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दिन भर में कितना खाना चाहिए? Rujuta Diwekar से जानें खानपान से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स

3 rules of healthy eating: एक्सपर्ट बताती हैं कि गर्लिन हार्मोन बताता है कि आपको भूख लगी है जबकि लेप्टिन से पेट भर चुका है, ये एहसास होता है

भूख लगना और कब पेट भरता है, इस बात का अंदाजा होना स्वस्थ शरीर का संकेत है

How much to eat in a day: आज के समय में लोग व्यस्तताओं और लापरवाही में लोग अपने खानपान की ओर ध्यान नहीं देते हैं। कम खाने से जहां शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, वहीं ज्यादा खाने से वजन बढ़ने और कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन ऋजुता दिवेकर आए दिन खानपान और वजन से संबंधी कई जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं।

कहा जाता है कि आप वही हैं जो आप खाते हैं, ऐसे में अपनी थाली का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है। ऋजुता फिलहाल इंस्टाग्राम पर वेट लॉस सीरीज पर वीडियोज शेयर कर रही हैं। इस वीडियो में उन्होंने इस सवाल का जवाब दिया है कि दिन भर में कितना खाना चाहिए।

कम खाने के पीछे लगे हैं लोग: दिवेकर बताती हैं कि अक्सर जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उन्हें ये बताया जाता है कि थोड़ा कम खाओ। उनके अनुसार लोग कम खाने के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं, जैसे कि ये स्वस्थ और बेहतर जीवन के लिए छोटा रास्ता है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि अगर आप कम खाओगे तो हेल्दी रहोगे।

बाद में होने लगती है क्रेविंग: उनके मुताबिक जो लोग कम खाते हैं उन्हें आधी रात को क्रेविंग होने लगती है। इसके बाद वो चिप्स, बिस्किट या चॉकलेट्स जैसे अनहेल्दी फूड्स की तलाश में रहते हैं। इससे वजन घटने की बजाय बढ़ने ही लगता है। कुल मिलाकर आधे पेट खाने से कमर और कुल्हे का आकार और चर्बी बढ़ सकती है, साथ ही शरीर में स्टैमिना भी कम हो जाता है।

मेटबॉलिज्म एनाबॉलिज्म और कैटाबॉलिज्म के मेल से बनता है। जो लोग कम खाते हैं, उनका एनाबॉलिज्म कम और कैटाबॉलिज्म ज्यादा होने लगता है। इससे फिट, फुर्तीला और जवां दिखने की बजाय आप धीमे पड़ सकते हैं।

भूख और संतुष्टि हैं स्वास्थ्य के पैमाने: ऋजुता वीडियो में बताती हैं कि अस्पताल में डॉक्टर सबसे पहले पूछते हैं कि भूख लगती है या नहीं। इस बारे में वो कहती हैं कि भूख लगना और कब पेट भरता है, इस बात का अंदाजा होना स्वस्थ शरीर का संकेत है।

हार्मोन होते हैं जिम्मेदार: एक्सपर्ट बताती हैं कि गर्लिन हार्मोन बताता है कि आपको भूख लगी है जबकि लेप्टिन से पेट भर चुका है, ये एहसास होता है। इन दोनों हार्मोन का सुचारू ढंग से कार्य करना जरूरी है। पर्याप्त नींद और एक्सरसाइज की मदद से ये हार्मोन बेहतर कार्य करते हैं। वो कहती हैं कि लोगों को सब कुछ थोड़े-थोड़े मात्रा में खाना चाहिए। आज के समय में वेट लॉस के लिए जो तरीके अपनाएं जाते हैं, उन्हें करने से बचें। ऋजुता कहती हैं कि जितनी जरूरत है उतना खाएं, खाने को गिने नहीं।

अपनाएं ये 3 टिप्स: कितना खाना चाहिए और कब रुक जाना चाहिए, ये जानने के लिए कुछ स्ट्रैटजी को अपनाना जरूरी है।

– पैरों को क्रॉस करके नीचे बैठें और तब खाएं। खाने की जगह को फिक्स करें और सभी लोग कॉमन जगह पर ही खाएं।
– धीरे-धीरे  और चबा-चबाकर खाएं, ऋजुता कहती हैं कि जो धीमी गति से खाते हैं वही तेज भागते हैं। पहले मुंह का खत्म करें फिर दूसरा कौर खाएं।
– गैजेट के बगैर और किसी बहस-विवाद के चुपचाप बैठकर खाना चाहिए।

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