बिगड़ी सेहत को सुधारना नामुमकिन नहीं है, सुनैना रोशन की कहानी इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। ग्रेड 3 फैटी लिवर जैसी गंभीर स्थिति से जूझने के बाद उन्होंने न केवल अपनी बीमारी को रिवर्स किया, बल्कि अपना पूरा लाइफस्टाइल बदल दिया। जंक फूड और शराब की लत छोड़ने से लेकर एक हेल्दी बॉडी तक का उनका ये सफर हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो खराब लाइफस्टाइल से परेशान हैं। 54 वर्षीय सुनैना रोशन ने ग्रेड 3 फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए अटूट हौसले के साथ डिसिप्लिन अपनाने की बात बताई। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, डिसिप्लिन ने मेरी जिंदगी बचाई है। उन्होंने बताया मुझे जंक फूड की लत थी और शराब की आदत ने इसे और खराब कर दिया। मुझे अंदाजा ही नहीं था कि ये मेरी बॉडी पर कितना असर डाल रहा है।

फिल्म प्रोड्यूसर और एक्टर ऋतिक रोशन की बहन सुनैना ने बताया कि उन्होंने फैटी लिवर डायग्नोज होने पर नियमित एक्सरसाइज शुरू की, हेल्दी लेकिन स्वादिष्ट घर का बना खाना खाया और अपनी हेल्थ को प्राथमिकता दी। सुनैना ने बताया मैंने ट्रेनिंग की, एक्टिव रही और उन दिनों में भी खुद को आगे बढ़ाया जब मन नहीं करता था। अपने अटूट हौसले के दम पर उन्होने  ग्रेड 3 फैटी लिवर को रिवर्स किया। आइए डॉक्टर से समझते हैं कि सुनैना ने फैटी लिवर को जैसे रिवर्स किया क्या वो संभव है।  

एक्सपर्ट की राय क्या कहती है?

वॉकहार्ट हॉस्पिटल, मुंबई सेंट्रल के लिवर ट्रांसप्लांट और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. स्वप्निल शर्मा ने सुनैना की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि सही समय पर सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। डॉक्टर ने बताया कि सुनैना को एडवांस स्टेज का फैटी लिवर था जिसमें उन्होंने सुधार किया। डॉक्टर ने बताया डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करके ना सिर्फ फैटी लिवर को ठीक किया जा सकता है बल्कि उसे रिवर्स भी किया जा सकता है। डॉक्टर ने बताया अगर स्थायी नुकसान यानी सिरोसिस होने से पहले इलाज और बदलाव शुरू कर दिए जाएं तो स्थिति को रिवर्स किया जा सकता है। डॉक्टर ने बताया लिवर खुद को ठीक कर सकता है, लेकिन इसके लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं। वजन कम करना, बेहतर डाइट लेना और शराब कम करना सबसे अहम फैक्टर हैं।

रिकवरी में डिसिप्लिन कितना जरूरी है?

फैटी लिवर एक दिन में नहीं होता और न ही एक दिन में ठीक होता है। डॉ. शर्मा के अनुसार नियमित एक्सरसाइज, सही खान-पान और शराब व प्रोसेस्ड फूड से दूरी लिवर को ठीक होने का सही माहौल देते हैं। यहां डिसिप्लिन का मतलब परफेक्ट होना नहीं, बल्कि हर दिन लगातार प्रयास करना है।

फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए कैसी डाइट होनी चाहिए?

फैटी लिवर को रिवर्स करना है तो डाइट में सरल और संतुलित घर का बना खाना शामिल होना चाहिए। डाइट में ज्यादा सब्जियां, पर्याप्त प्रोटीन, साबुत अनाज और हेल्दी फैट का सेवन करना जरूरी है। ये सभी तरीके लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करते हैं। फैटी लिवर को रिकवर करने के लिए कुछ फूड्स से परहेज करना भी जरूरी है। डाइट में शुगर, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और तले हुए खाने से दूरी बनाना जरूरी है। कई लोग मीठे ड्रिंक और पैकेज्ड फूड के नुकसान को कम मानते हैं, जबकि ये फैटी लिवर को और बढ़ा सकते हैं।

फैटी लिवर को रिवर्स करने में एक्सरसाइज कितनी असरदार है?

डॉ. शर्मा ने बताया फिजिकल एक्टिविटी इस पूरी प्रक्रिया में सबसे मजबूत हथियार मानी जाती है। ये इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारती है, जमा फैट को बर्न करती है और सीधे लिवर फैट को कम करती है। तेज चाल से चलना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या साइक्लिंग जैसी मीडियम एक्टिविटी भी अगर नियमित रूप से की जाए तो अच्छे परिणाम मिलते हैं। जरूरी है कि इसे टिकाऊ बनाया जाए, बहुत ज्यादा इंटेंस नहीं।

क्या नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर में भी शराब नुकसान करती है?

भले ही इसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है, लेकिन शराब स्थिति को और खराब कर सकती है। डॉ. शर्मा के अनुसार अगर किसी को ग्रेड 3 फैटी लिवर है, तो उसे पूरी तरह शराब से परहेज करना चाहिए, ताकि लिवर पर और दबाव न पड़े।

डिस्क्लेमर:

यह लेख पब्लिक डोमेन और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। कोई भी नया हेल्थ रूटीन अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।