सुबह-सवेरे शरीर में दिखने वाली ये 5 परेशानियां High Blood Sugar का संकेत, जानें

High Blood Sugar: विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड शुगर टार्गेट उस रेंज को कहते हैं कि जो मरीजों के लिए हेल्दी लेवल होता है

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कई बार सुबह उठते ही मरीजों का शुगर लेवल बाकी समय की तुलना में अधिक हो जाता है

Diabetes: वर्तमान समय में अस्वस्थ खानपान, शारीरिक सक्रियता की कमी, स्ट्रेस और मोटापा की वजह से लोगों में ब्लड शुगर का बढ़ना बेहद आम बात है। बता दें कि उच्च रक्त शर्करा कई खतरनाक स्वास्थ्य परेशानियों जैसे कि डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है। कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि सुबह-सुबह लोगों का ब्लड शुगर अचानक ही बढ़ जाता है।

क्यों बढ़ जाता है इस वक्त रक्त शर्करा का स्तर: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हार्मोनल बदलाव के कारण मॉर्निंग में रक्त शर्करा अधिक हो जाता है। अगर रात में मरीजों के शरीर में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में मौजूद न हो तो भी सुबह शुगर बढ़ सकता है। वहीं, यदि रोगी ने ज्यादा या कम दवाइयां खाई हैं तो भी सुबह ये परेशानी हो सकती है। साथ ही, रक्त शर्करा का स्तर इस बात से भी प्रभावित होता है कि मरीज ने रात को सोने से पहले क्या खाया था।

इन 5 परेशानियों से पता करें हाई ब्लड शुगर: कई बार सुबह उठते ही मरीजों का शुगर लेवल बाकी समय की तुलना में अधिक हो जाता है। हालांकि, डायबिटीज के लक्षणों के सामने आने से पहले ही ये बीमारी शरीर पर धावा बोल देता है। इसी वजह से इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक उठने के साथ अगर आपको कुछ खास परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो ये हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।

– बेहोशी
– नॉसिया
– धुंधलापन
– भ्रम की स्थिति
– प्यास लगना

क्या होता है ब्लड शुगर टार्गेट: विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड शुगर टार्गेट उस रेंज को कहते हैं कि जो मरीजों के लिए हेल्दी लेवल होता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार खाने से पहले मरीजों का ब्लड शुगर लेवल 80 से 130 mg/dL होना चाहिए। वहीं, भोजन के दो घंटे बाद रक्त शर्करा का स्तर 180 mg/dL से कम होना चाहिए। सीडीसी के अनुसार शुगर लेवल लोगों की उम्र, दूसरी बीमारियां व अन्य कारकों की वजह से भी प्रभावित होती है।

कैसे काबू में रखें सुबह रक्त शर्करा का स्तर: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिन लोगों का शुगर लेवल सुबह के समय ज्यादा हो जाता है उन्हें अपने डॉक्टर से सलाह करके खाने के बाद की दवाइयों या इंसुलिन को बिस्तर पर जाते वक्त लें। डिनर शाम में ही करें, हो सके तो डिनर के बाद हल्का व्यायाम करें।

बिस्तर पर जाते वक्त कार्ब्स युक्त स्नैक्स के सेवन से बचें, इससे शुगर लेवल बढ़ सकता है। अगर इसके बावजूद ग्लूकोज का स्तर काबू में नहीं हो रहा है तो अपने डॉक्टर से बात करें।

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