर का सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को कम करता है। बीन्स का सेवन करने से गट माइक्रोबायोम को पोषण मिलता है और कोलन हेल्दी रहती है।
डिस्क्लेमर:
इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
