लिवर शरीर का ऐसा अंग है जो बिना थके 24 घंटे काम करता रहता है। यह खून को साफ करने, शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने, भोजन को ऊर्जा में बदलने और उस ऊर्जा को पूरे शरीर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन गलत खानपान, बढ़ता वजन और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से लिवर पर लगातार दबाव पड़ता है। लंबे समय तक लिवर की अनदेखी करने से उसमें सूजन, फैटी लिवर और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है जिससे ये समय से पहले कमजोर और बूढ़ा होने लगता है।
सीनियर हेपेटोलॉजिस्ट और लिवर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ. शिव कुमार सरीन के मुताबिक लिवर को वही चीजें सूट करती हैं जो पित्त के निर्माण को बेहतर बनाएं और उसे पतला रखें। इसके लिए नेचुरल और ताजा भोजन जरूरी है। बहुत ज्यादा एक साथ खाने के बजाय दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करना लिवर पर बोझ कम करता है। सिर्फ ठोस फूड ही नहीं, बल्कि पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, सूप और पतली दाल भी डाइट में शामिल करनी चाहिए।
लिवर की सेहत बनाए रखने के लिए वजन कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। तला-भुना, ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड लिवर को नुकसान पहुंचाता है, जबकि हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन लिवर को मजबूत बनाते हैं। सही डाइट, एक्टिव लाइफस्टाइल और समय-समय पर हेल्थ चेकअप से लिवर को लंबे समय तक जवान और हेल्दी रखा जा सकता है।
लिवर में खराबी होने के लक्षण
- सुबह उठते ही भारी थकान महसूस होना।
- आंखों और नाखूनों में हल्का पीलापन।
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भारीपन या दर्द।
- भूख में अचानक कमी आना।
- पैरों और टखनों में सूजन ।
- त्वचा पर मकड़ी जैसे लाल निशान ।
- बिना कारण वजन बढ़ना या पेट का घेरा बढ़ना।
- हथेलियों का लाल पड़ना।
- बार-बार गैस और एसिडिटी की समस्या।
- पेशाब का रंग गहरा होना।
लिवर को हेल्दी रखने के लिए 60% रॉ फूड फॉर्मूला अपनाएं
लिवर को हेल्दी रखने का सबसे बड़ा मंत्र है 60 फीसदी भोजन बिना आग पर पकाए खाएं।Journal of Nutrition के अनुसार, कच्ची सब्जियों जैसे गाजर, मूली, चुकंदर, खीरा में लाइव एंजाइम्स और ग्लूकोसाइनोलेट्स होते हैं। जब हम भोजन पकाते हैं, तो उसके कई प्राकृतिक एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। कच्ची सब्जियां खाने से लिवर को उन्हें पचाने के लिए कम मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उसका ‘डिटॉक्सिफिकेशन का काम आसान हो जाता है।
साबुत अनाज लिवर का फाइबर शील्ड
सफेद चावल और मैदे की जगह ओट्स, ब्राउन राइस और जौ को डाइट में शामिल करें। Harvard Health के अनुसार साबुत अनाज में मौजूद बी-विटामिन और फाइबर लिवर में फैट जमा होने से रोकते हैं। ये ब्लड शुगर को नॉर्मल रखते हैं। जब शुगर अचानक नहीं बढ़ती, तो लिवर को अतिरिक्त इंसुलिन को प्रोसेस नहीं करना पड़ता, जिससे Non-Alcoholic Fatty Liver (NAFLD) का खतरा टल जाता है।
नट्स और सीड्स लिवर की इमरजेंसी रिपेयर किट
बादाम, अखरोट और चिया सीड्स लिवर के लिए सुपरफूड्स हैं। World Journal of Gastroenterology में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, नट्स में विटामिन E और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं। विटामिन E लिवर की कोशिकाओं में होने वाली सूजन (Inflammation) को कम करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लिवर का बचाव करता है। अखरोट विशेष रूप से लिवर को अमोनिया जैसे जहरीले पदार्थों से मुक्त करने में मदद करता है।
लिवर के दुश्मन हैं ये फूड
आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन लिवर को नकुसान पहुंचा सकता है। रिसर्च बताती है कि शुगर-फ्री गोलियों में मौजूद एस्पार्टेम लिवर पर बुरा असर डाल सकता है। इसकी जगह सीमित मात्रा में गुड़ का सेवन बेहतर है। अत्यधिक तेल और ट्रांस-फैट लिवर कोशिकाओं को म्यूटेट कर सकते हैं, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ता है। हर थोड़ी देर में कुछ खाने से लिवर कभी रेस्ट मोड में नहीं आ पाता। खाने के बीच कम से कम 4-5 घंटे का गैप लिवर को खुद की सफाई करने का समय देता है।
निष्कर्ष
लिवर शरीर का ऐसा अंग है जो शिकायत किए बिना लगातार काम करता रहता है, लेकिन जब इसकी क्षमता कमजोर पड़ने लगती है तो शरीर धीरे-धीरे चेतावनी देने लगता है। संतुलित और प्राकृतिक आहार, वजन नियंत्रण, पर्याप्त पानी, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय-समय पर जांच से लिवर को लंबे समय तक हेल्दी और जवान रखा जा सकता है। लिवर की देखभाल दरअसल पूरे शरीर की सेहत में निवेश है, जिसे जितना जल्दी समझ लिया जाए उतना बेहतर।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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