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‘एक्टिंग’ से बढ़ेगी याद्दाश्त! ये घरेलू तरीके भी हो सकते हैं कारगर

जब आप कोई महत्वपूर्ण काम भूल जाते हैं या घर की चाभी कहीं छोड़ आते हैं तो आपको खुद पर गुस्सा आता होगा। अगर ऐसा है तो जिस काम को आप याद करना चाहते हैं, उसका अभिनय करें या ऐसा करें जैसे आप वास्तव में वह काम कर रहे हैं। इससे आपको वह काम याद […]

Author Published on: August 6, 2018 7:08 AM
नियमित रूप से सोना चाहिए जिससे कि हमारा दिमाग शांत रहता है और हमारे दिमाग की सोचने की क्षमता बढ़ जाती है।

जब आप कोई महत्वपूर्ण काम भूल जाते हैं या घर की चाभी कहीं छोड़ आते हैं तो आपको खुद पर गुस्सा आता होगा। अगर ऐसा है तो जिस काम को आप याद करना चाहते हैं, उसका अभिनय करें या ऐसा करें जैसे आप वास्तव में वह काम कर रहे हैं। इससे आपको वह काम याद रखने में मदद मिलेगी। यह नुस्खा हाल ही में हुए एक शोध के बाद ईजाद हुआ है। शोध के निष्कर्ष के अनुसार, भविष्य के काम का अभिनय करने जैसी वैकल्पिक तकनीकें पीड़ित की स्मरणशक्ति बेहतर कर सकती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस तकनीक में कोई व्यक्ति जिस बात को याद रखना चाहता है, उसे जीवंत करें और इस तरह नाटक करें, जैसे वह उस काम को वास्तव में कर रहा है।

इंग्लैंड के चिचेस्टर विश्वविद्यालय में मनोवैज्ञानिक और मुख्य शोधकर्ता एंटोनियो पेरिएरा के अनुसार, काम आने वाली चीजों को अक्सर भूलना अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “शोध में यह खुलासा हुआ कि योजनाओं को याद रखने में इन उपायों से फायदा होता है।”

ये तरीके भी आजमाएं –

अच्छी नींद लें – नियमित रूप से सोना चाहिए जिससे कि हमारा दिमाग शांत रहता है और हमारे दिमाग की सोचने की क्षमता बढ़ जाती है। दिमाग के लगातार प्रयोग से दिमाग भी थक जाता है। इसलिए 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है, जिससे कि आप और आपका दिमाग तरोताजा महसूस करें ।

मालिश करें – नारियल का तेल हमारे दिमाग की कोशिकाओं को ईंधन देता है। जिससे हमारी याद्दाश्त बढ़ती है। आप चाहें तो नारियल के तेल का खाने में प्रयोग कर सकते है। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते तो नियमित रूप से नारियल के तेल से अपने सर की मालिश करें।

व्यायाम- शारीरिक सक्रियता हमारे शरीर में रक्त प्रवाह को दुरुस्त रखता है। दिमाग में रक्त संचार बढ़ने से पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। ऐसे में याद्दाश्त तेज होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आप शारीरिक रूप से ज्यादा सक्रिय नहीं हैं तो ऐसे में आप दिनभर में 10-20 मिनट का समय निकालकर कार्डियो या फिर स्क्वीज एक्सरसाइज कर सकते हैं। टहलना भी याद्दाश्त बढ़ाने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

मानसिक तौर पर रहें सक्रिय – शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जिस तरह शारीरिक सक्रियता जरूरी है, उसी तरह से मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी दिमागी तौर पर एक्टिव रहना बहुत जरूरी है। क्रॉसवर्ड्स, पुज्जल, प्ले ब्रिज या फिर सुडोकू जैसे खेल इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा खाली समय में किसी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट को बजाना सीख सकते हैं।

करें ध्यान – तमाम शोध इस बात को साबित कर चुके हैं कि ध्यान यानी कि मेडिटेशन चिंता, तनाव और नींद न आने की बीमारी का सबसे प्रभावी इलाज है। इससे आपकी एकाग्रता बढ़ती है। इससे याद्दाश्त भी तेज होती है और बार-बार भूलने की समस्या से भी निजात मिलती है।

(आईएनएस इनपुट के साथ)

 

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