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मौसम बदलते ही हो जाता है सर्दी-जुकाम, ये घरेलू उपाय आजमाइए, जल्दी मिलेगा छुटकारा

सर्दी-जुकाम इंसानों में सबसे ज्यादा होने वाला संक्रामक रोग है। बहुत पुराने समय से इंसानों को यह बीमारी अपनी गिरफ्त में लेती आ रही है।

सामान्य जुकाम को नैसोफेरिंजाइटिस, राइनोफेरिंजाइटिस, अत्यधिक नजला या जुकाम के नाम से भी जाना जाता है।

सर्दी-जुकाम इंसानों में सबसे ज्यादा होने वाला संक्रामक रोग है। बहुत पुराने समय से इंसानों को यह बीमारी अपनी गिरफ्त में लेती आ रही है। सर्दी या फिर जुकाम कोई ऐसी गंभीर बीमारी नहीं है जिससे परेशान हुआ जाए। सामान्य जुकाम के लिए कोई उपचार नहीं होता लेकिन इसके लक्षणों का इलाज किया जाता है। इसके आम लक्षणों में खांसी, नाक बहना, नाक में अवरोध, गले की खराश, मांसपेशियों में दर्द, सर में दर्द, थकान और भूख का कम लगना शामिल हैं। साल भर में वयस्कों को दो से तीन बार और बच्चों को छः से बारह बार जुकाम हो सकता है।

सर्दी या फिर जुकाम हो जाने के बाद कुछ भी अच्छा नहीं लगता। इसके लक्षण 7 – 8 दिनों तक शरीर में दिखाई पड़ते हैं। ऐसे कई तरह के घरेलू उपचार हैं जो जुकाम से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं। तो चलिए, ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में आपको बताते हैं।

अदरक और तुलसी का काढ़ा – अदरक के यूं तो स्वास्थ्य संबंधी अनेक फायदे होते हैं लेकिन सर्दी-जुकाम को दूर करने में इसका कोई सानी नहीं है। अब तो इस बात के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण भी मौजूद हैं कि अदरक जुकाम के लिए सर्वोत्तम औषधि है। थोड़ा सा अदरक लेकर एक कप पानी के साथ उबालें और इसमें तुलसी की 5-7 पत्तियां डाल दें। इस मिश्रण को तब तक उबालना है जब तक पानी आधा न रह जाए। अब इस काढ़े का सेवन करें। बच्चों से लेकर बड़ों कर सबमें सर्दी को जड़ से ठीक करने में यह काफी फायदेमंद है।

ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थो का सेवन – सर्दी और जुकाम की बीमारी में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। यह श्वांसनली को नम रखता है और आपको डिहाइड्रेट होने से भी बचाता है। ऐसे में गर्म पानी, हर्बल चाय, ताजा फलों के जूस और अदरक की चाय का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। ये सर्दी और खांसी दोनों से राहत दिलाते हैं।

शहद – शहद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भरपूर होता है। गले की खराश और दर्द से राहत पाने के लिए नींबू की चाय मे शहद मिलाकर पीना चाहिए। शहद खांसी के बेहतरीन इलाज है लेकिन एक साल से कम के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। इसके अलावा दो चम्मच शहद में एक चम्मच नींबू का रस एक ग्लास गर्म पानी या गर्म दूध में मिलाकर पीने से काफी लाभ होता है।

भाप लें – गर्म पानी के बर्तन के ऊपर सिर रखकर नाक से सांस लें। इससे बंद नाक से राहत मिलती है। या फिर एक बड़े कटोरे में पर्याप्त गर्म पानी में जरूरत के हिसाब से मिंट मिला लें। अब सिर को किसी हल्के तौलिए से ढककर कटोरे से तकरीबन 30 सेंटीमीटर की दूरी पर रखें। ऐसे में पानी का कटोरा भी तौलिए से ठीक तरीके से ढका होना चाहिए। अब एक या दो मिनट तक सांस लें। उसके बाद थोड़ी देर रुककर फिर इसी क्रिया को दुहराएं।

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