गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए लोग अपनी डाइट में कई तरह के हेल्दी फूड्स शामिल करते हैं। इन्हीं में से एक है मखाना (फॉक्स नट), जो स्वाद के साथ-साथ पोषण का भी बेहतरीन स्रोत माना जाता है। प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर मखाना वजन कंट्रोल रखने, लंबे समय तक पेट भरा रखने और ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद कर सकता है। हालांकि मौसम के अनुसार खान-पान की जरूरतें बदलती रहती हैं, इसलिए कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या गर्मियों में मखाना खाना फायदेमंद है या इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।
सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट, डायटीशियन और बीफिट वर्ल्ड की संस्थापक भाव्या मुंजाल के अनुसार चिलचिलाती गर्मी में मखाना खाना सेहत को फायदा पहुंचाएगा। मखाना एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जिसकी तासीर ठंडी होती है। प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर मखाना सीमित मात्रा में नियमित रूप से खाने से शरीर को कई तरह से फायदा होता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि मखाना का सेवन कैसे सेहत को फायदा पहुंचता है।
दिल की सेहत को बेहतर बनाता है
मखाने में फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से मखाना खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है, जिससे हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता है। Journal of Biomedical Science और Food Chemistry में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक मखाने में ‘कैंप फेरोल’ (Kaempferol) नामक एक शक्तिशाली फ्लेवोनोइड पाया जाता है, जिसमें जबरदस्त एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। रिसर्च के अनुसार, मखाने के एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में लिपिड पेरोक्सीडेशन को रोकते हैं, जिससे नसों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) नहीं जमता। इसके अलावा, इसका हाई-पोटैशियम और लो-सोडियम कॉम्बिनेशन रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स रखता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।
वजन घटाने में मददगार
कम कैलोरी और अधिक फाइबर वाला मखाना लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत कम हो सकती है। यही कारण है कि वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मखाना एक अच्छा स्नैक विकल्प माना जाता है। International Journal of Food Sciences and Nutrition की न्यूट्रिशनल स्टडी के मुताबिक मखाने की ‘कैलोरी डेंसिटी’ बहुत कम होती है। रिसर्च साबित करती है कि इसका हाई-प्रोटीन और डाइटरी फाइबर का कॉम्बिनेशन पेट के ‘घ्रेलिन’ यानी भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन को शांत करता है और ‘पेप्टाइड YY’यानी तृप्ति देने वाले हॉर्मोन को बढ़ाता है। इससे व्यक्ति अनहेल्दी स्नैकिंग से बच जाता है।
ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने में मददगार
मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है। इसमें मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। इस वजह से यह डायबिटीज के मरीजों के लिए संतुलित मात्रा में खाया जाने वाला एक बेहतर स्नैक हो सकता है। Journal of Ethnopharmacology और Phytotherapy Research का क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया कि मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम (लगभग 45-50) होता है। इसका सेवन करने से ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल रहता है।
तनाव कम करने और नींद सुधारने में मदद
मखाना मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है, जो नसों और मांसपेशियों के सामान्य कार्य में मदद करता है। इसका सेवन मानसिक तनाव कम करने और अच्छी नींद को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।
पाचन तंत्र को रखता है हेल्दी
फाइबर से भरपूर मखाना पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित मात्रा में इसका सेवन कब्ज की समस्या को कम कर सकता है और आंतों की सेहत को सपोर्ट करता है। World Journal of Gastroenterology की रिपोर्ट के मुताबिक मखाने में मौजूद अघुलनशील फाइबर (Insoluble Fiber) आंतों में जाकर पानी को सोखता है और मल को भारी (Bulky) बनाता है। यह आंतों की पेरिस्टालिसिस गति (Bowel Movement) को सुचारू करता है, जिससे क्रॉनिक कब्ज और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।
हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाता है
मखाने में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी हैं। बढ़ती उम्र में हड्डियों को स्वस्थ रखने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में भी यह मददगार हो सकता है।
स्किन को हेल्दी रखने में मददगार
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर मखाना फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। इससे त्वचा की सेहत बेहतर बनी रह सकती है और उम्र बढ़ने के कुछ शुरुआती लक्षणों को धीमा करने में सहायता मिल सकती है। Anis Journal of Cosmetic Dermatology के मुताबिक मखाने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन के कोलेजन (Collagen) को टूटने से बचाते हैं। कोलोजन ही स्किन के लचीलेपन और जवानी को बनाए रखता है। इसके एंटी-एजिंग गुण फ्री-रेडिकल्स को नष्ट कर चेहरे की झुर्रियों और फाइन लाइन को धीमा करते हैं।
ज्यादा मखाना खाने के नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा मखाना खाने से पेट फूलना, गैस, कब्ज या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि इसे अधिक घी, तेल या नमक के साथ भूनकर खाया जाए तो वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है। कुछ लोगों में एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। वहीं, किडनी रोग या कुछ हृदय रोग से पीड़ित लोगों को इसकी मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, बीमारी या विशेष डाइट संबंधी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
