मेडिकल साइंस में हाई ब्लड प्रेशर (140/90 mmHg) को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी बड़े लक्षणों के चुपके से दिल की धमनियों (Arteries) को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर चार में से एक वयस्क इस समस्या से जूझ रहा है, जो आगे चलकर ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक की मुख्य वजह बनता है। आयुर्वेद के नजरिए से यह शरीर में बढ़े हुए ‘पित्त और व्यान वायु’ के असंतुलन का संकेत है। एक नॉर्मल इंसान का बीपी 120/80 mmHg होना नॉर्मल माना जाता है लेकिन अगर ये स्तर  140/90 mmHg तक पहुंच जाए तो इसे हाई बीपी की शुरुआती स्टेज माना जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक 140/90 mmHg बीपी को बिना हैवी एलोपैथिक दवाओं के केवल सही लाइफस्टाइल और हर्बल नुस्खों से रिवर्स (Reverse) किया जा सकता है।

आयुर्वेद एक्सपर्ट नित्यानंदम श्री आनंदम आयुर्वेद के संस्थापक है और प्राचीन प्राकृतिक चिकित्सा, योग और डाइट के माध्यम से ओवरऑल हेल्थ और निरोगी काया के उपाय बताते हैं, ने बताया शुरुआती दौर में बढ़ रहे बीपी को सही खान-पान, प्राणायाम और जीवनशैली में बदलाव करके पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। एक्सपर्ट ने बताया 140/90 mmHg के इस स्तर को घरेलू और सुरक्षित जड़ी-बूटियों की मदद से नॉर्मल लाया जा सकता है।

140/90 mmHg बीपी का स्तर होने पर बॉडी में होने वाली परेशानियां

140/90 mmHg बीपी स्टेज-1 हाइपरटेंशन है। 140/90 mmHg का स्तर यह दर्शाता है कि दिल को पूरे शरीर में खून पंप करने के लिए सामान्य से अधिक जोर लगाना पड़ रहा है। इस स्तर पर धमनियों की दीवारें सख्त होने लगती हैं, जिससे किडनी और आंखों की नसों पर सीधा बुरा असर पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार, अर्जुन की छाल, लहसुन और शंखपुष्पी जैसी जड़ी-बूटियां खून के बहाव को सुचारू करके बिना किसी साइड इफेक्ट के बीपी को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने में मददगार साबित होती हैं।

140/90 mmHg बीपी होने पर सबसे पहले क्या करें?

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ के अनुसार अगर अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाए तो सबसे पहले व्यक्ति शांत जगह पर बैठ जाएं ये लेटें। घबराने के बजाय 5–10 मिनट आराम करें और संभव हो तो ब्लड प्रेशर दोबारा मापें। इसके बाद चिकित्सीय सलाह लेना सबसे उचित माना जाता है।

सिर पर ठंडा पानी डालें

अगर ब्लड प्रेशर हाई हो रहा है तो आप सिर पर ठंडा पानी डालें। ठंडे पानी से नहाने से शरीर को ठंडक मिलेगी और घबराहट कम महसूस होगी। आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें। बहुत ठंडे पानी का प्रयोग हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता।

बीपी हाई है तो ज्यादा पानी पिएं

एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपका बीपी हाई है तो आप पर्याप्त पानी का सेवन करें। सादा पानी पीने से पेशाब अधिक आता है और कुछ लोगों को हल्कापन महसूस हो सकता है। हालांकि पानी पीना हाई ब्लड प्रेशर का उपचार नहीं है और यह हर मरीज में एक जैसा असर नहीं दिखाता।

हाई बीपी में इन चीजों से करें परहेज

ब्लड प्रेशर बढ़ने पर अधिक नमक, तला-भुना भोजन, तीखे मसाले, भारी भोजन और बार-बार अधिक मात्रा में खाने से बचना चाहिए। साथ ही कॉफी और दूसरे कैफीनयुक्त ड्रिंक्स का सेवन भी सीमित रखें। ब्लड प्रेशर बढ़ने पर तनाव, लड़ाई-झगड़ा, तेज आवाज में संगीत सुनना, अधिक कॉफी पीना और शरीर को गर्म करने वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।

हाई बीपी में ये फूड करेंगे मदद

हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन हाई बीपी को नॉर्मल रखने में मदद करता है। बीपी को नॉर्मल करने के लिए आप सब्जियों का सूप, सलाद, उबली हुई सब्जियां और हल्का भोजन करें ताकि पाचन तंत्र पर अधिक दबाव न पड़े।

नींबू पानी पिएं

बिना नमक और बिना चीनी वाला नींबू पानी पिएं बीपी कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। नींबू पानी से शरीर को हल्कापन महसूस होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

आयुर्वेदिक गोलियां करेंगी मदद

सर्पगंधा घनवटी करें सेवन

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ ने फर्स्ट एड के रूप में सर्पगंधा घनवटी लेने की सलाह दी है। सर्पगंधा एक औषधीय जड़ी-बूटी है, जो ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती है। इसका सेवन केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए, क्योंकि इसकी गलत मात्रा से ब्लड प्रेशर बहुत अधिक कम हो सकता है या दूसरे दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

पैरों की मालिश करें

एक्सपर्ट के मुताबिक बीपी को कंट्रोल करने के लिए आप पैरों की मालिश करें। जब ब्लड प्रेशर बहुत अधिक बढ़ा हो, तब पैरों की हल्की मालिश नीचे की दिशा में करने से आराम मिल सकता है।

सिर को ऊंचा रखें

एक्सपर्ट ने बताया ब्लड प्रेशर बढ़ने पर कुछ समय के लिए सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर लेटें और पैरों को अपेक्षाकृत नीचे रखें। इससे व्यक्ति को आराम महसूस हो सकता है।

चंद्रभेदी प्राणायाम

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ ने चंद्र भेदी प्राणायाम करने की सलाह दी है। इसमें बाईं नासिका से सांस अंदर ली जाती है और दाईं नासिका से बाहर छोड़ी जाती है। उनके अनुसार इसे 5 मिनट तक करने से मन शांत होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। लम्बे समय तक बीपी को कंट्रोल रखने के लिए संतुलित आहार का सेवन करें, नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने का प्रयास करें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक आयुर्वेदिक विशेषज्ञ द्वारा साझा किए गए विचारों पर आधारित है। अगर ब्लड प्रेशर 180/120 mmHg या उससे अधिक हो, या इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखना, कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानें और तुरंत अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी ब्लड प्रेशर की दवा बंद या शुरू न करें।