Karwa Chauth 2021 Fast Rules, Tips: गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी? जानें

Karwa Chauth 2021 Fast Rules, Tips, Vrat Vidhi, Procedure: वैसे तो करवा चौथ का व्रत निर्जल ही किया जाता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को यह उपवास निर्जल नहीं करना चाहिए। उन्हें नियमित अंतराल पर जल ग्रहण करते रहना चाहिए।

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करवा चौथ में गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान

Karwa Chauth 2019 Fast Rules, Tips, Vrat Vidhi, Procedure: हिंदू धर्म में कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को हर सुहागिन महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। देश के साथ-साथ पूरी दुनिया में हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग बड़ी ही धूमधाम से इस त्योहार को मनाते हैं। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के साथ ही सुखी गृहस्थ जीवन की भी प्रार्थना करती हैं। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं फिर रात में चांद दिखने के बाद अपने पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत पारण करती हैं। इस दिन गर्भवती महिलाएं भी अपने पति की मंगलकामना के लिए उपवास करती हैं। ऐसे में उन्हें अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

करवा चौथ के दिन महिलाएं पूरे दिन भूखी-प्यासी रहती हैं, ऐसे में अगर जो महिलाएं गर्भावस्था में करवा चौथ का व्रत कर रही हैं, उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है या फिर उन्हें चक्कर आ सकते हैं। करवा चौथ के व्रत में महिलाएं पानी की एक बूंद तक नहीं पी सकतीं, ऐसे में गर्भवती महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे बच्चे को सांस लेने में तकलीफ समेत कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

गर्भवती महिलाएं अपनी शारिरिक क्षमता के अनुसार उपवास रखने और ना रखने का फैसला लेती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर डॉक्टर महिलाओं को व्रत ना रखने की सलाह देते हैं। लेकिन अगर आप फिर भी करवा चौथ का व्रत करना चाहती हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें-

दूध: गर्भवती महिलाओं को सरगी में ऐसा भोजन लेना चाहिए, जिसके सेवन से भूख जल्दी ना लगे। आप चाहें तो रोस्टेड ड्र्राई फ्रूट्स का सेवन भी कर सकती हैं। इसके अलावा भोजन के बाद एक बड़ा गिलास दूध जरूर लें। क्योंकि दूध में मौजूद पोषक तत्व प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बेहद ही फायदेमंद होते हैं।

निर्जल व्रत ना रखें: वैसे तो करवा चौथ का व्रत निर्जल ही किया जाता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को यह उपवास निर्जल नहीं करना चाहिए। उन्हें नियमित अंतराल पर जल ग्रहण करना चाहिए। क्योंकि भोजन ना करने से बीपी की समस्या हो सकती है, जो शिशु के लिए बेहद ही नुकसानदायक साबित होता है।

फलों का सेवन: गर्भवती महिलाओं को उपवास के दौरान बीच-बीच में फलों का सेवन भी करना चाहिए। क्योंकि इससे मां और शिशु के शरीर में ग्लूकोज और अन्य आवश्यक तत्वों की कमी नहीं हो सकती है।

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