Blood Pressure Chart: सुबह उठते ही चक्कर आना, आंखों के सामने धुंधलापन, बार-बार सिरदर्द या अचानक ब्लैकआउट होना ये सिर्फ थकान के संकेत नहीं, बल्कि बिगड़े हुए ब्लड प्रेशर (BP) की चेतावनी भी हो सकते हैं। ब्लड प्रेशर वो दबाव है, जिससे दिल खून को पूरे शरीर में पहुंचाता है। अगर ये बहुत ज्यादा या बहुत कम हो जाए, तो दिल, दिमाग और किडनी पर असर पड़ सकता है। American Heart Association के अनुसार, 20 साल या उससे अधिक उम्र के वयस्कों के लिए सामान्य बीपी 120/80 mmHg से कम माना जाता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, धमनियां सख्त होने लगती हैं, जिससे बीपी बढ़ सकता है। पुरुषों में युवावस्था में बीपी ज्यादा पाया जाता है, जबकि महिलाओं में मेनोपॉज के बाद इसका खतरा बढ़ता है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में अरबों लोग बीपी से संबंधित परेशानियों के शिकार हैं। बीपी लम्बे समय तक हाई रहने से दिल के रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ने लगता है। ऐसे में हमारा ये जानना बहुत जरूरी है कि हमारे शरीर का नॉर्मल बीपी लेवल क्या होना चाहिए। आइए जानते हैं महिलाओं और पुरुष में कितना बीपी सामान्य है,अगर बीपी हाई हो जाए तो डाइट और लाइफस्टाइल में कौन कौन से बदलाव करें। बीपी मॉनिटरिंग के दौरान कौन-कौन सी बातों का रखें ध्यान।
साइलेंट किलर के छिपे हुए संकेत
- हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी बीमारी है जिसे साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है। हाई बीपी के बॉडी में कई तरह के संकेत दिखने लगते हैं। सिर्फ चक्कर आना ही हाई बीपी के लक्षण नहीं बल्कि कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं जिन्हें लोग अक्सर थकान या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हाई बीपी के लक्षणों की बात करें तो
- बिना किसी चोट के अचानक नाक से खून आना हाई बीपी का संकेत हो सकता है।
- सीने में भारीपन या धड़कन तेज होना।
- रात में बार-बार पेशाब आना। ये किडनी पर बीपी के दबाव का शुरुआती संकेत हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर के स्टेज | Stages of High Blood Pressure
| सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर की सीमा | डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर की सीमा | |
| बढ़ा हुआ रक्तचाप (Elevated) | 120-129 मिमी एचजी | 80 से कम |
| स्टेज 1 हाई ब्लड प्रेशर | 130-139 मिमी एचजी | 80-89 मिमी एचजी |
| स्टेज 2 हाई ब्लड प्रेशर | 140 मिमी एचजी और ऊपर | 90 मिमी एचजी और ऊपर |
| हाई ब्लड प्रेशर की खतरनाक स्थिति | 180 मिमी एचजी और ऊपर | 120 मिमी एचजी और ऊपर |
(Source: National Health Service (NHS)
ब्लड प्रेशर चार्ट
| उम्र (Age) | सिस्टोलिक (ऊपर वाला) | डायस्टोलिक (नीचे वाला) | स्थिति |
| 20-24 वर्ष | 120 mmHg | 79 mmHg | सामान्य |
| 30-39 वर्ष | 122-125 mmHg | 81-83 mmHg | सामान्य |
| 50-59 वर्ष | 128-131 mmHg | 85 mmHg | सामान्य |
| 60+ वर्ष | 133-135 mmHg | 87-88 mmHg | निगरानी जरूरी |
(अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और भारतीय चिकित्सा मानकों के आधार पर चार्ट)
उम्र के हिसाब से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक चार्ट
| आयु | न्यूनतम (सिस्टोलिक/डायस्टोलिक) Minimum (Systolic/Diastolic) | सामान्य (सिस्टोलिक / डायस्टोलिक) Normal (Systolic/Diastolic) | अधिकतम (सिस्टोलिक डायस्टोलिक) Maximum (Systolic/Diastolic) |
| 1 से 12 महीने | 75/50 | 90/60 | 100/75 |
| 1 से 5 साल | 80/55 | 95/65 | 110/79 |
| 6 से 13 साल | 90/60 | 105/70 | 115/80 |
| 14 से 19 साल | 105/73 | 117/77 | 120/81 |
| 20 से 24 साल | 108/75 | 120/79 | 132/83 |
| 25 से 29 साल | 109/76 | 121/80 | 133/84 |
| 30 से 34 वर्ष | 110/77 | 122/81 | 134/85 |
| 35 से 39 वर्ष | 111/78 | 123/82 | 135/86 |
| 40 से 44 वर्ष | 112/79 | 125/83 | 137/87 |
| 45 से 49 वर्ष | 115/80 | 127/84 | 139/88 |
| 50 से 54 वर्ष | 116/81 | 129/85 | 142/89 |
| 55 से 59 वर्ष | 118/82 | 131/86 | 144/90 |
| 60 से 64 वर्ष | 121/83 | 134/87 | 147/91 |
(Source: National Health Service (NHS)
लाइफस्टाइल और डाइट में कौन से करें बदलाव?
अगर आप चाहते हैं कि आपका बीपी नॉर्मल रहे तो आप अपने लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करें। आप नियमित बीपी चेक कराएं, नमक कम खाएं, रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें और तनाव को कंट्रोल करें। अगर आपको घबराहट ज्यादा हो रही है, पसीना ज्यादा आ रहा है तो आप तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। DASH डाइट का सेवन करें। डैश डाइट में फल, सब्जियां और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों पर जोर दिया जाता है।
बीपी मॉनिटरिंग की सही तकनीक भी है जरूरी
बीपी मॉनिटरिंग टाइम का रखें ध्यान
गलत तरीके से बीपी नापना भी जोखिम भरा हो सकता है। बीपी चेक करने का सही समय सुबह उठने के तुरंत बाद या रात को सोने से पहले है।
सही पोस्चर है जरूरी
बीपी मॉनिटरिंग करना चाहते हैं तो कुर्सी पर सीधा बैठें। पैर जमीन पर टिके हों और हाथ दिल स्थिर हो।
बीपी मॉनिटरिंग से पहले कैफीन और स्मोकिंग न करें
बीपी नापने से 30 मिनट पहले चाय, कॉफी या सिगरेट पीने से बचें, वरना रीडिंग गलत आ सकती है। आपको बता दें समय रहते कंट्रोल किया गया बीपी, कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी को चिकित्सकीय सलाह या उपचार का विकल्प न समझें। American Heart Association की गाइडलाइंस सामान्य संदर्भ के लिए हैं और हर व्यक्ति की स्थिति अलग हो सकती है। अगर आपको ब्लड प्रेशर से जुड़े लक्षण जैसे चक्कर आना, सिरदर्द, धुंधलापन या ब्लैकआउट महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
