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मॉनसून में हो जाए सर्दी जुकाम तो इन तीन चीजों से जरूर बचें

अक्सर लोग जुकाम में भी ठंडी चीजों को सेवन करते हैं जिस वजह से उन्हें ठीक होने में लंबा वक्त लग जाता है। ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, बीयर, ठंडा पानी, दही, चावल, केला और चॉकलेट।

मॉनसून के मौसम में अकसर सर्दी जुकाम हो सकता है, क्योंकि ये यह संक्रमण की वजह से होता है। जुकाम आमतौर पर 5 से 7 दिनों में अपने आप ही ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ लोगों के साथ समस्या होती है कि उनका जुकाम लंबे वक्त तक ठीक नहीं हो पाता। इसके अलावा सर्दी जुकाम होने पर सिरदर्द, गले में परेशानी, नाक बहना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह संक्रमित रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है लेकिन कुछ परहेज इस सर्दी जुकाम में राहत का काम करते हैं। आइए आज हम आपको ऐसी तीन बातों के बारे में बताते हैं जिन्हें अपनाकर सर्दी जुकाम की समस्या से बचा जा सकता है।

प्रदूषण और धूल वाली जगहों पर जाने से बचें: धूल, धुआं और प्रदूषण की वजह से संक्रमण तेजी फैलता है और फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। ऐसी जगहों पर जाने से सांस लेने में मुश्किल होती है। इसलिए उन जगहों से दूरी बनाए रखने की जरूरत हैं जिन जगहों पर आप सांस लेने में मुश्किल महसूस कर रहे हों। इसके अलावा यह बुद्धिमान है तो आप उन क्षेत्रों और स्थानों से बचें जहां आप जानते हैं कि आपको सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। सर्दी जुकाम में शराब न पीएं। डेरी उत्पाद का खाना तले हुए खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड फूड खाने से बचना चाहिए। सर्दी जुकाम होने पर भरपूर नींद लेने की कोशिश की जानी चाहिए। इस दौरान धूमपान, शराब, एंटीबायोटिक्स दवा लेने से परहेज करना चाहिए। बच्चों को अपने मन से दवा नहीं देनी चाहिए।

ठंडी चीजों से बचें: मॉनसून के मौसम में कभी गर्मी, कभी सर्दी या कभी उमस का वातावण रहता है। इसलिए इस मौसम में ठंडी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। अक्सर लोग जुकाम में भी ठंडी चीजों को सेवन करते हैं जिस वजह से उन्हें ठीक होने में लंबा वक्त लग जाता है। ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, बीयर, ठंडा पानी, दही, चावल, केला और चॉकलेट। इसके अलावा जितना हो सके फ्रिज में रखी चीजें और अधिक मीठे वाली चीजों से बचें। ये चीजें बॉडी टेंपरेचर पर बुरा असर डालती हैं।

एयर कंडीशनर में सोने से बचें: मौसम के अचानक बदलने पर सर्दी जुकाम के संक्रमण से प्रभावित होने की बड़ी वजह होती है। इसलिए जितना हो सके इस दौरान एयर कंडिशनर में सोने से बचें। एसी में सोने पर रात के समय शरीर का तापमान काफी ठंडा हो जाता है जिसकी वजह से नाक और गले पर बुरा असर पड़ सकता है। कई स्टडी में पाया गया है कि एसी में सोने से इम्यून सिस्टम बुरी तरह प्रभावित होता है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है।

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