जून-जुलाई की इस चिपचिपी और उमस भरी गर्मी में पसीने से तर-बतर होना एक आम समस्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हद से ज्यादा पसीना आना न सिर्फ आपको असहज करता है, बल्कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी पैदा कर सकता है? कई बार लोग इससे राहत पाने के लिए महंगे डियोड्रेंट या पाउडर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसका असली समाधान आपके लाइफस्टाइल और डाइट में छुपा है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन अग्रवाल जो अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो के माध्यम से हृदय रोगों, हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, एंजियोप्लास्टी और हृदय को स्वस्थ रखने के उपायों के बारे में जानकारी देते हैं, ने बताया डाइट में कुछ ठंडी चीजों को शामिल करके और लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करके आप पसीना आने की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि इस मौसम में अत्यधिक पसीने और उसकी बदबू से सुरक्षित तरीके से कैसे राहत पाएं।
ज्यादा पसीना आना क्या बीमारी है?
सामान्य से अधिक पसीना आने की समस्या को हाइपरहाइड्रोसिस (Hyperhidrosis) कहा जाता है। इस परेशानी को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करना जरूरी होता है। संतुलित और पोषक आहार से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आपको गर्मी ज्यादा लगती है और पसीना ज्यादा आता है तो आप ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
पसीना को कंट्रोल करने के लिए कैसी डाइट लें
दिनभर में 2–3 लीटर पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे शरीर को अतिरिक्त पसीना बनाने की जरूरत कम पड़ती है। इसके अलावा नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर ड्रिंक पसीने के कारण रिलीज हुए मिनरल्स की भरपाई करने में मदद करते हैं। डाइट में मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन-बी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। पालक, बादाम, केला, दूध, दही, पनीर, ब्रोकली, ओट्स, ब्राउन राइस, अंडे और लीन मीट शरीर के तापमान और नर्वस सिस्टम के कार्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे अत्यधिक पसीना आने की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। इसी तरह शकरकंद, हरी पत्तेदार सब्जियां और अन्य पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, ग्रीन टी और सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं। हाई-फाइबर फूड्स जैसे दालें, बीन्स, चना और साबुत अनाज ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है। फलों और सब्जियों में खीरा, संतरा, मौसंबी और अन्य साइट्रस फल शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा दही जैसे प्रोबायोटिक फूड्स, पेपरमिंट और कैमोमाइल जैसी हर्बल टी तथा अखरोट और सूरजमुखी के बीज भी शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर अत्यधिक पसीने की समस्या में कुछ राहत पहुंचा सकते हैं।
एंटीबैक्टीरियल बॉडी वॉश या साबुन चुनें
बरसात के मौसम में नमी और पसीने के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे शरीर से दुर्गंध आने लगती है। ऐसे में तेज खुशबू वाले सामान्य साबुन की बजाय एंटीबैक्टीरियल बॉडी वॉश या साबुन का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। यह स्किन को साफ रखने, बैक्टीरिया की संख्या कम करने और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने में मदद कर सकता है।
ढीले और सूती कपड़ों को दें प्राथमिकता
मानसून के दौरान सिंथेटिक या बहुत टाइट कपड़े पहनने से पसीना स्किन पर ही जमा रहता है, जिससे खुजली और रैशेज का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि त्वचा तक हवा आसानी से पहुंच सके। साथ ही अपने कपड़े, तौलिया या रुमाल किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा करने से भी बचें।
एसेंशियल ऑयल से रहें पूरे दिन फ्रेश
नहाने के पानी में लैवेंडर या टी-ट्री ऑयल की 2–3 बूंदें मिलाने से शरीर को ताजगी का एहसास होता है और पसीने की बदबू कम करने में मदद मिल सकती है। पेपरमिंट ऑयल भी ठंडक देने के साथ शरीर को तरोताजा महसूस कराता है। हालांकि, एसेंशियल ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने से पहले किसी कैरियर ऑयल में मिलाना बेहतर माना जाता है।
पसीने और नमी को रखें कंट्रोल
जिन जगहों पर पसीना ज्यादा आता है, वहां डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-फंगल पाउडर या एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। अंडरआर्म्स में दुर्गंध की समस्या होने पर एलोवेरा जेल भी एक अच्छा विकल्प है। यह त्वचा को ठंडक पहुंचाने के साथ उसे मुलायम रखने में मदद करता है और जलन की संभावना भी कम करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। गर्मी में अत्यधिक पसीना आने या तबीयत खराब होने पर किसी भी घरेलू उपाय को आजमाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
