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सेहतः मुंह के छालों का निदान

खाना खाने पर मुंह में जलन होना, पानी पीने पर दर्द या जलन होना, बोलने में दिक्कत होना, खाना निगलने में परेशानी होना आदि समस्याएं मुंह में छाले की वजह से होती हैं।
Author April 15, 2018 01:38 am
हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी छालों की समस्या को लेकर परेशान जरूर रहा होता है। अगर आपको भी छाले हो जाते हैं, तो घबराने की बात नहीं, क्योंकि यह एक आम समस्या है।

खाना खाने पर मुंह में जलन होना, पानी पीने पर दर्द या जलन होना, बोलने में दिक्कत होना, खाना निगलने में परेशानी होना आदि समस्याएं मुंह में छाले की वजह से होती हैं। कई बार छाले बहुत दर्द देते हैं, जिससे बुखार भी आ जाता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी छालों की समस्या को लेकर परेशान जरूर रहा होता है। अगर आपको भी छाले हो जाते हैं, तो घबराने की बात नहीं, क्योंकि यह एक आम समस्या है। छाले कई बार खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर आपके मुंह में बार-बार छाले हो जाते हैं, तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। किसी समस्या की जड़ यानी कारण मालूम हो जाए तो उसका इलाज करना आसान होता है। छाले क्यों होते हैं, इसका कोई एक कारण नहीं है। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं।
पाचनतंत्र में गड़बड़ी
ज्यादा मसाले, घी, तेल आदि से बना खाना खाने से पाचन क्रिया प्रभावित होती है। जब खाना ठीक से नहीं पचता और पेट साफ नहीं रहता, तो मुंह में छाले हो जाते हैं। यह समस्या कब्ज के कारण भी होती है।
चोट की वजह से
कई बार खाना खाते समय या बातचीत करते समय मुंह में दांतों के टकराने से चोट लग जाती है। कई बार हड़बड़ी में या ठीक से ब्रश न करने की वजह से भी मुंह में चोट लग जाती है। इस चोट के कारण मुंह में घाव हो जाता है। कई बार यही घाव छालों का रूप ले लेता है। कई बार कृत्रिम दंतावली से भी मुंह के मांस को चोट पहुंचती है और छाले हो जाते हैं। ऐसे में जिस वजह से मुंह के अंदर चोट लग रही है उस समस्या को खत्म करना चाहिए। समस्या खत्म होने पर छाले की समस्या भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।
संक्रमण
होंठ फटने पर फटे होंठ को बिना धुले हुए हाथों से छूने पर हाथों के कीटाणु होठों के सहारे मुंह में प्रवेश करते हैं। जिस वजह से संक्रमण मुंह में जाता है और छाले हो जाते हैं।
कमजोर प्रतिरोधक क्षमता
जब बार-बार छाले होते हैं तो इसका एक कारण प्रतिरोधक क्षमता में कमी का होना भी हो सकता है। यह कमी मुंह की श्लेष्मक झिल्ली में इम्युनोग्लोब्युलिन के निम्न स्तर के कारण होती है। इस वजह से मुंह के छालों की समस्या से जूझना पड़ता है।
विटामिन सी की कमी
खानपान में संतुलित भोजन न होने और उसमें विटामिन सी की कमी होना, छालों का प्रमुख कारण बनता है। विटामिन सी की कमी से स्कर्वी नामक रोग होता है। इस रोग के कारण घाव भरने में दिक्कत होती है और छाले हो जाते हैं। इसके अलावा जिंक की कमी की वजह से भी छाले होते हैं।
दांतों कीं गंदगी
जब दांतों की सफाई ठीक से नहीं होती, तब वह गंदगी सड़न में बदल जाती है। उस सड़न की वजह से मुंह में छाले निकल आते हैं। इससे बचने के लिए दिन में दो से तीन बार ब्रश करें।
दवाओं के दुष्प्रभाव
ज्यादा एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल भी मुंह में छालों की वजह बनता है। इन दवाओं के साइड इफैक्ट भी होते हैं। एलोपैथिक दवाओं में एंटिबायोटिक दवाएं अधिक लेने पर हमारी आंतों के लाभदायक कीटाणुओं की संख्या कम हो जाती है और मुंह में छाले हो जाते हैं।
खट्टे फलों का अधिक सेवन
हमारे खानपान में नींबू, टमाटर, संतरा, अंजीर आदि ऐसे फल हैं, जो स्वाद में खट्टे होते हैं। ये खट्टे फल भी कई बार मुंह में छालों का कारण बनते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि अगर खट्टे फल खाने से मुंह में छाले हो जाते हैं, तो उन्हें खाना बंद कर दें।
रोकथाम
छाले किसी एक वजह से नहीं होते, इसलिए छालों की अलग-अलग प्रकृति के अनुसार उनके उपचार के उपाय भी अलग-अलग हैं। अगर मुंह में छाले किसी प्रकार की चोट लगने की वजह से होते हैं, दुर्घटनावश हो जाते हैं, तो ऐसे छालों से बचने के लिए सावधानी बरतना ही सबसे अच्छा उपाय है। अगर छाले संक्रमण, बदहजमी, कब्ज आदि कारणों से हो रहे हैं, तो उसमें जीवाणुरोधी माउथवॉश से मुंह को धोना चाहिए। कम मसाले वाला खाना खाएं और खट्टे फलों का सेवन कम करें। ल्ल

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