कैंसर… यह एक ऐसा शब्द है जो किसी को भी अंदर तक झकझोर देता है। ये बीमारी अगर समय पर पकड़ में आ जाए तो जान बच सकती है वरना जिंदगी को अपने साथ लेकर जाती है। समय के साथ मेडिकल साइंस पूरी तरह प्रोग्रेस कर रहा है। लेटेस्ट मेडिकल रिसर्च कहती हैं कि अगर लाइफस्टाइल और डाइट में कुछ बदलाव किए जाएं तो कैंसर से बचाव संभव है। विश्व कैंसर दिवस के खास मौके पर हेल्थ एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि रोजमर्रा की कुछ मामूली दिखने वाली गलतियां ही कैंसर के खतरे को बढ़ा रही हैं। खराब डाइट मोटापा का कारण बनती है और मोटापा कई तरह के कैंसर को जन्म दे सकता है। ओवरी कैंसर,बच्चेदानी का कैंसर मोटापा के शिकार महिलाओं में अधिक देखा जाता है।
वरिष्ठ सलाहकार हेमेटोलॉजिस्ट एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट Dr. Lalit Mohan Sharma ने बताया हमारी नई जनरेशन पिज्जा, बर्गर,जंक फूड पर सेट हो रही है। हमारी बॉडी में फाइबर न के बराबर जा रहा है जिसका असर हमारी इम्यूनिटी पर पड़ रहा है। कैंसर का सबसे बड़ा दुश्मन कोई दवा नहीं, बल्कि आपका लाइफस्टाइल और डाइट है। हमारी डाइट में मांसाहारी फूड की मात्रा बढ़ रही है जिससे आंत के कैंसर का खतरा बढ़ रहा है।
लेटेस्ट ग्लोबल हेल्थ रिसर्च में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है।
2026 की ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 40-50% कैंसर के मामलों को सही लाइफस्टाइल और डाइट से रोका जा सकता है। तंबाकू और शराब का त्याग करना इस दिशा में सबसे बड़ा कदम है। एक्सपर्ट ने 5 छोटी लेकिन शक्तिशाली लाइफस्टाइल हेबिट्स का खुलासा किया है, जो हमारी बॉडी के चारों तरफ सुरक्षा कवच तैयार कर सकती हैं। आइए जानते हैं कैसे आप खुद को इस जानलेवा बीमारी से महफूज रख सकते हैं।
तंबाकू और शराब है कैंसर के ट्रिगर
तंबाकू और शराब का सेवन आपको कैंसर की तरफ लेकर जा सकता है। तंबाकू का धुआं शरीर के DNA को डैमेज करता है, जिसे रिपेयर करना मुश्किल होता है। वहीं शराब लिवर और ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है। आप तंबाकू और शराब से परहेज करें। हम जानते है कि इस आदत को छोड़ना आसान नहीं है लेकिन आप निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी अपनाकर या फिर इन नशीले पदार्थों की धीरे-धीरे मात्रा कम कर सकते हैं।
कैंसर से बचने के लिए फिजिकल एक्टिविटी है जरूरी
खराब लाइफस्टाइल कैंसर को दावत देता है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि बहुत कम बॉडी की एक्टिविटी करने से बॉडी में सूजन बढ़ने लगती है। एक्सरसाइज करने से शरीर में सूजन (Inflammation) कंट्रोल रहती है, इंसुलिन लेवल में सुधार होता है जो कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है। बॉडी को एक्टिव रखने के लिए आप जरूरी नहीं आप जिम जाएं आप रोजाना 30 मिनट की तेज वॉक भी कर सकते हैं।
एंटी-कैंसर डाइट है जरूरी
कुछ फूड्स जैसे चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड मीट कैंसर के रिस्क को बढ़ाते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि रंग-बिरंगे फल और सब्जियों में फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो कैंसर से लड़ते हैं। अपनी डाइट में रंग बिरंगे फल और सब्जियों को शामिल करें। हाई फाइबर डाइट कैंसर के रिस्क को कम करती है। आप अपनी डाइट में इंद्रधनुष की तरह रंगीन फल और सब्जियां शामिल करें।
साइलेंट किलर हैं कम नींद और तनाव
रात की कम नींद आपकी बॉडी में कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती है। रात को गहरी नींद सोने से शरीर मेलाटोनिन (Melatonin) बनाता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। तनाव से बढ़ने वाला कोर्टिसोल इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। कैंसर से बचाव करने के लिए 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और मेडिटेशन के लिए 10 मिनट जरूर निकालें।
स्क्रीनिंग और चेकअप
प्रिवेंशन से बेहतर है अर्ली डिटेक्शन। अक्सर लोग बीमारी पता लगने के डर के कारण टेस्ट नहीं कराते जो गलत है। आपको बता दें कैंसर जैसी बीमारी अगर शुरुआती स्टेज में पकड़ में आ जाए तो कैंसर का इलाज 90-100% सफल हो सकता है। 40 की उम्र के बाद मैमोग्राफी, पैप स्मीयर और रूटीन ब्लड टेस्ट को अपनी सालाना लिस्ट में शामिल करें।
मिथक बनाम हकीकत
मिथक है कि कैंसर सिर्फ अनुवांशिक (Genetic) होता है। लेकिन केवल 5 से 10% कैंसर जेनेटिक होते हैं, बाकी 90% हमारी आदतों और पर्यावरण पर निर्भर करते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
