पेट की गैस से हैं परेशान? तो इन घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत

Gas Problem: पेट संबंधी समस्याएं जैसे गैस, कॉलिक व अपच आदि बच्चे और बड़ों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

Woman having stomach ache from Acidity
जीवनशैली में सुधार कर हम एसिडिटी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं (photo-Freepik)

पेट में बनने वाली गैस की समस्या से हर कोई परेशान है। गैस्ट्रिक प्रॉब्लम भारत में आज आम समस्या बन गई है। भारतीय परिवारों में यह समस्या मसालेदार भोजन और खराब लाइफस्टाइल के चलते होती है। पेट दर्द, अल्सर, अपच, हिचकी, सूजन, हार्ट बर्न और मतली आदि गैस्ट्रिक समस्याओं के कुछ सामान्य लक्षण हैं। पेट में बनने वाली गैस या एसिडिटी के चलते बेचैनी महसूस होती है। कभी- कभी तो लोगों को पेट में दर्द और पेट फूलने जैसी समस्या हो जाती है। अगर आप भी एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय तलाश रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। जी हां! हम आपको यहां कुछ आसान घरेलू टिप्स बताने जा रहे हैं, जो आपको गैस्ट्रिक समस्याओं से तुरंत राहत दिला सकते हैं।

दूध से दूर रहें: बहुत लोगों को दूध पीने के बाद पेट में गैस बनती है, पेट फूलता है और डकारे आती हैं, इसको लेक्टोज इनटोलरेंस कहते हैं। इसमें लोगों को दूध पीना अवॉइड करना चाहिए, साथ ही दही और पनीर इन चीजों से लेक्टोज इनटोलरेंस नहीं होती है। अगर दूध पीने के बाद पेट में दर्द होना, पेट का फूलना गैस बनना यह आपको महसूस होता है तो ऐसे लोगों को दूध से दूर रहना चाहिए और अपने डॉक्टर से भी मिलना चाहिए, जिससे कि वह आपको कुछ एंजाइम दे सकें, जिससे की दूध को पचाने में आपको मदद मिल सके।

कार्बोनेटेड ड्रिंक: पेट में गैस बनने का एक महत्वपूर्ण कारण कार्बोनेटेड ड्रिंक्स भी है, जिसमें पेट में गैस बनाने की टेंडेंसी ज्यादा होती है। ऐसे लोगों को कार्बोनेटेड ड्रिंक बिल्कुल अवॉइड करने चाहिए। साथ में स्मोकिंग और अल्कोहल से भी दूरी बनानी चाहिए क्योंकि यह स्टमक की वॉल को नुकसान पहुंचा सकता है।

जिंजर टी या अदरक की चाय: गैस को ठीक करने के कुछ घरेलू उपचार, जो कि बहुत ही कॉमनली आपके किचन में मिल सकते हैं। सबसे पहले जिंजर टी या अदरक की चाय लेकिन बिना दूध के अगर आप इन चीजों का सेवन करेंगे आपको गैस को बाहर निकालने में काफी मदद मिलेगी।

कैमोमाइल टी: काफी लोगों को कैमोमाइल टी फायदा देती है। कैमोमाइल मूल रूप से एक जड़ी बूटी है, जोकि एक फूल है। इस टी को कैमोमाइल नामक फूलों की मदद से बनाया जाता है। कैमोमाइल टी पेट में अल्सर फैलाने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को भी पनपने से रोकती है, जिससे अल्सर होने का खतरा कम हो सकता है। यह पेट के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

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