होली रंगों, खुशियों और मेल-मिलाप का त्योहार है, लेकिन सोरायसिस (Psoriasis) से जूझ रहे मरीजों के लिए ये रंगों का त्योहार थोड़ी अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है। सिंथेटिक रंग, उनमें मौजूद हानिकारक केमिकल्स और पानी का अधिक उपयोग संवेदनशील स्किन की समस्या को बढ़ा सकते हैं, जिससे खुजली, जलन या फ्लेयर्स (Flares) का खतरा बना रहता है। हालांकि बीमारी का मतलब यह कतई नहीं है कि आप त्योहार के उत्साह से दूर रहें। स्किन विशेषज्ञों (Dermatologists) का मानना है कि यदि सही एहतियात और स्किन केयर रूटीन का पालन किया जाए, तो सोरायसिस के मरीज भी सुरक्षित रूप से होली का आनंद ले सकते हैं।

SR Institute of Advanced Ayurvedic Science की स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. मेघा चतुर्वेदी के अनुसार होली जैसे त्योहार पर केमिकल युक्त रंग सोरायसिस के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। इस बीमारी में इम्यून सिस्टम असंतुलित हो जाता है, जिससे सूजन, जलन और लालिमा बढ़ती है। विटामिन डी की कमी, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव भी इसके ट्रिगर हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि सोरायसिस क्या है और इस परेशानी से जूझ रहे लोग कैसे होली पर रंगों के साथ खेल सकते हैं।

सोरायसिस क्या है?

सोरायसिस एक क्रॉनिक स्किन डिजीज है, जिसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य से लगभग 10 गुना तेजी से बनने लगती हैं। इसके कारण स्किन पर मोटी, लाल और सफेद पपड़ीदार परत वाले पैच उभर आते हैं। गेहुआं या डार्क स्किन टोन में ये धब्बे बैंगनी या भूरे रंग के भी दिख सकते हैं। यह बीमारी संक्रामक नहीं है, यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती। आमतौर पर यह समस्या खोपड़ी, कोहनी, घुटनों और कमर के निचले हिस्से में ज्यादा देखी जाती है।

होली पर सोरायसिस मरीज क्या रखें ध्यान?

खानपान संतुलित रखें

तली-भुनी चीजों से बचें। पापड़ या स्नैक्स डीप फ्राई की बजाय रोस्टेड या एयर फ्राइड लें। गुजिया सीमित मात्रा में खाएं और कोशिश करें कि वह गुड़ या खांड से बनी हो। मीठा और ऑयली फूड ज्यादा लेने से सूजन बढ़ सकती है।

अल्कोहल से दूरी बनाएं

शराब सोरायसिस के फ्लेयर-अप को बढ़ा सकती है। त्योहार का आनंद बिना नशे के भी लिया जा सकता है।

त्वचा को मॉइश्चराइज रखें

होली खेलने से पहले नारियल तेल लगाएं। चाहें तो उसमें थोड़ा कपूर मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। इससे स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनती है और रंगों से होने वाली खुजली कम होती है।

हर्बल या फूलों से खेलें होली

सिंथेटिक रंगों की जगह चंदन, हल्दी, गुलाब की पंखुड़ियों का पाउडर या फूलों से होली खेलना बेहतर विकल्प है। इससे स्किन पर रिएक्शन का खतरा कम होता है।

धूप से बचाव करें

तेज धूप में ज्यादा देर रहने से खुजली और जलन बढ़ सकती है। कोशिश करें कि सुबह या शाम के समय ही होली खेलें। सोरायसिस के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे त्योहार मनाते समय अपनी त्वचा की सेहत को प्राथमिकता दें। थोड़ी सावधानी बरतकर आप सुरक्षित और खुशहाल होली का आनंद ले सकते हैं।

डिस्क्लेमर:

इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। सोरायसिस या किसी भी अन्य स्किन संबंधी समस्या के उपचार के लिए यह किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। होली के रंगों या किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से परामर्श जरूर करें। जंसत्ता इस जानकारी की सटीकता के लिए जिम्मेदारी नहीं लेता है।