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कोलेस्ट्रॉल रहता है High तो ये 5 गलतियां बना सकती हैं आपको बीपी और डायबिटीज का मरीज, जानिये

Tips to control Cholestrol: आमतौर पर किसी भी उम्र के स्त्री-पुरुष में कोलेस्ट्रॉल का स्तर 200 एमजी/डीएल से नीचे होना चाहिए

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Tips to control Cholestrol: कोलेस्ट्रॉल को लेकर लोगों के मन में उलझन अक्सर देखने को मिलती है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि कोलेस्ट्रॉल का होना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, ये पूरी तरह से सच नहीं है। कोलेस्ट्रॉल एक केमिकल कंपाउंड है जो सेल्स के निर्माण और हार्मोन्स के लिए जरूरी होता है। शरीर में दो तरह के कोलेस्टरॉल पाए जाते हैं- बैड कोलेस्ट्रॉल और गुड कोलेस्ट्रॉल। गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर में से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में भी मददगार होता है। लेकिन शरीर में लो डेंसिटी लिपोप्रोटींस यानि कि बैड कोलेस्ट्रॉल की अधिकता होने से आर्टरीज ब्लॉक हो जाती हैं जिससे गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के लिए इन गलत आदतों को छोड़ना जरूरी है-

हेल्थ चेकअप्स को नजरअंदाज: हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण आर्टरीज में ब्लड फ्लो ठीक से नहीं हो पाता जिससे उच्च रक्तचाप होने का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, डायबिटीज, अल्जाइमर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक व किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा भी उन लोगों को अधिक होता है जिनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक हो। एक मानक के तौर पर किसी भी उम्र के स्त्री-पुरुष में कोलेस्ट्रॉल का स्तर 200 एमजी/डीएल से नीचे होना चाहिए। आमतौर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ हर 4 साल पर हेल्दी लोगों को कोलेस्ट्रॉल संबंधी जांच कराने की सलाह देते हैं।

शारीरिक असक्रियता: फिजिकल इनैक्टिविटी के कारण कई लोग स्वास्थ्य परेशानियों से जूझते हैं। एक्सरसाइज करने से वजन घटाने में मदद मिलती है। बता दें कि मोटे लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल का ब्लड सेल्स में जाने का खतरा अधिक होता है जिसके कारण लोग हृदय रोग से पीड़ित हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना 30 से 45 मिनट वॉकिंग, जॉगिंग, योगा या फिर डांसिंग करना लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

जंक फूड का सेवन: वैसे खाद्य पदार्थ जिनमें हाई सैच्युरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो उन्हें अपनी डाइट में शामिल न करें। साथ ही, जिन फूड पैकेट्स पर पार्शियली हाइड्रोजेनेटेड ऑयल का इस्तेमाल हो उनसे भी परहेज करें।

स्मोकिंग व शराब का सेवन: धूम्रपान करने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है और ब्लड वेसल्स भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में लोगों को डायबिटीज व बीपी का खतरा बढ़ता है। वहीं, शराब के अत्यधिक सेवन से भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर और ब्लड में वसा की मात्रा बढ़ती है।

दवा खाने में लापरवाही: यदि आपको कोई बीमारी है, तो सुनिश्चित करें कि आप अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित दवाएं लें। अपने आप से दवाओं को बदलने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में गड़बड़ी हो सकती है और आपके ओवरॉल हेल्थ पर भी असर पड़ सकता है। दवाओं को स्किप करने से आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

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