ताज़ा खबर
 

सेहत: बरसात में त्वचा का संक्रमण

मानसून के दौरान गर्दन, बगल या तलवों पर लाल, गोलाकार पैच दिखें तो संभवत: यह रिंगवर्म हो सकता है। यह एक कवक संक्रमण है, जिसमें खुजली बहुत तेज होती है और कई बार इनमें पानी भी रिसता रहता है।

Author Published on: September 8, 2019 5:58 AM
संक्रमण ठीक नहीं हो रहा हो तो चिकित्सक को तुरंत दिखाएं।

बरसात में एक ओर हरियाली का आलम और सुहाना मौसम होता है, तो दूसरी ओर गंदगी भी कम नहीं होती। जगह-जगह कूड़ा-कर्कट, पुरानी पत्तियां सड़ती-गलती, जमा पानी बदबू फैलाता रहता है। उनमें बैक्टीरिया पनपते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, खासकर त्वचा संबंधी संक्रमण का। हमारी त्वचा बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए इस पर वातावरण के बदलाव का असर तुरंत पड़ता है। एक अध्ययन के मुताबिक इस मौसम में त्वचा संबंधी रोग, संक्रमण और जलन आदि का खतरा दस गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि मानसून में कई लोगों को दाद, खाज, खुजली जैसी परेशानियों की शिकायत रहती है। छोटी-सी दिखने वाली इन समस्याओं को नजरअंदाज करने से ये गंभीर परेशानी का कारण बन सकती हैं।

एक्जिमा
मानसून के दौरान त्वचा में नमी बनाए रखने और एक्जामेटिक मोड़ने की क्षमता खो देती है। इसकी वजह से त्वचा अत्यधिक शुष्क हो जाती है और उसमें खुजली होने लगती है। एक्जिमा की वजह से हाथों, उंगलियों, हथेलियों, तलवों और पैरों में छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। जिसकी वजह से त्वचा के छिद्र अवरुद्ध हो जाते हैं। यह मौसम में नमी के कारण बढ़ता चला जाता है, जिससे खुलजी तेज हो जाती है। इससे राहत पाने के लिए त्वचा के प्रभावित क्षेत्रों पर नमक या नारियल का तेल प्रयोग किया जा सकता है।

दाद-खाज
यह बारिश के दौरान, दूषित पानी के संपर्क में आने से होता है। इसमें त्वचा पर तेज खुजली होती है और चकत्ते भी पड़ जाते हैं। इस तरह के लक्षण नजर आने पर चिकित्सक से उपचार कराना ही सही रहेगा, क्योंकि अगर इसे बिना उपचार छोड़ दिया गया, तो यह आपके आसपास के लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। यह साझा किए गए कपड़ों, बिस्तर आदि के माध्यम से फैलता है।

एथलीट फुट
मानसून के मौसम की नमी, गंदे पानी और जूतों से मिलने वाली गर्मी से पैरों का बहुत बुरा हाल हो जाता है। इस मौसम में घंटों जूते-मोजे पहने वाले व्यक्ति को एथलीट फुट की परेशानी हो सकती है। इसमें सिर्फ पैरों में फंगल संक्रमण होता है। यह कोई खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन यह तेजी से फैलती है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि बारिश के गंदे पानी में पैर न रखें।

रिंगवर्म
मानसून के दौरान गर्दन, बगल या तलवों पर लाल, गोलाकार पैच दिखें तो संभवत: यह रिंगवर्म हो सकता है। यह एक कवक संक्रमण है, जिसमें खुजली बहुत तेज होती है और कई बार इनमें पानी भी रिसता रहता है। यह रोग संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी हो सकता है। यह रोग कपड़ों की रगड़ से भी फैलता है। कारण कि यह अक्सर शरीर के उन हिस्सों में होता है, जहां नियमित तौर पर रगड़ लगती रहती है जैसे जांघों के बीच की जगह, स्कैल्प, गर्दन और कंधे के बीच का हिस्सा। इस समस्या को कुछ दवाओं और कुछ सावधानियों से ठीक किया जा सकता है। इसके होने पर त्वचा की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

उपाय और सावधानियां
’ कपड़े हमेशा ढीले पहनें, ताकि कहीं भी पसीना न ठहर पाए।
’इस मौसम में त्वचा सांस ले और उसमें जलन न हो, इसके लिए जरूरी है कि रेशम और पॉलिएस्टर के कपड़ों को छोड़ कर सूती के आरामदायक कपड़ों को पहना जाए। सिंथेटिक मोजे का प्रयोग न करें।
’पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
’स्वस्थ्य आहार लें। अपनी दिनचर्या में बदलाव करें।
’नियमित व्यायाम और योग करें।
’त्वचा को सूखा रखें और पाउडर का इस्तेमाल करें।
’अपने कपड़ों को डेटॉल से धोएं। दूसरों के कपड़ों, तौलिया आदि का इस्तेमाल न करें।
’सही तरह के जूते-चप्पल का इस्तेमाल करें और पैरों को होने वाले संक्रमण से बचाएं।
’प्रतिदिन स्नान करें। नहाने वाले पानी में डेटॉल मिला कर नहाएं। कभी-कभी पानी में नीम की पत्तियां डाल कर भी नहाएं।
’दफ्तर या बाजार से घर पहुंचने के बाद अपने पैरों और हाथों को अच्छी तरह धोएं।
’ज्यादा देर तक गीला न रहें। गीले कपड़ों से त्वचा के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
’त्वचा रोग होने पर केवल डॉक्टर की राय से ही साबुन, त्वचा क्रीम, पाउडर का उपयोग करें।
’मौसम में नमी के कारण बाल झड़ने लगते हैं। अगर आपको सिर में खुजली, बालों का गिरना, सिर पर फोड़ा या फुंसी जैसी परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक के पास जाएं।
’तमाम घरेलू उपायों के बावजूद त्वचा का संक्रमण ठीक नहीं हो रहा हो तो चिकित्सक को तुरंत दिखाएं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Kiwi Benefits: ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के अलावा कीवी के हैं और भी कई फायदे
2 Milind Soman: बिना एक्सरसाइज के मिलिंद सोमन रखते हैं खुद को फिट, जानिए कैसे
3 थोड़ी की लापरवाही में कहीं आपके लाडले की आंखें न हो जाएं खराब, जानिए क्या है खतरा