सुबह उठते ही सबसे पहला काम होता है दांत साफ करना। वॉशरूम में जाकर हम ब्रश उठाते हैं और उस पर खूब सारा टूथपेस्ट लगा लेते हैं। अक्सर ऐसा हम बिना सोचे-समझे करते हैं, क्योंकि टीवी और मोबाइल पर दिखने वाले टूथपेस्ट के विज्ञापनों में ब्रश पूरा पेस्ट से भरा हुआ नजर आता है। इसे देखकर हमें लगता है कि जितना ज्यादा पेस्ट, उतनी ज्यादा सफाई और उतना ही फायदा। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? क्या ज्यादा टूथपेस्ट लगाने से दांत ज्यादा साफ होते हैं या इससे नुकसान भी हो सकता है? आइए डॉक्टर सलीम जैदी से जानते हैं ब्रश करते समय सही मात्रा क्या होनी चाहिए?

सही ब्रशिंग के लिए कितना टूथपेस्ट जरूरी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अच्छी ब्रशिंग के लिए ज्यादा टूथपेस्ट की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती। दांतों को साफ रखने के लिए ब्रश पर सिर्फ मटर के दाने जितना टूथपेस्ट लगाना ही काफी होता है। इतनी मात्रा से दांत अच्छी तरह साफ हो जाते हैं और मुंह में ताजगी भी बनी रहती है। असल में दांतों की सफाई टूथपेस्ट की मात्रा से नहीं, बल्कि ब्रश करने के सही तरीके और समय पर निर्भर करती है।

ज्यादा टूथपेस्ट लगाने से क्या नुकसान हो सकता है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा पेस्ट लगाने से दांत ज्यादा चमकेंगे, लेकिन हकीकत इससे उलट है। जब आप ब्रश पर जरूरत से ज्यादा टूथपेस्ट लगाते हैं तो मुंह में बहुत ज्यादा झाग बन जाता है। झाग ज्यादा होने से दो समस्याएं होती हैं। पहली, झाग के कारण आप जल्दी-जल्दी ब्रश करना शुरू कर देते हैं और दांतों की सही सफाई नहीं हो पाती। दूसरी, ज्यादा झाग के कारण ब्रश के रेशे दांतों और मसूड़ों तक ठीक से नहीं पहुंच पाते। कुछ मामलों में ज्यादा टूथपेस्ट से मसूड़ों में जलन, संवेदनशीलता और दांतों की ऊपरी परत को नुकसान भी हो सकता है।

विज्ञापनों में ब्रश पूरा पेस्ट से भरा क्यों दिखाया जाता है?

आपने गौर किया होगा कि टूथपेस्ट के विज्ञापनों में ब्रश पर लंबी सी पेस्ट की लाइन दिखाई जाती है। इसके पीछे वजह दांतों की सेहत नहीं, बल्कि मार्केटिंग होती है। कंपनियां चाहती हैं कि लोग ज्यादा मात्रा में टूथपेस्ट इस्तेमाल करें, ताकि पेस्ट जल्दी खत्म हो जाए और उन्हें बार-बार नया पैक खरीदना पड़े। इसी वजह से विज्ञापनों में जरूरत से ज्यादा टूथपेस्ट दिखाया जाता है। लेकिन डॉक्टरों की सलाह विज्ञापनों से बिल्कुल अलग होती है।

बच्चों के लिए कितनी मात्रा में टूथपेस्ट सही है?

बच्चों के मामले में और भी ज्यादा सावधानी जरूरी होती है। छोटे बच्चे अक्सर ब्रश करते समय टूथपेस्ट निगल लेते हैं, जो उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों के लिए चावल के दाने जितना टूथपेस्ट ही पर्याप्त होता है। इससे उनके दांत भी साफ रहते हैं और टूथपेस्ट निगलने का खतरा भी कम हो जाता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को ब्रश करते समय निगरानी में रखें और उन्हें सही मात्रा में पेस्ट इस्तेमाल करना सिखाएं।

ब्रश करने का सही तरीका क्या है?

अच्छी ओरल हेल्थ के लिए सिर्फ टूथपेस्ट की मात्रा ही नहीं, बल्कि ब्रश करने का तरीका भी बहुत जरूरी है। दांतों को सही रखने के लिए दिन में दो बार, सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश करना चाहिए। हर बार कम से कम दो मिनट तक आराम से ब्रश करें। ब्रश को हल्के हाथ से गोल-गोल घुमाते हुए चलाएं, ताकि दांतों के साथ-साथ मसूड़ों की भी सफाई हो सके। बहुत ज्यादा जोर से ब्रश करने से दांत और मसूड़े दोनों खराब हो सकते हैं।

निष्कर्ष

अगली बार जब आप ब्रश करने जाएं, तो विज्ञापनों को देखकर ब्रश भरने की गलती न करें। याद रखें, मटर के दाने जितना टूथपेस्ट बड़ों के लिए और चावल के दाने जितना बच्चों के लिए काफी है। सही मात्रा, सही तरीका और नियमित ब्रशिंग, यही स्वस्थ दांतों और मुस्कान का असली राज है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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