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सोते-सोते बिस्तर गिला करते हैं बच्चे तो हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये वजह, पढ़ें काम के टिप्स

पेशाब में प्रोटीन का जाना, खून में प्रोटीन की मात्रा में कमी, हाई कोलेस्ट्रॉल और शरीर में सूजन इस बीमारी की वजहों में शामिल हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने बच्चों के बिस्तर गिला करने से परेशान हैं। हालांकि छोटे बच्चों के साथ यह आम बात है लेकिन उम्र के साथ यह आदत छूट जानी चाहिए। जबकि बहुत से बच्चे बड़े होने के बाद भी जल्दी से इस आदत को नहीं छोड़ पाते और नींद में बिस्तर पर ही पेशाब कर देते हैं। दरअसल, इसके पीछे नेफ्रोटिक सिन्ड्रोम और वीयूआरए यूटीआई जैसे किडनी संबंधी रोग की वजह से हो सकते हैं।

किडनी रोग के लक्षण: चेहरे में सूजन, भूख में कमी, मितली, उल्टी, उच्च रक्तचाप, पेशाब संबंधित शिकायतें, पेशाब में झाग आना, रक्त अल्पता, कमजोरी, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, शरीर में दर्द, खुजली और पैरों में ऐंठन जैसी समस्याएं किडनी संबंधी रोग के लक्षण हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो जिन बच्चों का शारीरिक विकास देर से होता है, छोटा कद और पैर की हडिड्यों का झुकी हुई होती हैं, उन्हें किडनी संबंधी रोग होने के ज्यादा चांस होते हैं।

किडनी संबंधी रोग नेफ्रोटिक सिन्ड्रोम और वीयूआर की वजह: पेशाब में प्रोटीन का जाना, खून में प्रोटीन की मात्रा में कमी, हाई कोलेस्ट्रॉल और शरीर में सूजन इस बीमारी की वजहों में शामिल हैं। हालांकि किडनी के नेफ्रोटिक सिन्ड्रोम की वजह से किसी भी उम्र में शरीर में सूजन हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह रोग बच्चों में देखा जाता है।

वीयूआर की वजह: बुखार की वजह से वीयूआर की समस्या हो सकती है। दरअसल, फिजिशियन बुखार कम करने के लिए एंटीबायोटिक देते हैं लेकिन वीयूआर धीरे-धीरे ऑर्गन को डैमेज करता रहता है। वीयूआर पीड़ित बड़े बच्चे भी बिस्तर खराब कर देते हैं। ऐसे बच्चों में वेसिको यूरेटेरिक रिफ्लक्स बीमारी होने का अंदेशा रहता है। यह वह रोग है, जिसमें (वाइल यूरिनेटिंग) यूरिन वापस किडनी में आ जाती है।

इन उपायों से हो सकता है फायदा

– सोने से पहले बच्चे को पेशाब करने के लिए प्रोत्साहित करें।
– बिस्तर पर जाने से दो घंटे पहले तक भी पीने वाली चीजें न दें। जैसे चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स देने से परहेज करें।
– अधिक मात्रा में कैफीन वाली चीजें देने से परहेज करें।
– किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें।

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