महिलाएं घर में हों या बाहर वो हर जगह मल्टीटास्किंग की जिम्मेदारी निभाती हैं। खासतौर पर किचन में उनका ये रोल और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एक ही समय में दाल, सब्ज़ी, रोटी बनाना और साथ-साथ बर्तन साफ करना, इन सबके बीच ज़रा-सी जल्दबाजी या ध्यान भटकने पर हाथ या पैर का जल जाना आम बात है।

हालांकि जलने के हादसे सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं हैं। घर का कोई भी काम हो या बाहर का, ऐसे हादसे कभी भी हो सकते हैं। परेशानी तब बढ़ जाती है, जब जलने पर हम तुरंत घरेलू नुस्खों की ओर भागते हैं जैसे बर्फ लगाना, टूथपेस्ट, घी, मक्खन, तेल या हल्दी लगा देना। हकीकत ये है कि ये घरेलू उपाय राहत देने की बजाय नुकसान कर सकते हैं। बर्फ लगाने से स्किन को अतिरिक्त नुकसान पहुंच सकता है, वहीं घी-तेल या टूथपेस्ट लगाने से जली हुई स्किन पर गर्मी फंस जाती है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। कई बार इससे घाव भरने में देरी होती है, जलन और गहरी हो सकती है।

अगर आप भी जलने पर तुरंत बर्फ या कोलगेट लगा देते हैं तो तुरंत अपनी इस आदत को सुधार लें। डॉ. प्रियंका सेहरावत ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि अगर शरीर के किसी भी हिस्से में जलन हो जाए, तो उस पर बर्फ नहीं लगानी चाहिए। जलने पर सही फर्स्ट-एड अपनाएं तो ना सिर्फ आपको जलन से राहत मिलेगी बल्कि स्किन से जले हुए निशान भी गायब हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि जलने पर बर्फ या दूसरी चीजें क्यों खतरा बढ़ाती हैं और जलने पर फस्ट एड कैसा होना चाहिए।

जले हुए हिस्से पर बर्फ लगाना सही है या गलत?

बेंगलुरु के जीवीजी इनविवो हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गुणशेखर वुप्पलपति बताते हैं कि जली हुई स्किन पर बर्फ लगाना बिल्कुल गलत है। जब जली हुई स्किन पर बर्फ लगाई जाती है, तो इससे वहां की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इस प्रक्रिया को वेसोकंसट्रिक्शन कहा जाता है। इससे प्रभावित हिस्से में खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे हीलिंग के लिए जरूरी ऑक्सीजन और पोषक तत्व वहां तक ठीक से नहीं पहुंच पाते। डॉ. वुप्पलपति आगे बताते हैं कि Journal of Burn Care and Research में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, बर्फ लगाने से जलन और गहरी हो सकती है और फ्रॉस्टबाइट का खतरा भी बढ़ जाता है, जो स्किन और उसके नीचे के टिशू को और ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

बर्फ लगाने से हीलिंग कैसे प्रभावित होती है?

जली हुई स्किन पर बहुत ठंडा तापमान पड़ने से कोशिकाओं की कार्यप्रणाली और मेटाबॉलिक प्रोसेस प्रभावित होते हैं, जो घाव भरने के लिए जरूरी होते हैं। कम ब्लड फ्लो के कारण टिशू में हाइपोक्सिया यानी ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे डैमेज हुई कोशिकाओं की मरम्मत और रिजनरेशन धीमी हो जाती है। इसका नतीजा ये होता है कि घाव भरने में ज्यादा समय लगता है और जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।

जलने पर बर्फ लगाने से जुड़े संभावित खतरे

डॉ. वुप्पलपति के अनुसार बर्फ लगाने का सबसे बड़ा खतरा है अतिरिक्त टिशू डैमेज। बर्फ से फ्रॉस्टबाइट हो सकता है, जिसमें टिशू जम जाते हैं और उनमें बर्फ के क्रिस्टल बन जाते हैं। इससे कोशिकाएं फट जाती हैं और मर सकती हैं, जिससे जलने की चोट और गंभीर हो जाती है। एक्सपर्ट ने बताया बर्फ की ठंडक दर्द कम करने की बजाय दर्द बढ़ा सकती है। बर्फ की ठंडक कुछ देर के लिए उस हिस्से को सुन्न कर देती है। बर्फ स्किन के नैचुरल प्रोटेक्टिव बैरियर को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

जलने पर सही फर्स्ट एड क्या करें?

जलन को ठंडा करें

जली हुई जगह को तुरंत ठंडे बहते पानी के नीचे 10 से 20 मिनट तक रखें। इससे स्किन की गर्मी कम होती है, जलन की गंभीरता घटती है और दर्द में राहत मिलती है। पानी से ठंडा करना इसलिए बेहतर है क्योंकि ये बिना नुकसान पहुंचाए स्किन का तापमान धीरे-धीरे कम करता है। लेकिन याद रखें कि बहुत ठंडा पानी के नीचे जला हुआ हिस्सा नहीं रखें। जले हुए हिस्से पर ठंडा पानी रखने से स्किन की गर्मी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके बाद उस हिस्से को साफ, स्टेराइल कपड़े से ढकें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

जली हुई जगह को ढकें

ठंडा करने के बाद उस हिस्से को स्टेराइल, नॉन-एडहेसिव पट्टी या साफ कपड़े से ढक दें। इससे इंफेक्शन और आगे की चोट से बचाव होता है। साथ ही घाव के लिए हल्का नमी वाला वातावरण बनता है, जो हीलिंग में मदद करता है।

बर्फ से पूरी तरह बचें

जली हुई स्किन पर बर्फ या बर्फ मिला पानी बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। इससे फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है और घाव भरने में देरी हो सकती है। ध्यान हल्की ठंडक और सुरक्षा पर होना चाहिए।

दर्द से राहत के लिए दवा

दर्द और सूजन कम करने के लिए इबुप्रोफेन या पैरासिटामोल जैसी ओवर-द-काउंटर दवाएं ली जा सकती हैं। ये शरीर की सूजन की प्रक्रिया को कम करके राहत देती हैं।

कब डॉक्टर को दिखाएं

अगर जलन गंभीर हो जैसे छाले पड़ गए हों, स्किन काली या जली हुई दिखे या जलन हथेली से बड़ी हो तो तुरंत मेडिकल मदद लें। डॉक्टर जलन की गंभीरता का सही आकलन करके उचित इलाज दे सकते हैं, जिससे आगे की जटिलताओं से बचा जा सके।

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डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।