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भारत में हर 5 मिनट में कोई ना कोई कर लेता है सुसाइड, इन उपायों से कम हो सकती हैं घटनाएं

आत्महत्याओं के मामले में भारत की स्थिति दुनिया में सबसे खराब है। पिछले साल आई एक रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने बताया था कि दुनिया में हर साल होने वाली तकरीबन 8 लाख आत्महत्याओं में 21 फीसदी भारत में होती हैं।

चित्र का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

बुराड़ी के सामूहिक आत्महत्या-कांड के अलावा देश में कई बड़ी हस्तियों के आत्महत्या की घटनाएं पिछले दिनों सुर्खियों में रहीं। भय्यूजी महाराज हों या आईपीएस अधिकारी राजेश साहनी, प्रभावशाली लोगों के आत्महत्या जैसे कदम उठाना वास्तव में चिंतित करने वाली घटनाएं हैं। आत्महत्याओं के मामले में भारत की स्थिति दुनिया में सबसे खराब है। पिछले साल आई एक रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने बताया था कि दुनिया में हर साल होने वाली तकरीबन 8 लाख आत्महत्याओं में 21 फीसदी भारत में होती हैं। देश में हर 5 मिनट में कोई न कोई आत्महत्या कर लेता है।

हमारे देश में लोग मानसिक बीमारी का इलाज कराने से हिचकिचाते हैं। बहुत से लोगों के लिए यह सामाजिक शर्मिंदगी का कारण भी होता है। ऐसे में ठीक से इलाज न होने पर लोग आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। आत्महत्या के ख्याल तथा सुसाइड करने के प्रयास को रोकने के लिए बड़ी सतर्कता और सावधानी की जरूरत होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने वाले हैं जिससे आत्महत्या के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

1. मन में आत्महत्या जैसे ख्याल आ रहे हों तो तुरंत मनोचिकित्सक से संपर्क करें। अच्छी तरह से इसका इलाज कराएं। अपनी परेशानियां दिल खोलकर डॉक्टर को बताएं।

2. तनाव या अवसाद में होने पर सामाजिक होने की कोशिश करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलें। दोस्तों के बीच जाएं। अकेले रहने की कोशिश न करें। इसके अलावा ऐसे कामों को तवज्जों दें जो आपको खुश रखती हों। आप अपना पसंदीदा म्यूजिक सुनें। एक्सरसाइज करें, स्विमिंग, जॉगिंग या कुछ अलग ट्राइ करें।

3. एल्कोहल या ड्रग्स का सेवन करने से बचें। ये चीजें अक्सर अवसाद या तनाव से राहत पाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। लेकिन यह सुसाइडल थॉट्स को बढ़ाने के लिए भी जानी जाती हैं। ऐसे में इनसे दूर रहने की कोशिश करें।

4. संतुलित और स्वस्थ आहार लें और कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें। अच्छी बातों पर ध्यान दें। ऐसे वेबसाइट्स से दूर रहें जो आत्महत्या को उकसाती हों।

5. अपने जीवन की उन बातों को लिखने की कोशिश करें जो आपको अच्छी लगती हों। अपने बारे में कुछ अच्छी बातें लिखकर दीवार पर लगा दें। आपको जो करना अच्छा लगता हो वह करने की कोशिश करें। अपने पसंदीदा लोगों से मिलें।

6. सुबह ताजी हवा में टहलें। इससे नकारात्मक बातें दिमाग में नहीं आती हैं। अपनी कोई हॉबी ट्राइ करें। ऐसी चीजों को तलाश करें जिससे आप खुश रहते हों।

आपको लगता है कि कोई आत्महत्या करने वाला है तो –

उसकी बात को अहमियत दें। जब वह अपने दिल की बात कहे तो ध्यान लगाकर सुनें और उसे हर मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए साहस दें। साथ ही उसे कभी अकेला न छोड़ें। हमेशा उसका साथ दें। उसकी सफलताओं का ध्यान करवाने से उसकी नकारात्मकता को दूर किया जा सकता है। उसे उसके जीवन की महत्ता के बारे में बताएं। अगर ये उपाय कारगर न हों तो तुरंत उसे काउंसलर के पास ले जाएं।

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