शरीर में थकान, कमजोरी और हाथ-पैरों में झुनझुनी को हम अक्सर काम का तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये विटामिन B12 की गंभीर कमी का संकेत हो सकता है। दिलचस्प बात ये है कि विटामिन B12 की कमी केवल खराब डाइट से नहीं, बल्कि आपकी कमजोर आंतों (Gut Health) की वजह से भी हो सकती है। मेडिकल साइंस के अनुसार अगर आपकी आंतें हेल्दी नहीं हैं तो वो सूजन के कारण भोजन से इस जरूरी विटामिन को सोख नहीं पातीं। आंत में थोड़ी सी भी परेशानी होने पर हमारी बॉडी का सिस्टम बिगड़ने लगता है। आंत में सूजन होने, आंत में गंदगी जमा होने से या फिर आंत में खराब बैक्टीरिया बढ़ने से आंत की सेहत बिगड़ने लगती है।
गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल कानपुर में गैस्ट्रोलॉजिस्ट और एंडोस्कोपिस्ट डॉक्टर वीके मिश्रा ने बताया जिन लोगों को पेट में आंत में परेशानी है या आंत ठीक से चीजों को आब्जर्व नहीं करती तो उनकी बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी होने लगती है। बॉडी में विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में कुछ खास फूड्स को खाएं। कुछ फूड्स ऐसे हैं जो बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी की भरपाई करते हैं। आइए जानते हैं आंतों और विटामिन B12 का क्या कनेक्शन है और किन सुपरफूड्स की मदद से आप इस कमी को तेजी से पूरा कर सकते हैं।
आंत और विटामिन बी 12 का कनेक्शन
ये एक वैज्ञानिक तथ्य है कि Crohn’s Disease, Celiac Disease या फिर आंतों में सूजन (Leaky Gut) होने पर शरीर विटामिन B12 को सोख नहीं पाता, भले ही आप अच्छी डाइट ले रहे हों। आंतों में एक प्रोटीन होता है जिसे इंट्रिन्सिक फैक्टर कहते हैं। अगर आंतें बीमार हैं, तो यह प्रोटीन नहीं बनेगा और विटामिन B12 शरीर में जज्ब नहीं होगा।
विटामिन बी 12 की कमी के लक्षण
बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी होने से केवल थकान नहीं बल्कि हाथ-पैरों में झुनझुनी (Tingling) होती है। इस विटामिन की कमी से जीभ में छाले और याददाश्त कमजोर हो सकती है। विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, दिमाग और नसों की सेहत बनाए रखने और डीएनए बनाने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से एनीमिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अगर शरीर में इसकी कमी है तो डाइट में कुछ खास खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
मांसाहारी फूड्स
रेड मीट जैसे मटन और बीफ विटामिन B12 के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर को पर्याप्त B12 मिल सकता है। हालांकि इनका सेवन संतुलित मात्रा में ही करें ताकि हेल्थ जोखिम न बढ़ें।
चिकन खाएं बी 12 मिलेगा
चिकन भी विटामिन B12 से भरपूर होता है। खासतौर पर चिकन सूप फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि पकने के दौरान पोषक तत्व शोरबे में आ जाते हैं और शरीर इन्हें आसानी से अवशोषित कर पाता है। USDA National Nutrient Database के अनुसार, चिकन न केवल उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का स्रोत है, बल्कि यह विटामिन B12 का भी एक विश्वसनीय स्रोत है।
मछली खाएं
कुछ मछलियां जैसे मैकेरल, हेरिंग, सार्डिन और टूना विटामिन B12 का बेहतरीन स्रोत हैं। नियमित रूप से मछली खाने से न सिर्फ B12 की पूर्ति होती है, बल्कि ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मिलता है, जो दिल की सेहत के लिए लाभकारी है। National Institutes of Health के अनुसार मछलियां विटामिन B12 का सबसे समृद्ध स्रोत हैं। 100 ग्राम टुना मछली में लगभग 10.8 mcg विटामिन B12 होता है, जो दैनिक आवश्यकता (2.4 mcg) का 450% है।
समुद्री भोजन
झींगा, केकड़ा, सीप, मसल्स और लॉबस्टर जैसे सी-फूड में विटामिन B12 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। नॉन-वेज खाने वाले लोग इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
डेयरी प्रोडक्ट का करें सेवन
दूध, दही और पनीर भी विटामिन B12 के अच्छे स्रोत हैं। एक कप दही में लगभग 1 से 1.2 माइक्रोग्राम B12 पाया जा सकता है। साथ ही ये कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हैं। Journal of Agricultural and Food Chemistry में प्रकाशित एक प्रसिद्ध अध्ययन के अनुसार दूध और डेयरी उत्पादों में विटामिन B12 की बायोअवेलेबिलिटी मांस की तुलना में अधिक होती है। इसका मतलब है कि हमारा शरीर चिकन या मीट के मुकाबले दूध से मिलने वाले B12 को अधिक कुशलता से सोखता है।
सावधानी:
यदि आपकी आंतों में गंभीर समस्या है, तो केवल भोजन से B12 की कमी पूरी करना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर विटामिन B12 के सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेना जरूरी हो सकता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आप किसी गंभीर बीमारी के लिए दवा ले रहे हैं या आपकी सर्जरी होने वाली है, तो अदरक का औषधीय उपयोग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
