आजकल घंटों स्क्रीन पर बिताना और खराब लाइफस्टाइल हमारी आंखों की सेहत पर सीधा असर डाल रहा हैं। कई बार सुबह अखबार पढ़ते समय अक्षर धुंधले दिखाई देने लगते हैं या कुछ देर पढ़ने के बाद ही आंखों में तेज दर्द और भारीपन महसूस होने लगता है। अगर आप भी अक्सर ऐसी ही समस्या का सामना करते हैं, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। आंखों को आराम देने और उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) के मुताबिक कुछ आसान टिप्स और लाइफस्टाइल में किया गया बदलाव आंखों को हेल्दी बनाने में मददगार साबित होता है। अगर आपकी आंखों में लगातार तेज दर्द है या कम दिखने की समस्या हो रही है तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और उसके साथ ही कुछ देसी तरीकों को भी अपनाएं आपकी आंखों की रिकवरी फास्ट होगी और आंखों की रोशनी भी बढ़ेगी।
योगेंद्र त्राटक: एकाग्रता और आंखों की सेहत के लिए असरदार अभ्यास
योग में कहा जाता है कि जहां मन होता है, वहीं ऊर्जा प्रवाहित होती है। त्राटक अभ्यास केवल आंखों की एक्सरसाइज नहीं, बल्कि एकाग्रता बढ़ाने का अभ्यास भी है। आज हमारी आंखें लगातार एक स्क्रीन से दूसरे स्क्रीन और एक नोटिफिकेशन से दूसरे नोटिफिकेशन पर जाती रहती हैं, जिससे आंखों की मांसपेशियों को आराम नहीं मिल पाता। इस अभ्यास के लिए आराम से बैठें और आंखों की सीध में लगभग एक हाथ की दूरी पर जलती हुई मोमबत्ती रखें। बिना जबरदस्ती पलक झपकाए लौ को तब तक देखें, जब तक सहज महसूस हो। जब आंखों में पानी आने लगे, तो आंखें बंद करके दोनों भौंहों के बीच लौ की छवि को देखने की कोशिश करें। इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं। सामान्य रूप से पलक झपकना ठीक है, लेकिन जानबूझकर बार-बार पलकें न झपकाएं।
यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने, आंखों की अनावश्यक गतिविधियों को कम करने और फोकस बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांकि, यदि आपको ग्लूकोमा, हाल ही में आंखों की सर्जरी हुई है या आंखों में संक्रमण है, तो यह अभ्यास नहीं करें।
आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज
शरीर की अन्य मांसपेशियों की तरह आंखों की मांसपेशियां भी नियमित गतिविधि से मजबूत होती हैं। यदि आप पूरे दिन स्क्रीन पर देखते रहते हैं, तो रोज 3 से 5 मिनट आंखों की एक्सरसाइज जरूर करें। धीरे-धीरे आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं, तिरछी दिशा में और फिर गोल-गोल घुमाएं। इसके बाद अपने अंगूठे को चेहरे के पास रखें, पहले उस पर फोकस करें और फिर दूर रखी किसी वस्तु पर नजर डालें। इस पूरी प्रक्रिया को 10 बार दोहराएं। यदि पहली बार कर रहे हैं, तो शुरुआत 5 बार से करें। अंत में दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर हल्के से रखें। इसे पामिंग (Palming) कहा जाता है, जो आंखों की थकान दूर करने का आसान तरीका है।
गर्म सिकाई से आंखों को दें आराम
यदि लंबे समय तक पढ़ने या कंप्यूटर पर काम करने के बाद आंखों में भारीपन महसूस हो, तो हल्की गर्म सिकाई फायदेमंद हो सकती है। इसके लिए एक साफ सूती कपड़े में हल्के भुने हुए अलसी के बीज या चावल भरें और उसे हल्का गर्म करें। इसे 3 से 5 मिनट तक बंद आंखों पर रखें। इससे आंखों के आसपास की छोटी मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, रक्त संचार बेहतर होता है और आंखों को आराम मिलता है।
आंखों की जलन और सूखेपन के लिए कूलिंग आई पैक
अगर आंखों में जलन, गर्माहट या सूखापन महसूस हो तो ठंडी खीरे की स्लाइस या शुद्ध एलोवेरा जेल या फिर गुलाब जल में भीगे कॉटन पैड को बंद पलकों पर 10 मिनट के लिए रखें।ध्यान रखें कि एलोवेरा जेल या गुलाब जल सीधे आंखों के अंदर नहीं जाना चाहिए। इनका इस्तेमाल केवल पलकों के ऊपर ही करें।
स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां
- डिजिटल आई स्ट्रेन आज धुंधला दिखाई देने, आंखों में दर्द, सिरदर्द और थकान की बड़ी वजह बन चुका है। इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
- स्क्रीन देखते समय बार-बार पलक झपकाना न भूलें, क्योंकि स्क्रीन इस्तेमाल करते समय लोग सामान्य से कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखें सूखने लगती हैं।
- इसके अलावा स्क्रीन को आंखों की सीध में या थोड़ा नीचे रखें, छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए आंखों पर जोर देने के बजाय फॉन्ट साइज बढ़ाएं और पूरी तरह अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें।
- आंखों की सेहत के लिए डाइट भी है जरूरी है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना आंवला, गाजर, पालक, कद्दू, शकरकंद, भीगे हुए बादाम, अखरोट और रंग-बिरंगे फल व सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें। इनमें विटामिन A, विटामिन C, ल्यूटिन और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने और लंबे समय तक दृष्टि को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
- आंखों की रिकवरी का सबसे अच्छा समय नींद के दौरान होता है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना और रोज 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है। आंखों की रोशनी अचानक कमजोर नहीं होती, बल्कि हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे इसका असर दिखाती हैं। यदि आप रोज सिर्फ 10 मिनट यौगिक अभ्यास करें, स्क्रीन से जुड़े अच्छे नियम अपनाएं और पौष्टिक आहार लें, तो आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी, सुझाव और टिप्स योग गुरु के अनुभवों और सामान्य पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। यह जानकारी किसी भी तरह से योग्य नेत्र रोग विशेषज्ञ या डॉक्टर की पेशेवर चिकित्सा सलाह, जांच, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। आंखों में दर्द, धुंधलापन या दृष्टि से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या के लिए हमेशा संबंधित डॉक्टर या विशेषज्ञ चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।
