रात की सुकून भरी 7 से 8 घंटों की नींद न सिर्फ आपकी बॉडी को रिचार्ज करती है बल्कि आपके दिमाग को भी सुकून देती है। अच्छी नींद बॉडी के मैंटेनेंस में मदद करती है और बॉडी को हेल्दी रखती हैं। अच्छी नींद मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है,एनर्जी साइकिल को ठीक करती है। सुकून भरी नींद दिल की, दिमाग की और पाचन की दवा है। योगगुरु स्वामी रामदेव ने बताया नींद नहीं आने के लिए आपका खराब लाइफस्टाइल जिम्मेदार है। आप देर रात तक जागते हैं, ज्यादा समय तक मोबाइल और स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे आंखों और दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ता है।
पर्याप्त नींद न लेने से आंखों में सूखापन, जलन, धुंधलापन और थकान की समस्या हो सकती है। शरीर के एनर्जी चैनल और सिग्नल सिस्टम गड़बड़ा जाते हैं। इसलिए 7–8 घंटे की गहरी और शांत नींद बेहद जरूरी है। योग गुरु ने अच्छी नींद के लिए कुछ योगाभ्यास बताएं हैं जो रात में आंखों में सुकून भरी नींद देते हैं। अगर आप रोज सोने से पहले इन योगाभ्यास और आदतों को अपनाएंगे तो आप रात में बिस्तर पर लेटते ही सो जाएंगे। आइए जानते हैं कि रात की सुकून की नींद के लिए कौन से योग असरदार साबित होते हैं।
अच्छी नींद के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें
योग गुरु Baba Ramdev के अनुसार, अगर आप रात में जल्दी सोना चाहते हैं और पूरी, गहरी नींद लेना चाहते हैं तो सोने से पहले अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास करें। यह श्वास तकनीक दिमाग को शांत करती है और दिनभर का तनाव कम करने में मदद करती है। अनुलोम-विलोम से शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है, जिससे नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है। मन की चंचलता घटती है और विचारों की गति धीमी पड़ती है, जिससे नींद स्वाभाविक रूप से आने लगती है। नियमित अभ्यास करने से अनिद्रा की समस्या में भी राहत मिल सकती है और नींद सुकूनभरी आती है।
ईश्वर में विश्वास और मानसिक शांति है नींद की कुंजी
एक्सपर्ट ने बताया अगर आप सुकून की नींद सोना चाहते हैं तो आप अपने ईश्वर में विश्वास रखें। जीवन में संघर्ष, तनाव और चुनौतियां रहती हैं, ऐसे में मानसिक संतुलन और ईश्वर में विश्वास रखने से मन शांत होता है और नींद अच्छी आती है।
त्राटक स्लीप थेरेपी है असरदार
बाबा रामदेव ने त्राटक को एक प्रभावी स्लीप थेरेपी बताया है। त्राटक योग की एक प्राचीन ध्यान विधि है, जिसमें किसी एक बिंदु जैसे दीपक की लौ, काले बिंदु या किसी वस्तु को बिना पलक झपकाए एकटक देखा जाता है। योग परंपरा में इसे मानसिक एकाग्रता, आंखों की मजबूती और तनाव कम करने के लिए किया जाता है। बाबा रामदेव ने बताया दीपक की लौ को बिना पलक झपकाए एकटक देखें। ये अभ्यास 2 से 5 मिनट तक करें। इसे करते समय अगर आंखों में पानी आने लगे तो आंखें बंद कर लें। नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और नींद में सुधार होता है
नंगे पांव घास पर चलें
सुबह-सुबह हरी घास पर नंगे पांव चलना आंखों और घुटनों के लिए फायदेमंद बताया गया है। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और तनाव कम होता है। सुबह-सुबह ओस से भीगी हरी घास पर नंगे पांव चलना योग और प्राकृतिक चिकित्सा में बेहद लाभकारी माना गया है। माना जाता है कि इससे पैरों के तलवों पर मौजूद एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होते हैं, जिनका संबंध शरीर के विभिन्न अंगों खासतौर पर आंखों और दिमाग से होता है। नियमित रूप से घास पर चलने से आंखों की थकान कम हो सकती है। नंगे पांव चलने से घुटनों और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर का संतुलन सुधरता है। सुबह की ताजी हवा और प्रकृति के संपर्क में रहने से तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है और मानसिक शांति मिलती है।
डिस्क्लेमर:
यह जानकारी बाबा रामदेव के योग सुझावों पर आधारित है। योग के परिणाम व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकते हैं। गंभीर अनिद्रा की स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
