क्या मानसिक शांति और एकाग्रता पाने के लिए घंटों तक ध्यान करना जरूरी है? विज्ञान अब इस धारणा को बदल रहा है। जर्नल Mindfulness में प्रकाशित एक नई रिसर्च के अनुसार मेडिटेशन का असर देखने के लिए लंबा समय नहीं, बल्कि मात्र 7 मिनट का सही अभ्यास ही काफी है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि महज कुछ मिनटों का ध्यान हमारे मस्तिष्क के ‘न्यूरल पाथवे’ और सक्रियता में तेजी से सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
पॉल अर्नोल्ड, एक फ्रीलांस लेखक हैं, जिनके पास University of London से बायोलॉजी में बीएससी की डिग्री है ने बताया मेडिटेशन को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह तनाव और चिंता को कम करने से लेकर दिमागी क्षमता और भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। जर्नल Mindfulness में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, मेडिटेशन शुरू करने के 2 से 3 मिनट के अंदर ही मस्तिष्क की तरंगों में बदलाव शुरू हो जाते हैं और इसका प्रभाव लगभग 7 मिनट पर सबसे ज्यादा होता है।
मेडिटेशन से दिमाग के कौन से हिस्से होते हैं एक्टिव
कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि मेडिटेशन के दौरान दिमाग के फ्रंटल और पेरिएटल क्षेत्र सक्रिय हो जाते हैं। इस प्रक्रिया में अल्फा और थीटा ब्रेन वेव्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो मानसिक शांति और एकाग्रता से जुड़ी होती हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि ये बदलाव कितनी जल्दी शुरू होते हैं।
इसी को समझने के लिए National Institute of Mental Health and Neurosciences के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन किया। इसमें तीन समूहों को शामिल किया गया, पहला जिन्होंने कभी मेडिटेशन नहीं किया, दूसरा जो इसे सीख रहे थे और तीसरा अनुभवी मेडिटेशन करने वाले लोग शामिल थे। अध्ययन के दौरान सभी प्रतिभागियों को 128 सेंसर वाली विशेष कैप पहनाई गई, जिससे मेडिटेशन करते समय उनके मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया।
रिसर्च में हुआ खुलासा
स्टडी में पाया गया कि सभी लोगों में मस्तिष्क के बदलाव का समय लगभग समान था, लेकिन अनुभव के अनुसार ब्रेन वेव्स की ताकत और प्रकार अलग थे। 2–3 मिनट मेडिटेशन करने से दिमाग सामान्य स्थिति से हटकर शांत और सतर्क अवस्था में जाने लगता है। अल्फा और थीटा वेव्स जो शांति और फोकस से जुड़े हैं उनमें इज़ाफा होता है। बीटा-1 वेव्स सतर्कता और एकाग्रता भी बढ़ाती हैं, डेल्टा वेव्स जो नींद से जुड़ी होती है और गामा-1 वेव्स घटती हैं। अनुभवी लोगों में यह बदलाव सिर्फ 30 सेकंड में ही दिखने लगता है, जिससे पता चलता है कि उनका दिमाग शुरुआत से ही अलग तरीके से प्रतिक्रिया देता है। हालांकि, सबसे मजबूत बदलाव 7 से 10 मिनट के बीच देखे गए।
शोधकर्ताओं के अनुसार मेडिटेशन का असर बहुत जल्दी शुरू हो सकता है। यह प्रभाव व्यक्ति के अनुभव स्तर पर निर्भर करता है। रिसर्च के मुताबिक अगर आपका लाइफस्टाइल बहुत बिजी है और आप अक्सर तनाव में रहते हैं तो भी आप सिर्फ 7 मिनट का मेडिटेशन करके अपने दिमाग में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख शोध के परिणामों पर आधारित सामान्य जानकारी प्रदान करता है। मेडिटेशन के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न हो सकते हैं। यदि आप किसी गंभीर मानसिक समस्या या तनाव से गुजर रहे हैं, तो किसी विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक (Psychologist) या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
