ताज़ा खबर
 

कब्ज़ और मोटापे के कारण भी हो सकती है पाइल्स की समस्या, इन घरेलू उपायों से मिलेगी राहत

अधिक समय तक रोजाना खड़े रहना, भारी वज़न उठाना, कब्ज होना आदि से पाइल्स की समस्या हो सकती है। पाइल्स की समस्या को कुछ आसान से घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है।

piles, piles reason, home remedies for pilesकब्ज के कारण भी पाइल्स की समस्या हो सकती है (Source: Getty Images/Thinkstock)

बवासीर कोई खतरनाक बीमारी तो नहीं लेकिन यह बेहद तकलीफदेह होती है। इसमें हमारे एनस के अंदर, बाहर और रेक्टम (मलाशय) के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। इस कारण हमारे एनस के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों में मस्से बन जाते हैं जिनमें काफी दर्द होता है और खून भी निकलता है। पाइल्स होने के पर तुरंत इलाज किया जाना जरूरी है क्योंकि इसे नजरअंदाज करने पर मुश्किल और बढ़ सकती है।

पाइल्स होने के कई कारण हैं जैसे – अधिक समय तक रोजाना खड़े रहना, अक्सर अधिक भारी वज़न उठाना, कब्ज होना और शौच सही से न होना। शारीरिक गतिविधियां कम होने से भी पाइल्स की समस्या हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को भी पाइल्स की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। प्रसव के दौरान एनस क्षेत्र पर दबाव पड़ता है, जिस कारण कुछ महिलाओं में पाइल्स की समस्या हो जाती है। मोटापा भी पाइल्स होने की एक बड़ी वजह है।

पाइल्स के घरेलू उपाय- सेब का सिरका- आचार्य श्री बालकृष्ण ने पाइल्स का घरेलू उपाय बताए हैं जिनमें उन्होंने सेब के सिरके को भी शामिल किया है। सेब का सिरका कसैला होता है जो हमारे रक्तवाहिनियों को सिकोड़ने में मदद करता है। अगर आपको बवासीर में खून निकलता है तो आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सिरका डालकर दिन में दो बार पिएं। अगर आपका बवासीर बादी है तो सेब के सिरके में रुई भिगोकर प्रभावित स्थान पर रखें। इससे बहुत लाभ मिलता है।

जीरे का करें इस्तेमाल- खूनी बवासीर में जीरा और मिश्री को मिलाकर पीस लें। इस दिन में दो बार छाछ के साथ एक चम्मच लें। बादी बवासीर में जीरा पाउडर और पानी को मिलाकर लेप बना लें और इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं, दर्द और जलन से राहत मिलेगी।

एलोवेरा से होगा फायदा- एलोवेरा सूजन को कम करता है और जलन से भी राहत दिलाता है। इसके इस्तेमाल से एसिडिटी की समस्या नहीं होती। आप एलोवेरा जेल को प्रभावित स्थान पर लगाएं साथ ही रोजाना एलोवेरा के जूस का सेवन करें।

जैतून का तेल- जैतून का तेल बवासीर में बहुत लाभकारी होता है। यह रक्तवाहिकाओं में आई सूजन को कम करता है। बादी बवासीर में यह ज़्यादा फायदा पहुंचाता है। इसके लिए आप प्रभावित स्थान पर जैतून के तेल को लगाएं।

Next Stories
1 Blood Pressure: ठंड और चक्कर आना है लो ब्लड प्रेशर का लक्षण, इन आसान तरीकों से लो BP को करें सामान्य
2 सर्दियों में गुड़ के साथ दूध पीने के हैं कई फायदे, इन 5 बीमारियों में भी है लाभदायक
3 नुकसान भी कर सकता है बादाम का अत्यधिक सेवन, जानें कितना खाना होगा उचित
ये पढ़ा क्या?
X