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Obesity Hypertension: मोटापा बच्चों को बना सकता है हाई ब्लड प्रेशर का शिकार, जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके!

Obesity-Related Hypertension in Children: बच्चों में मोटापा न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, बल्कि उन्हें अवसाद के खतरे में भी डालता है।

Obesity Hypertension: मोटापा बच्चों को बना सकता है हाई ब्लड प्रेशर का शिकार, जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके!
बच्चों में ब्लड प्रेशर हाई होने के कारण और इलाज (Image: Freepik)

Screening & Treating Kids for High Blood Pressure: गलत खान- पान की वजह से खराब जीवनशैली मोटापे की समस्या बच्चों के साथ -साथ युवाओं में भी दिखने लगी है। अगर बच्चे कम उम्र में ही मोटापे के शिकार हो जाते हैं तो यह चिंता का विषय है। मधुमेह, हृदय रोग और अस्थमा के कारण बच्चे मोटे हो सकते हैं। लेकिन खाने-पीने की आदतों में सुधार करके नियमित व्यायाम से बच्चों में मोटापा कम किया जा सकता है और इस समस्या को खत्म किया जा सकता है। बच्चों में मोटापा न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है बल्कि उन्हें अवसाद के खतरे में भी डालता है। आइए जानें बच्चों को फिट रखने के कुछ टिप्स-

बच्चों में हाई बीपी के कारण

अधिकतर बच्चों में हाई बीपी की समस्या के पीछे आनुवंशिक कारक जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य बीमारियों के कारण भी बच्चों को बीपी की समस्या हो सकती है। जिसमें हार्मोनल बदलाव, नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याएं, हृदय रोग और किडनी की गंभीर बीमारी शामिल है। इन सबके अलावा एक खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खान-पान प्रमुख कारक हैं।

बच्चों में हाई बीपी के लक्षण

एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित बच्चों में शुरूआती दौर में बहुत कम या हल्के लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन समस्या बढ़ने के साथ लक्षण भी गंभीर होने लगते हैं। वहीं NCBI के प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक 2 से 4% बच्चे ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं। सिरदर्द, थकान और चक्कर आना जैसे लक्षण भी बच्चों में हाई बीपी के लक्षण माने जाते हैं।

पौष्टिक और सेहतमंद खाना खाने की आदत डालें

ज्यादातर बच्चे वही खाते हैं जो उनके माता-पिता बाजार से खरीदते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि बाजार से खरीदे जाने वाले अधिकांश खाद्य पदार्थों में वसा और शर्करा की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे मोटापा बढ़ता है। इसके अलावा सॉफ्ट ड्रिंक्स, फास्ट फूड और कैंडीज भी मोटापा बढ़ाते हैं। बच्चों को फास्ट फूड, फ्रोजन फूड, नमकीन स्नैक्स और पैकेज्ड फूड के बजाय ताजे फल या सब्जियां खिलाएं। उन्हें स्वस्थ और पौष्टिक भोजन खाने की आदत डालें।

पारिवारिक गतिविधियों को बढ़ाएं

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने घर में पारिवारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें। इसका आनंद पूरा परिवार एक साथ ले सकता है। इससे पारिवारिक संबंध भी बेहतर होते हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों को शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा सकता है। तैराकी या साइकिल चलाने जैसी गतिविधियां बच्चों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं।

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें

जो बच्चे स्क्रीन (मोबाइल, लैपटॉप, टीवी) देखने में अधिक समय बिताते हैं, उनमें मोटापे का खतरा अधिक होता है। जो बच्चे बहुत अधिक समय टीवी देखने या कंप्यूटर गेम खेलने में बिताते हैं, उनमें मोटे होने का खतरा अधिक होता है। स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से बच्चों को शारीरिक गतिविधियों के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता है। इसलिए बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना बहुत जरूरी हो जाता है। लंबे समय तक मोबाइल फोन या टीवी देखने से भी आंखों की सेहत पर असर पड़ता है।

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First published on: 25-09-2022 at 10:47:13 am
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