पैर और अंगूठे की सूजन (Edema) लगातार बने रहना हार्ट फेल्योर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण शुरुआती संकेत है, जिसे अक्सर लोग किडनी या थकान की समस्या समझ लेते हैं। हार्ट फेलियर से मतलब ये नहीं है कि दिल ने काम करना बंद कर दिया है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार इसका मतलब है कि संरचनात्मक और कार्यात्मक विकारों के कारण दिल उतनी कुशलता से ब्लड को पंप नहीं कर पा रहा है जितना उसे करना चाहिए। ऐसी स्थिति में बॉडी के कई अंगों खासतौर पर पैरों, टखनों और पंजों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। पैरों और पंजों में इस फ्लूड का जमाव हार्ट फेलियर के शुरुआती और सबसे आम लक्षणों में से एक है। पैरों में इस फ्लूड का जमाव गुरुत्वाकर्षण (gravity) से प्रभावित होता है, इसलिए लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने पर ये अक्सर अधिक ध्यान देने योग्य हो जाता है।
Journal of Cardiac Failure की एक रिसर्च के मुताबिक हार्ट फेल्योर के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले 70% मरीजों में भर्ती होने से कुछ दिन पहले पैरों में सूजन के लक्षण देखे गए थे। इसे नजरअंदाज करना हार्ट अटैक या अचानक कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को बढ़ा सकता है।
दिल की बीमारी के लिए सेल्फ टेस्ट करें
डॉक्टर के मुताबिक अगर आप देखना चाहते हैं कि आपकी किडनी, दिल और लिवर ठीक से काम कर रहा है तो आप एक सेल्फ टेस्ट करें। आप अपनी पिंडली या टखने पर उंगली से 5 सेकंड के लिए दबाते हैं और उंगली हटाने के बाद स्किन पर गड्ढा या निशान बन जाए तो इस स्थिति को पीटिंग एडिमा (Pitting Oedema) कहते हैं। 5 सेकंड का ये छोटा सा टेस्ट आपको दिल, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारी का संकेत देता है। NHS के मुताबिक हार्ट फेलियर के लक्षणों में टखनों और पैरों में सूजन तरल पदार्थ के जमाव के कारण होती है। ये स्थिति अक्सर सुबह के समय बेहतर हो जाती है, लेकिन दिन बढ़ने के साथ-साथ बिगड़ती जाती है।
पैरों, टखनों और अंगूठे में सूजन होना
गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण खून और Fluids पैरों, टखनों और अंगूठे की नसों में जमा होने लगता हैं। इसे Congestive Heart Failure (CHF) का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है। रिसर्च बताती है कि जब दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं तो वे शरीर के निचले हिस्सों यानी पैरों से खून को वापस ऊपर की तरफ उतनी कुशलता से पंप नहीं कर पातीं और पैरों में सूजन दिखने लगती है।
किडनी और सोडियम का कनेक्शन
American Heart Association (AHA) की रिसर्च के मुताबिक जब दिल कम खून पंप करता है तो किडनी को कम ब्लड मिलता है।किडनी शरीर में पानी और नमक (Sodium) को रोकना शुरू कर देती है। यही अतिरिक्त पानी नसों से बाहर निकलकर टिशूज में भर जाता है, जिससे पैरों में भारी सूजन आ जाती है।
पिटिंग एडिमा सबसे बड़ा संकेत
अगर आप अपने सूजे हुए पैर या अंगूठे को 5 सेकंड के लिए उंगली से दबाते हैं और वहां गड्ढा (Dimple) बन जाता है जो तुरंत वापस नहीं भरता तो इसे पीटिंग एडिमा कहते हैं। रिसर्च के मुताबिक ये संकेत है कि शरीर में सिस्टेमिक फ्लूइड ओवरलोड है, जो सीधे तौर पर हार्ट फेल्योर की ओर इशारा करता है।
स्किन में खिंचाव होना
सूजन वाली जगह की स्किन चमकदार (Shiny) और खींची हुई नजर आती है तो ये आपके दिल के लिए खतरा हो सकती है।
किन लोगों को पैरों की सूजन को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
- 40 साल से ऊपर के लोग पैरों की सूजन को नजरअंदाज नहीं करें।
- हाई BP (High Blood Pressure) वाले लोग सूजन को नजरअंदाज नहीं करें।
- डायबिटीज के मरीज, मोटापा (Obesity),शराब का सेवन करने वाले लोग इस सूजन को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करें।
पहले से हार्ट डिजीज या फैमिली हिस्ट्री है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
क्या करें और क्या न करें
क्या करें
अगर आपके पैरों में सूजन है तो आप सबसे पहले खाने में नमक (Salt)का सेवन कम करें।
लंबे समय तक बैठे नहीं रहें, पैरों को मूव करें।
पैर थोड़े ऊंचे रखकर आराम करें, नीचे लटका कर बैठेंगे तो पैरों में सूजन आ सकती है।
वजन रोज़ नोट करें।
क्या नहीं करें
खुद से डाइयुरेटिक दवा नहीं लें। डॉक्टर के मुताबिक दवा का सेवन करें।
सूजन को सिर्फ थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करें।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह की दिल से जुड़ी बीमारी का इलाज करने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
