गायनोकॉलिस्ट डॉ. प्रिया एस पी पाटिल ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक महिला के सीने का एक्स-रे साझा किया। डॉक्टर ने एक्सरे में महिला की नाक की लौंग को लंग्स में फंसा हुआ दिखाया है। डॉक्टर ने बताया महिला की लौंग का पिछला हिस्सा लंग्स में फंस जाने के कारण उसकी सर्जरी की गई है। इस एक्सरे की फोटो दिखाकर डॉक्टर ने उन महिलाओं को साफतौर पर सतर्क किया है जो नाक में लौंग पहनती हैं। वीडियो में डॉक्टर में बताया कि मैं आपको हैरान करने वाली चीज दिखाती हूं।

एक महिला का सीने का एक्स-रे, जो सर्जरी के लिए हमारे पास आई थी। उसकी नाक की पिन का पिछला हिस्सा ढीला हो गया था और वह सांस के साथ अंदर चला गया और उसके फेफड़े में फंस गया। डॉक्टर ने बताया फिल्हाल महिला में इस पिन के लंग्स में फंसने से कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। एक्सपर्ट ने बताया इस तरह की बाहरी चीजें लंग्स में लम्बे समय रहने से कई तरह के हेल्थ रिस्क होने का खतरा बढ़ता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि नाक की लौंग के लंग्स में फंस जाने से बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिख सकते हैं और इसके लंग्स में रहने से बॉडी में कौन कौन सी परेशानियां हो सकती है?

नाक की लौंग के लंग्स में लम्बे समय तक रहने से कौन-कौन सी दिक्कतें हो सकती है?

लंग्स में लौंग के फंस जाने से लंग्स में इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। वायु मार्ग में अवरोध (airway obstruction) और सूजन हो सकती है। एक्सपर्ट ने फोटो दिखाते हुए महिलाओं को अलर्ट किया कि याद रखें कि छोटी वस्तुएं भी चुपचाप शरीर में प्रवेश कर सकती हैं और ऐसी जगह पहुंच सकती है जहां की हम सोच भी नहीं सकते। डॉक्टर ने कहा सतर्क रहें, खासकर बच्चों के आसपास या सोते समय छोटी एक्सेसरीज के साथ।

लौंग ने कैसे फेफड़ों का सफर तय किया डॉक्टर ने बताया

KIMS हॉस्पिटल, ठाणे के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. मानस मेंगर ने बताया कि महिला की नाक से लौंग फेफड़ों तक कई तरह से पहुंच सकती है जैसे बात करते समय, खांसते समय, हंसते समय या यहां तक कि गहने ठीक करने के दौरान श्वसन मार्ग से अंदर जा सकती है। डॉ. मेंगर ने बताया अगर वस्तु बहुत छोटी है, तो हो सकता है कि वह तुरंत सांस लेने में रुकावट न डाले लेकिन उस दौरान हल्की खांसी या हल्की तकलीफ हो सकती है जो जल्दी ही ठीक भी हो जाती है, जिससे घटना का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

फेफड़े में बाहरी चीज फंसने पर बॉडी में कौन से दिख सकते हैं लक्षण

डॉ. मेंगर के अनुसार फेफड़ों में कुछ भी बाहरी चीज फंसने पर इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। एक्सपर्ट ने बताया कुछ लोगों में लगातार खांसी, सीने में असहजता, घरघराहट की आवाज या बार-बार चेस्ट इंफेक्शन हो सकता है। वहीं कुछ लोग हफ्तों या महीनों तक बिल्कुल सामान्य महसूस कर सकते हैं। आपको बता दें कि संयोग से इस मामले का पता किसी दूसरे कारण से कराई गई इमेजिंग जांच के दौरान लगा।  
फेफड़े के अंदर बाहरी वस्तु रहना कैसे खतरनाक है?

डॉ. मेंगर के मुताबिक समय के साथ ऐसी वस्तुएं सांस की नली की परत में जलन पैदा कर सकती हैं। इससे संक्रमण, फेफड़ों में सूजन, खून आना या सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर धातु की वस्तु हो और उसे जल्दी न निकाला जाए तो ये आसपास के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

ऐसी वस्तुओं को आमतौर पर कैसे निकाला जाता है?

डॉ. मेंगर के अनुसार ज्यादातर मामलों में ब्रोंकोस्कोपी प्रक्रिया से इलाज किया जाता है। इसमें कैमरे वाली एक पतली ट्यूब को सांस की नली में डाला जाता है, जिससे वस्तु की सही जगह का पता लगाकर उसे सुरक्षित तरीके से निकाल लिया जाता है। समय पर ये प्रक्रिया करने से ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है।

डॉक्टर ने कहा इन बातों का रखें ध्यान

डॉक्टर ने बताया महिलाएं ढीली नोज पिन, झुमके या छोटे आभूषणों की नियमित रूप से जांच करें। डॉ. मेंगर ने कहा लेटते समय या अचानक हिलते-डुलते समय आभूषणों को ठीक करने से बचना चाहिए। सुरक्षित फिटिंग वाले आभूषण पहनना और सोते समय या शारीरिक गतिविधि के दौरान सावधानी बरतना जोखिम को कम कर सकता है।

डिस्क्लेमर:

“यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और पाठकों की जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। लेख में दी गई जानकारी और विशेषज्ञों की राय का उद्देश्य किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice), निदान (Diagnosis) या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आप लेख में बताए गए किसी भी लक्षण को महसूस करते हैं या अपनी सेहत से जुड़ी किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो कृपया तुरंत अपने डॉक्टर या किसी प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।