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यूरिक एसिड कंट्रोल करना है तो पीयें इस साग का जूस, दूर होगी गठिया की परेशानी

Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड का स्तर जब अनियमित हो जाता है तो इससे लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है

Uric Acid, uric acid symptoms, high uric acid problem, arthritis, how to check uric acid in body, uric acid causes, uric acid remedyआप चाहें तो बथुआ के पत्तों का साग बनाकर भी खा सकते हैं, लेकिन इसके पत्तों से बना जूस अधिक फायदेमंद होगा

Uric Acid Home Remedies: प्यूरीन नामक प्रोटीन की अधिकता के कारण शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। ये प्रोटीन हमारे शरीर में खुद-ब-खुद तो बनते ही हैं, साथ में कुछ फूड आइटम्स में भी मौजूद होते हैं। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, गाउट और सूजन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर ब्लड के जरिये यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में ये एसिड होने पर किडनी भी सुचारू रूप से फिल्टर करने में असक्षम हो जाती है जिससे टॉक्सिक मेटीरियल्स शरीर में ही रह जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि डाइट में उन फूड आइटम्स को शामिल किया जाए जिससे ये कंट्रोल हो सके। इसके लिए आप बथुआ साग का सेवन भी कर सकते हैं –

क्या हैं बथुआ साग के फायदे: बथुआ साग के सेवन से किडनी को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। किडनी में स्टोन हो जाने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ बथुआ खाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी बथुआ फायदेमंद माना जाता है। वहीं, कई तरह की स्किन डिजीज से निजात पाने के लिए भी इसका सेवन कारगर साबित होता है। बथुआ में आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो शरीर में ब्लड के स्तर को पर्याप्त बनाए रखने में मदद करता है।

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार: बथुआ साग यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। इससे शरीर में मौजूद टॉक्सिक पदार्थ भी आसानी से बाहर निकल जाते हैं। हाई यूरिक एसिड के कारण होने वाली बीमारी गठिया के मरीजों के लिए भी इस साग का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा, खून साफ करने में भी बथुआ का सेवन कारगर है। हालांकि, इसका सेवन नियमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि ज्यादा खा लेने से दस्त की परेशानी हो सकती है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बथुआ न खाने की सलाह दी जाती है।

कैसे करें सेवन: आप चाहें तो बथुआ के पत्तों का साग बनाकर भी खा सकते हैं, लेकिन इसके पत्तों से बना जूस अधिक फायदेमंद होगा। यूरिक एसिड बढ़ने के कारण अगर आपको पेसाब करने के दौरान जलन महसूस हो तो उससे निजात पाने के लिए 3 कप पानी में इस साग के पत्तों को उबालें। फिर ठंडा होने पर, नींबू का रस, जीरा पाउडर, सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर मिलाकर मिक्सी में पीस दें। अब इस जूस का सेवन करें। वहीं, जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए 10 ग्राम बथुआ के बीज लें और करीब 200 मि.ली. पानी में तब तक उबालें, जब तक पानी आधा न हो जाए। दिन में दो बार इसका सेवन करें।

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