कब बढ़ सकता है Uric Acid का लेवल, एक्सपर्ट्स से जानें क्या हो सकता है नुकसान और कैसे करें बचाव?

Uric Acid: मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियां जैसे कि हाइपोथायरॉयडिज्म, हाइपरकोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त मरीजों में यूरिक एसिड लेवल बढ़ा हुआ मिल सकता है

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शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें पहला लोगों का खानपान है

High Uric Acid: यूरिक एसिड शरीर से निकलने वाला ही एक वेस्ट प्रोडक्ट है जिसकी अधिकता सेहत को नुकसान हो सकता है। आज के समय में देश में हाई यूरिक एसिड से जूझ रहे मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। पहले जहां ये परेशानी बुजुर्गों में अधिक देखने को मिलती थी, अब कई युवा भी इसकी चपेट में आते दिख रहे हैं। यही वजह है कि लोग हेल्थ एक्सपर्ट्स से इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं।

नई दिल्ली के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. अमरेंद्र कुमार झा ने उन परिस्थितियों के बारे में बताया है जिसमें लोगों की शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। साथ ही, उन्होंने इससे होने वाले नुकसान और बचाव के तरीकों पर भी बात की है।

पहले जानें क्या है यूरिक एसिड: आमतौर पर यूरिक एसिड कुछ मात्रा में लोगों के ब्लड में पाया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब लोग डाइट में प्यूरीन युक्त फूड्स की मात्रा बढ़ा देते हैं, ज्यादा शराब का सेवन करते हैं या अपने वजन पर ध्यान नहीं रखते हैं तो ब्लड में इसकी मात्रा बढ़ जाती है और यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स बनकर जोड़ों में जमा हो जाते हैं।

क्यों बढ़ जाता है शरीर में इस केमिकल का स्तर: डॉ. अमरेंद्र कुमार झा बताते हैं कि शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें पहला लोगों का खानपान है। उनके मुताबिक यदि लोग अपनी डाइट में प्यूरीन से भरपूर फूड्स ज्यादा मात्रा में शामिल करते हैं तो उन्हें ये परेशानी हो सकती है। रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी फूड, बीन्स और लेग्यूम्स के सेवन से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है।

कुछ बीमारियों का संकेत भी हो सकता है हाई यूरिक एसिड: डॉक्टर के मुताबिक कुछ स्वास्थ्य परेशानियों की वजह से भी यूरिक एसिड की मात्रा शरीर में अधिक हो जाती है। वो बताते हैं कि किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों में इस केमिकल की मात्रा ज्यादा होती है।

डॉ. अमरेंद्र कुमार झा के अनुसार मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियां जैसे कि हाइपोथायरॉयडिज्म, हाइपरकोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त मरीजों में यूरिक एसिड लेवल बढ़ा हुआ मिल सकता है। वहीं, जो लोग कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी करा रहे हैं, उनमें भी हाई यूरिक एसिड की परेशानी होती है।

एक-तिहाई लोगों में नहीं दिखते लक्षण: एक्सपर्ट बताते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर एक-तिहाई मरीजों में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। वहीं, दूसरे मरीजों में किडनी स्टोन, गाउट, किडनी फेलियर और जॉइंट पेन हो सकता है। उनके मुताबिक ब्लड में यूरिक एसिड की मात्रा जांचने से इस बीमारी का पता चल सकता है।

क्या हैं बचाव के उपाय:
– प्यूरीन युक्त फूड्स का सेवन कम करें
– शराब से परहेज करें
– पानी ज्यादा पीयें
– यूरिक एसिड कम करने वाली दवाइयों का सेवन करें

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