बार-बार और जल्दी-जल्दी पेशाब आना सिर्फ आदत नहीं है बल्कि इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। अक्सर लोग बार-बार पेशाब आने की समस्या को हल्के में ले लेते हैं, लेकिन क्या यह केवल ज्यादा पानी पीने का असर है या फिर किसी बीमारी का संकेत? कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनकी वजह से बार-बार पेशाब आ सकता है जैसे डायबिटीज, किडनी डिजीज और प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या। तनाव और एंग्जायटी जैसी साइकोलॉजिकल वजह भी बार-बार पेशाब आने के लिए जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि बार-बार पेशाब आना सामान्य स्थिति है या शरीर का कोई चेतावनी संकेत।
रोहतक विश्वविद्यालय से चिकित्सा में डिग्री प्राप्त डॉक्टर मनीष ने बताया पॉली यूरिया एक ऐसी परेशानी है जिसमें बार-बार पेशाब आता है। एक नॉर्मल इंसान को रोजाना लगभग 500-1500 मिलीलीटर पेशाब करना चाहिए। अगर पेशाब की मात्रा इससे अधिक है या व्यक्ति को दिन में कई बार पेशाब आता है खासकर रात में दो से तीन बार पेशाब आता है तो ये पॉली यूरिया हो सकता है। happiest healthy में छपी जानकारी में बेंगलुरु की नेफ्रोलॉजिस्ट और रीनल ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. गरिमा अग्रवाल बताती हैं पॉली यूरिया पेशाब में विलेय (सॉल्यूट) की मात्रा बढ़ने से हो सकता है, जिससे उसके साथ अधिक पानी निकलता है। इसे सॉल्यूट डाययूरिसिस कहते हैं।
होम्योपैथिक डॉक्टर लोकेंद्र गौड़ ने बताया अगर आपको बार-बार यूरिन डिस्चार्ज होता है तो सबसे पहले बॉडी में होने वाले लक्षणों को पहचान लें। अगर आपको पेशाब 7-8 बार आता है तो ये परेशानी की बात नहीं लेकिन इससे ज्यादा आता है तो आप तुरंत पॉली यूरिया के लक्षणों को समझ लें और इस परेशानी का इलाज करें।
बार बार पेशाब आने के लिए कौन-कौन से कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
बढ़ी हुई उम्र और प्रोस्टेट की समस्या
50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में बार-बार पेशाब आने का एक बड़ा कारण प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना हो सकता है। ऐसे में प्रोस्टेट का अल्ट्रासाउंड कराकर जांच कराना जरूरी होता है।
मौसम में बदलाव पेशाब का कारण
ठंड के मौसम में शरीर का रिएक्शन बदल जाता है, जिससे पेशाब की आवृत्ति बढ़ सकती है। यह सामान्य स्थिति हो सकती है और हर बार बीमारी का संकेत नहीं होती।
तनाव भी पेशाब का कारण
मानसिक तनाव शरीर के अंदरूनी सिस्टम को सक्रिय कर देता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
ज्यादा पानी पीने की आदत भी पेशाब का कारण
अगर कोई व्यक्ति बहुत अधिक मात्रा में पानी पीता है, तो स्वाभाविक रूप से पेशाब ज्यादा आएगा। हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी हो सकता है।
कुछ दवाइयों का असर
कुछ दवाइयां जैसे पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं खासकर हार्ट के मरीजों को दी जाती हैं,जिनसे पेशाब अधिक आता है।
डायबिटीज की वजह से आता है पेशाब
बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का एक सामान्य और शुरुआती लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट, HbA1c टेस्ट जो तीन महीने का शुगर रिकॉर्ड बताता है, कराकर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
किडनी की समस्या भी पेशाब के लिए जिम्मेदार
कभी-कभी किडनी की बीमारी में भी पेशाब ज्यादा आ सकता है।
कुछ स्थितियों में पेशाब आता है ज्यादा
शरीर के हानिकारक तत्व सही से फिल्टर नहीं होते, लेकिन पानी फिल्टर होकर पेशाब के रूप में निकलता रहता है। ऐसी स्थिति में किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) कराना चाहिए।
पेनकिलर का ज्यादा सेवन
लंबे समय तक भारी मात्रा में पेन किलर लेने से किडनी प्रभावित हो सकती है। रिकवरी के दौरान भी कभी-कभी पेशाब ज्यादा आने की समस्या हो सकती है।
निष्कर्ष
बार-बार पेशाब आना हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो जांच कराना जरूरी है।
सही समय पर जांच और डॉक्टर से सलाह लेकर आप बड़ी परेशानी से बच सकते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो लक्षणों को नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ से परामर्श लें।
डिस्क्लेमर:
ये लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। लेख में उद्धृत विशेषज्ञों की राय उनके अपने अनुभव पर आधारित है। किसी भी बीमारी या लक्षण के मामले में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है। जंसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है।
