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हार्ट में ब्लॉकेज से जा सकती है व्यक्ति की जान; जानिए लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

हार्ट में ब्लॉकेज होने पर शरीर में कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, आइए जानते हैं इनके कारण और बचाव के तरीके

heart | Heart Attack | Research about Heart
दिल के रोगों का सबसे बड़ा कारण है नशीले पदार्थों का सेवन करना। photo-freepik

हार्ट ब्लॉक को एवी ब्लॉक भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाला विद्युत संकेत आंशिक रूप से या पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाता है। जब ऐसा होता है, तो आपका दिल या तो धीमी गति से धड़कना शुरू कर देता है या दिल की धड़कन रुक जाती है। ऐसी स्थिति में हृदय शरीर में रक्त को ठीक तरह से नहीं पहुंचा पाता है।

हार्ट ब्लॉकेज होने के कारण (Heart blockage causes)

हार्ट ब्लॉक होने के कारण व्यक्ति को हार्ट अटैक है, यह इसका सबसे आम कारण है। अन्य कारणों में कार्डियोमायोपैथी, हृदय के वाल्व की समस्याएं या हृदय का आकार शामिल हैं। हार्ट सर्जरी के दौरान हुई छोटी-मोटी समस्याएं भी हार्ट ब्लॉक का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा किसी दवा के साइड इफेक्ट के कारण हो भी हृदय में रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है। कई मामलों में यह जेनेटिक भी हो सकता है।

हार्ट ब्लॉकेज अलग-अलग स्टेज पर होता है। पहले या प्रारंभिक चरण में कोई विशिष्ट लक्षण नहीं होते हैं। दूसरे चरण में दिल की धड़कन सामान्य से थोड़ी कम हो जाती है। तीसरे चरण में हृदय रुक-रुक कर धड़कने लगता है। दिल का दौरा या दिल का दौरा भी दूसरे या तीसरे चरण में आ सकता है। इसके लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता है।

हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart Blockage Symptoms in Hindi)

हार्ट ब्लॉकेज के इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये लक्षण बाद में हार्ट अटैक के कारण बन सकते हैं।

  • सांस फूलना
  • छोटी सांस आना
  • छाती में दर्द होना
  • अधिक थकान होना
  • बार-बार सिरदर्द होना
  • कमजोरी या ठण्ड लगना
  • चक्कर आना या बेहोश हो जाना
  • काम करने पर थकान महसूस हो जाना
  • गर्दन, ऊपरी पेट, जबड़े, गले या पीठ में दर्द होना
  • अपने पैरों या हाथों में दर्द होना या सुन्न हो जाना

लाल मिर्च का इस्तेमाल

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार लाल मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन नामक तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल ऑक्सीकरण को रोकता है। यह रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जो धमनियों के बंद होने के मुख्य कारणों में से एक है। इसके अलावा, यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। यह दिल के दौरे और स्ट्रोक (हृदय रुकावट के लिए आयुर्वेदिक उपचार) के जोखिम को भी कम करता है। एक कप गर्म पानी में आधा या एक चम्मच लाल मिर्च मिलाएं। इसे कुछ हफ्तों तक नियमित रूप से लें। इसके अलावा आप डॉक्टर की सलाह पर लाल मिर्च सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

अलसी से हार्ट ब्लॉकेज का इलाज

अलसी के बीज अल्फालिनोलेनिक एसिड (ALA) के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। यह रक्तचाप और सूजन को कम करने के साथ ही बंद धमनियों को साफ रखने में मदद करता है। हार्ट ब्लॉक को खोलने के लिए अलसी का घरेलू नुस्खा फायदेमंद साबित हो सकता है। यह हार्ट अटैक के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करता है। एक चम्मच अलसी नियमित रूप से पानी के साथ लें। इसके अलावा आप इसे जूस, सूप या स्मूदी में मिलाकर भी ले सकते हैं।

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