सुबह उठकर गर्म पानी पीने के फायदे को लेकर सोशल मीडिया पर वेलनेस ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और X पर ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं कि हर दिन सुबह गर्म पानी का सेवन करने से वजन कंट्रोल रहता है, स्किन की रंगत में निखार आता है। इतना ही नहीं ऐसे भी दावे किए जा रहे हैं कि गर्म पानी का सेवन गले के दर्द और खराश से राहत दिलाता है, साथ ही महिलाओं को पीरियड पेन से भी राहत दिलाता है। लेकिन इन दावों में कितनी सच्चाई है या फिर गर्म पानी पीना भी एक और वायरल वेलनेस ट्रेंड भर है? आइए रिसर्च से समझते हैं गर्म पानी पीने पर बॉडी में होने वाले कौन-कौन से बदलाव आजकल लोगों को अपनी तरफ खींच रहे हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड और एमिली बर्च, सदर्न क्रॉस यूनिवर्सिटी ब्रिस्बेन ऑस्ट्रेलिया में लॉरेन बॉल ने बताया गर्म पानी पीना आमतौर पर सुरक्षित है लेकिन उबला हुई नहीं। एक्सपर्ट के मुताबिक गर्म पानी पीने के फायदे सिर्फ ज्यादा पानी पीने, एक नियमित हेल्थ रूटीन अपनाने या गर्माहट से मिलने वाले सुकून और आराम की वजह से मिलते है, न कि पानी के गर्म होने की वजह से। आसान शब्दों में बताएं तो असली फर्क पानी और आदत से पड़ता है, तापमान से नहीं।

तापमान से ज्यादा जरूरी है हाइड्रेशन

चाहे पानी गर्म हो या ठंडा शरीर के लिए पानी पीना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से पाचन दुरुस्त रहता है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। पानी का पर्याप्त सेवन करने से किडनी बेहतर तरीके से काम करती है और ब्लड में शुगर का स्तर भी कंट्रोल रहता है। पानी का सेवन हमारी ओवर ऑल हेल्थ में सुधार कर सकता है।  2025 के एक शोध के अनुसार अगर रोजाना पर्याप्त पानी का सेवन नहीं किया जाए तो तनाव बढ़ सकता है। अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि गर्म पानी, ठंडे या सामान्य तापमान वाले पानी से ज्यादा फायदेमंद है।

मिथक 1: गर्म पानी वजन घटाता है

ऐसी कोई रिसर्च मौजूद नहीं है जो ये बताए कि गर्म पानी पीने से वजन कंट्रोल रहता है। कई रिसर्च में ये बात साबित हुई है कि पानी का सेवन करने से पेट भरा हुआ महसूस होता है जिससे खाने और मीठे ड्रिंक के सेवन में कमी आती है। रिसर्च के मुताबिक वजन घटाने के मामले में पानी के तापमान को लेकर कोई खास सबूत मौजूद नहीं है। एक छोटे अध्ययन में पाया गया कि गर्म पानी आंतों की गति (पेरिस्टालिसिस) को थोड़ा बढ़ा सकता है, जिससे पाचन में मदद मिल सकती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि इससे चर्बी कम होती है।

मिथक 2: गर्म पानी गले की खराश ठीक करता है

यहां तापमान का असर कुछ हद तक साबित है। गर्म तरल पदार्थ गले की खराश में राहत दे सकते हैं और बंद नाक को खोलने में मदद कर सकते हैं।  गर्माहट और भाप बलगम को ढीला करने और गले की सूजन को कंट्रोल करने में मददगार हो सकती है। यह फायदा सिर्फ सादे गर्म पानी तक सीमित नहीं है। हर्बल चाय, नींबू पानी या अन्य गर्म पेय भी असरदार होते है। गर्म पानी संक्रमण का इलाज नहीं करता ना ही बीमारी की अवधि कम करता है,ये सिर्फ लक्षणों में राहत दे सकता है।

मिथक 3: गर्म पानी स्किन को करता है साफ

ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि गर्म पानी पीने से स्किन साफ होती है या शरीर डिटॉक्स होता है। ये सही है कि पानी का पर्याप्त सेवन स्किन में इलास्टिसिटी बनाए रखता है। पानी का पर्याप्त सेवन करने से स्किन की ड्राईनेस कंट्रोल रहती है। पानी के तापमान का स्किन पर कोई अतिरिक्त असर नहीं पड़ता। बॉडी को डिटॉक्स करने का काम लिवर और किडनी करते हैं और पानी उसके काम करने में मदद करता है।

मिथक 4: गर्म पानी पीरियड्स पेन में राहत देता है

शरीर पर बाहर से दी गई गर्माहट जैसे हॉट वॉटर बैग मांसपेशियों को आराम देता है और पीरियड्स के दर्द में राहत पहुंचाता है। लेकिन सिर्फ गर्म पानी पीने से पीरियड पेन कम करने में राहत मिलती है इसका कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है। ये सही है कि पीरियड्स के दौरान पर्याप्त पानी पीना सूजन कंट्रोल होती है। चाय,ग्रीन टी,थाइम टी,प्रोस्टाग्लैंडिन के स्तर को कम करने में मदद कर सकती है लेकिन गर्म पानी अकेले पीरियड पेन से राहत नहीं दिला सकता।  

डिस्क्लेमर:

इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।