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सर्दियों में ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल में, बाबा रामदेव ने 7 दिन में डायबिटीज पर लगाम लगाने को दिये ये टिप्स

Baba Ramdev Yoga Asanas for Diabetes: वक्रासन भी टाइप 1 डायबिटीज दूर करने में मददगार है। इस योग को करने से लिवर, किडनी, कैंसर और पेट की परेशानी दूर होती है।

मंडूकासन 5 मिनट करने से ब्लड शुगर काबू करने के अलावा, फैटी लिवर, गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है

Yoga Asanas to Control Diabetes: स्वस्थ रहने के लिए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी होता है। खराब जीवन-शैली और अनहेल्दी खानपान के कारण लोगों के ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा, कार्यक्षेत्र व निजी जीवन में होने वाला स्ट्रेस भी हाई ब्लड शुगर का एक अहम कारण माना जाता है। शरीर में रक्त शर्करा का स्तर अनियमित होने से डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। डायबिटीज न केवल एक घातक बीमारी होती है, बल्कि इसके प्रभाव से शरीर कमजोर हो जाता है और दूसरी बीमारियों की चपेट में भी आ जाता है। बताया जाता है कि लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने पर आंखों, किडनी, दिल और नसों पर गहरा असर पड़ सकता है।

बाबा रामदेव के मुताबिक कुछ योगासन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में कारगर हैं जिससे डायबिटीज का खतरा भी कम हो सकता है। आइए जानते हैं –

बाबा रामदेव के अनुसार कपालभाति और मंडूकासन करने से डायबिटीज पर काबू पाया जा सकता है। कपालभाति से बीटा सेल्स एक्टिवेट होते हैं और री-जनरेट होते हैं। मंडूकासन 5 मिनट करने से ब्लड शुगर काबू करने के अलावा, फैटी लिवर, गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है। उनके मुताबिक इस योगासन को करने से पैन्क्रियाज़ खुद ब खुद इंसुलिन रिलीज करता है। बता दें कि इससे बच्चों में डायबिटीज टाइप 1 का खतरा कम होता है। गोमुखासन, लोकासन, उत्तानपादासन, नौकासन, सेतुबंधासन और ताड़ासन जैसे योग अभ्यासों को 5-5 मिनट करना चाहिए।

इसके अलावा, शशकासन भी रक्त में शर्करा का स्तर कंट्रोल होता है। ये योगासन गुस्से पर काबू और मूड स्विंग्स दूर करता है। वहीं, वक्रासन भी टाइप 1 डायबिटीज दूर करने में मददगार है। इस योग को करने से लिवर, किडनी, कैंसर और पेट की परेशानी दूर होती है।

वहीं, डायबिटीज पर काबू पाने के लिए बाबा रामदेव खीरा, करेला, टमाटर, थोड़ा गिलोय और चिरैता को मिलाकर बनाया गया जूस भी पीने की सलाह देते हैं।

डायबिटिक केयर आटे की रोटी जिसमें गेहूं, जौ, चना, जवार, बाजरा, मसूर, मूंग, हरी मटर, रागी, ओट्स, अरहर, मोठ, कुलथी और राजमा को सूखाकर बनाया जाता है। फाइबर युक्त सब्जियां, करेला, खीरा और टमाटर से बने जूस का 5 से 6 बार जूस पीयें।

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