मौसमी बीमारियों का इलाज अक्सर डॉक्टर दवा की गोलियां देकर करते हैं, लेकिन अगर मरीज को डायरिया,इन्फेक्शन, पेट दर्द या बॉडी के किसी दूसरे हिस्से में गंभीर दर्द होता है तो मरीज को जल्दी आराम देने के लिए डॉक्टर इंजेक्शन लगाते हैं ताकि मरीज को दर्द और तकलीफ से जल्द आराम मिल सके। डॉक्टर मरीज का इंजेक्शन से इलाज और भी कई कारणों से करते हैं जैसे जब मरीज दवा मुंह से लेने की स्थिति में ना हो या मरीज पर दवा को जल्दी प्रभावी बनाना हो तो डॉक्टर इंजेक्शन से दवा देते हैं। इंजेक्शन की सूई चुभते ही दवा कुछ ही सेकंड्स में अपना काम शुरू कर देती है।
मेडिकल एक्सपर्ट्स और फार्माकोलॉजिस्ट के अनुसार, इंजेक्शन के जरिए दी जाने वाली दवा सीधे हमारे ब्लडस्ट्रीम में प्रवेश करती है, जिससे यह बिना पाचन तंत्र में जाए तेजी से काम करती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके हाथ या कमर पर लगा इंजेक्शन सीधे उस अंग या बीमारी पर कैसे असर करता है जहां दर्द हो रहा है? कैसे इंजेक्शन लगते ही दवा पूरे शरीर में फैल जाती है। आइए मेडिकल रिसर्च से जानते हैं कि इंजेक्शन शरीर में किस तरह काम करता है।
इंजेक्शन की दवा को कैसे पता लगता है कि दर्द कहा है? रिसर्च से समझें
National Center for Biotechnology Information और ब्रिटिश फार्माकोलॉजिकल सोसाइटी के शोध के अनुसार, जब हम कोई गोली खाते हैं, तो वह पेट और लिवर (Liver) से होकर गुजरती है, जिससे दवा का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो जाता है, इसे First Pass Effect कहते हैं। इसके विपरीत मांसपेशियों (Intramuscular) में रक्त वाहिकाओं (Capillaries) का एक घना जाल होता है। फिक्स के विसरण नियम के तहत, इंजेक्शन की दवा तेजी से सीधे रक्त प्रवाह की निम्न सांद्रता की ओर सेकंड में ट्रांसफर हो जाती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के अनुसार, दवा को यह नहीं पता होता कि दर्द कहां है, वह तो पूरे खून में तैर रही होती है। लेकिन दवा के मॉलिक्यूल्स इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे पूरे शरीर में घूमते हुए केवल उसी अंग या सेल्स से चिपकते हैं जहां गड़बड़ी होती है। इसे लॉक एंड की (ताला और चाबी) मॉडल कहते हैं।
Food and Drug Administration की गाइडलाइन के मुताबिक, हर दवा की एक ‘हाफ-लाइफ होती है। जैसे ही खून पूरे शरीर का चक्कर लगाकर लिवर में पहुंचता है, लिवर के एंजाइम दवा को तोड़कर निष्क्रिय कर देते हैं और किडनी उसे फिल्टर करके यूरिन के रास्ते बाहर निकाल देती है, जिससे शरीर में टॉक्सिसिटी नहीं फैलते।
इंट्रा मस्कुलर इंजेक्शन शरीर में किस तरह करता है काम
इंट्रा मस्कुलर इंजेक्शन में दवा को सीधे मांसपेशियों (Muscles) के अंदर दिया जाता है। मांसपेशियों में रक्त की अच्छी आपूर्ति होती है, इसलिए यहां से दवा सुरक्षित और प्रभावी तरीके से शरीर में अवशोषित हो पाती है।
मांसपेशियों के ऊतकों में फैलने लगती है दवा
इंजेक्शन लगने के बाद दवा आसपास के मांसपेशियों के ऊतकों में धीरे-धीरे फैलने लगती है। इसके बाद वहां मौजूद बेहद महीन रक्त वाहिकाएं दवा को अपने अंदर अवशोषित करना शुरू कर देती हैं।
रक्त के जरिए पूरे शरीर तक पहुंचती है दवा
जैसे ही दवा रक्त प्रवाह में पहुंचती है, वह शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने लगती है। रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) दवा को उन अंगों और ऊतकों तक ले जाता है, जहां उसकी जरूरत होती है।
हर दवा का होता है अलग लक्ष्य
हर इंजेक्शन का उद्देश्य अलग होता है। कुछ दवाएं संक्रमण से लड़ने के लिए दी जाती हैं, कुछ दर्द और सूजन कम करने के लिए, जबकि कुछ वैक्सीन के रूप में शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करती हैं।
काम पूरा होने के बाद शरीर से बाहर निकल जाती है
जब दवा अपना काम पूरा कर लेती है, तो शरीर उसे हमेशा के लिए नहीं रखता। लीवर (Liver) दवा को तोड़ने और प्रोसेस करने का काम करता है, जबकि किडनी (Kidneys) उसे पेशाब के जरिए धीरे-धीरे शरीर से बाहर निकाल देती हैं।
यह प्रक्रिया शरीर का संतुलन बनाए रखती है
दवा का अवशोषण, असर और फिर शरीर से बाहर निकलना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। यही कारण है कि शरीर में दवा की मात्रा संतुलित बनी रहती है और जरूरत पूरी होने के बाद अतिरिक्त दवा बाहर निकल जाती है।
ध्यान रखें
हर इंजेक्शन का असर उसकी दवा, मात्रा और इंजेक्शन के प्रकार पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी इंजेक्शन का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
इस बात को भी समझें
इंजेक्शन का असर गोली के मुकाबले 10 गुना तेज होता है, क्योंकि यह सीधे आपके सर्कुलेटरी सिस्टम में प्रवेश करता है, जो महज 20 से 60 सेकंड में पूरे शरीर का एक चक्कर काट लेता है। लेकिन इसका एक पहलू यह भी है कि यदि गोली से कोई रिएक्शन हो, तो पेट साफ करके उसे रोका जा सकता है, मगर इंजेक्शन की दवा एक बार खून में चली गई, तो उसे वापस नहीं निकाला जा सकता। इसलिए बिना डॉक्टर की सख्त पर्ची और अस्पताल की देखरेख के कभी भी कोई भी इंजेक्शन नहीं लगवाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी दवा या इंजेक्शन का उपयोग हमेशा योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।
