डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। हमारी बॉडी में पैंक्रियाज का काम इंसुलिन नाम का हार्मोन बनाना है, जो ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाकर ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता या शरीर उस पर सही तरीके से प्रतिक्रिया नहीं देता, तो ब्लड शुगर बढ़ने लगती है। आमतौर पर ब्लड में शुगर का स्तर खाली पेट और खाने के बाद मापा जाता है। खाली पेट ब्लड शुगर 70–99 mg/dL के बीच सामान्य मानी जाती है, जबकि भोजन के 2 घंटे बाद यह 140 mg/dL से कम होनी चाहिए। यदि ब्लड शुगर का स्तर 300 mg/dL या उससे अधिक पहुंच जाए, तो शरीर पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं और तुरंत चिकित्सीय सलाह लेना जरूरी होता है।
क्लिनिकल न्यूट्रिशन में MPhil और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट डॉ. जावेद खान ने बताया जब लंबे समय तक ब्लड शुगर अधिक रहता है, तो शरीर की रक्त वाहिकाओं और अंगों पर असर पड़ सकता है। लम्बे समय तक डायबिटीज अनकंट्रोल रहने से हृदय, किडनी, आंखों और नसों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय रहते ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना जरूरी है।
डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए क्या करें?
डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए सबसे पहले इसके बुनियादी सिद्धांतों को समझना जरूरी है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में दो बातें सबसे अहम भूमिका निभाती हैं।
- पहली, नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम। रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज का बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है, जिससे ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।
- दूसरी, संतुलित और सही आहार का चुनाव। ऐसे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम हो। कम GI वाले फूड्स धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। साथ ही भोजन में पर्याप्त फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स शामिल करना भी ब्लड शुगर मैनेजमेंट के लिए फायदेमंद माना जाता है।
क्या सिर्फ दवा खाने से डायबिटीज कंट्रोल हो जाती है?
डॉक्टर जावेद ने बताया दवा लेने के साथ अगर व्यक्ति लगातार मीठा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ खाता रहे, तो ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए दवा के साथ सही खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी है। अगर परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री है, तब भी खानपान, वजन कंट्रोल और नियमित व्यायाम जैसी लाइफस्टाइल की आदतें बीमारी के जोखिम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डायबिटीज कंट्रोल करने के 5 जरूरी टिप्स
सलाद को रोजाना डाइट में शामिल करें
डायबिटीज कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप लंच और डिनर से पहले एक प्लेट सलाद खाएं। कच्ची सब्जियों जैसे खीरा, ककड़ी, गाजर और पत्ता गोभी में फाइबर अधिक होता है और इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।
कच्चा प्याज का करें सेवन
डॉक्टर ने कच्चा प्याज खाने की सलाह दी है। प्याज को सलाद में शामिल करने से ब्लड शुगर कम करने में मदद मिल सकती है। इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेते रहें और संतुलित आहार व नियमित व्यायाम पर भी ध्यान दें।
गेहूं की जगह जौ और चावल की जगह मिलेट्स चुनें
डायबिटीज के मरीज गेहूं की रोटी की जगह जौ (बार्ले) का आटा और सफेद चावल की जगह मोटे अनाज यानी मिलेट्स जैसे बाजरा, ज्वार या रागी का सेवन कर सकते हैं। जौ में बीटा-ग्लूकॉन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
पूरे फल खाएं, जूस नहीं
डॉक्टर ने सलाह दी है कि डायबिटीज के मरीज फलों का जूस पीने के बजाय पूरा फल खाएं। पूरे फल में मौजूद फाइबर शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। बहुत अधिक मीठे फलों का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
हेल्दी फैट्स को डाइट का हिस्सा बनाएं
डॉक्टर ने बताया डायबिटीज मरीजों के लिए हेल्दी फैट का सेवन असरदार साबित होता है। हेल्दी फैट्स में बादाम, काजू, अलसी के बीज, चिया सीड्स, नारियल और नारियल तेल जैसे हेल्दी फैट्स वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह दी गई है। इनका सीमित मात्रा में सेवन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है और बार-बार भूख लगने की समस्या कम कर सकता है।
प्रोसेस्ड तेल से बचने की सलाह
डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए प्रोसेस्ड वेजिटेबल ऑयल की बजाय कम प्रोसेस्ड तेल का उपयोग करें। हालांकि किसी भी तेल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
साबुत दालें खाएं
डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर नॉर्मल करने के लिए छिलके वाली साबुत दालें जैसे साबुत मूंग और काले चने, धुली हुई दालों की तुलना में अधिक फाइबर और प्रोटीन देती हैं। ये भोजन के बाद ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती हैं।
एक्सरसाइज भी है जरूरी
रोजाना 20–30 मिनट व्यायाम या तेज चाल से चलना भी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का तरीका है। नियमित शारीरिक गतिविधि इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर बनाने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है।
क्या डायबिटीज रिवर्स हो सकती है?
डॉक्टर ने बताया डायबिटीज मरीज अगर इन सभी उपायों को अपनाएं, तनाव को कंट्रोल करें तो प्री डायबिटीज को रिवर्स कर सकते हैं। टाइप 2 डायबिटीज के शुरुआती चरण में, वजन कम करने, हेल्दी डाइट और नियमित व्यायाम से डायबिटीज रिमिशन (Remission) की जा सकती है। यह स्थिति डॉक्टर की निगरानी में ही आंकी जाती है और दवाओं में कोई भी बदलाव खुद नहीं करना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
डॉक्टर की सलाह के बिना डायबिटीज की दवा बंद न करें।
नियमित रूप से ब्लड शुगर और HbA1c की जांच कराते रहें।
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद डायबिटीज कंट्रोल में रखने के प्रमुख आधार हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी आहार, सप्लीमेंट या उपचार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य डायबिटोलॉजिस्ट की सलाह अवश्य लें। डायबिटीज की दवाओं में बदलाव बिना चिकित्सकीय परामर्श के न करें।
