scorecardresearch

Cholesterol control: 50 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए? अगर इस उम्र में HDL बढ़ जाए तो उसे कैसे कंट्रोल करें

उम्र बढ़ने पर कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ रहा है तो सेब के सिरके का सेवन कीजिए।

Cholesterol control: 50 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए? अगर इस उम्र में HDL बढ़ जाए तो उसे कैसे कंट्रोल करें
खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है तो मेथी के पानी का सेवन करें। photo-freepik

कोलेस्ट्रॉल बॉडी में पाई जाने वाली वसा है जो टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजेन हार्मोन साहित कई हार्मोन को बनाती है। बॉडी के कई जरूरी अंग जैसे लीवर और आंत की अच्छी सेहत के लिए कोलेस्ट्रॉल बेहद जरूरी है। ये मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और दिल को हेल्दी रखता है। कोलेस्ट्रॉल वसा का एक प्रकार है जिसे लाइपोप्रोटीन कहते हैं। लाइपोप्रोटीन दो तरह का होता हैं लो डेंसिटी लाइपोप्रोटीन जिसे एलडीएल (LDL)और हाई डेंसिटी लाइपोप्रोटीन जिसे एचडीएल (HDL) कहते हैं।

एलडीएल को गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है जो हमारी सेहत के लिए अच्छा होता है दूसरी तरफ एचडीएल को खराब कोलेस्ट्रॉल माना जाता है जिसका बढ़ना हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादा होने पर वो खून की धमनियों में जमा होने लगता है और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

कोलेस्ट्रॉल का स्तर उम्र के अनुसार घटता बढ़ता रहता है। उम्र बढ़ने पर खराब कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है। खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल सहित कई बीमारियों का जोखिम बढ़ने लगता है। अक्सर ये परेशानी 50 साल की उम्र में लोगों को ज्यादा परेशान करती है। आइए जानते हैं कि 50 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए? अगर इस उम्र में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाए तो उसे कैसे कंट्रोल करें।

50 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए?

पुरुषों में 50 साल की उम्र में एलडीएल (LDL) 125 से 200 mg/dL के बीच होना चाहिए। वहीं एचडीएल (HDL)कोलेस्ट्रॉल 40 mg/dL होना स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल की निशानी है। बॉडी में टोटल कोलेस्ट्रॉल लेवल 200 mg/dl से कम होना ठीक रहता है। बैड कोलेस्ट्रॉल 100 mg/dl से कम, एचडीएल यानि गुड कोलेस्ट्रॉल 60 mg/dl से ज्यादा और ट्राइग्लिसराइड 150 mg/dl से कम होना बेहतर है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाए तो इन घरेलू नुस्खों को अपनाएं:

लहसुन का करें सेवन:

खराब कोलेस्ट्ऱॉल को कंट्रोल करने में लहसुन का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। खराब कोलेस्ट्ऱॉल को कंट्रोल करने के लिए रोज़ाना लहसुन की कली का सेवन करें।

सेब का सिरका करता है कोलेस्ट्ऱॉल कंट्रोल:

औषधीय गुणों से भरपूर सेब का सिरका खराब कोलेस्ट्ऱॉल को कंट्रोल करने में बेहद असरदार साबित होता है। एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से खराब कोलेस्ट्रल कंट्रोल रहता है।

मेथी का पानी करता है कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल:

मेथी का पानी पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। मेथी में ऐसे तत्व मौजूद हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं और दिल की सेहत में सुधार करते हैं।

मछली का तेल भी है असरदार:

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मछली का सेवन और उसके तेल का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली के तेल से कोलेस्ट्रॉल को फायदा पहुंचता है।

नींबू पानी का करें सेवन:

कोलेस्ट्रॉल का स्तर हाई हो गया है तो नींबू पानी का सेवन करें। नींबू में मौजूद गुण कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में असरदार साबित होते हैं।

सेंधा नमक भी करता है कोलेस्ट्ऱॉल कंट्रोल:

कोलेस्टेरोल बढ़ने पर साधारण नमक के बजाए सेंधा नमक का सेवन करें। इससे कोलेस्टेरॉल का स्तर कंट्रोल रहता है। ये नमक बॉडी को कई तरह से फायदा भी पहुंचाता है।

पढें हेल्थ (Healthhindi News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 05-10-2022 at 04:00:24 pm
अपडेट