लिवर शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग है और यह हमारी सेहत का साइलेंट गार्डियन माना जाता है। यह हर मिनट लगभग डेढ़ लीटर खून को फिल्टर करता है और शरीर में पहुंचने वाले हानिकारक तत्वों को निष्क्रिय करने का काम करता है। सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि दवाइयों को तोड़ने, प्रोटीन बनाने, विटामिन और मिनरल्स को स्टोर करने तथा ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में भी इसकी अहम भूमिका होती है। आमतौर पर यह माना जाता है कि फैटी लिवर की समस्या केवल उन लोगों को होती है जिनका वजन अधिक है या जो मोटापे से जूझ रहे हैं। हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शिव कुमार सरीन ने बताया ये धारणा गलत है कि फैटी लिवर की समस्या मोटे लोगों को होती है,सच्चाई ये हैं कि ये पतले-दुबले लोगों में भी यह देखने को मिल रही है।

आधुनिक लाइफस्टाइल जैसे जंक फूड का ज्यादा सेवन, शराब, धूम्रपान, नींद की कमी और फिजिकल एक्टिविटी की कमी लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालती है। खासतौर पर नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जो शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के पनपते है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप फैटी लिवर की परेशानी से बचना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट में बदलाव करें। डाइट में ऐसे फूड्स को शामिल करें जो लिवर पर अतिरिक्त फैट को लोड होने से बचाएं और लिवर में जमा चर्बी कंट्रोल रहे। डॉ. सरीन ने लिवर को हेल्दी रखने के लिए कई अहम सुझाव दिए। आइए जानते हैं लिवर को हेल्दी और जवान बनाए रखने के लिए डाइट चार्ट कैसी होनी चाहिए।

रोज खाएं सेब, छिलके समेत

डॉक्टर सरीन ने बताया रोज एक सेब खाएं और बीमारी को दूर भगाएं। सेब में मौजूद फाइबर और पॉलीफेनॉल्स आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को मजबूत बनाते हैं, जिससे लिवर पर बोझ कम होता है। एक्सपर्ट ने बताया सेब हमेशा छिलके के साथ ही खाएं, क्योंकि असली पोषक तत्व छिलके में ही होते हैं।

अनाज में गेहूं कम, मिलेट्स और जौ ज्यादा खाएं

अगर आप लिवर को हेल्दी रखना चाहते हैं तो रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अधिक गेहूं का सेवन करने से बचें। आप गेहूं की जगह बाजरा, रागी और जौ (Barley) जैसे अनाज को डाइट में शामिल करें। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता और लिवर में फैट जमा होने का खतरा कम होता है।

काला चना और दाल का करें सेवन

काला चना और साबुत दालें लिवर के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स होते हैं जो मेटाबॉलिज्म सुधारते हैं और फैट जमा होने से रोकते हैं। कोशिश करें कि इन्हें ज्यादा प्रोसेस या छिलका हटाकर न खाएं।

रंग-बिरंगी सब्जियां जरूर खाएं

चुकंदर, पत्ता गोभी और अन्य रंगीन सब्जियों में फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये लिवर की सूजन कम करते हैं और डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं। एक्सपर्ट ने बताया जितनी ज्यादा रंगीन आपकी थाली होगी उतनी बेहतर आपकी लिवर की हेल्थ होगी।

कॉफी फायदेमंद हो सकती है

डॉक्टर सरीन के मुताबिक सीमित मात्रा में कॉफी लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि दिनभर कई कप कॉफी पी जाएं। संतुलन जरूरी है।

कच्ची हल्दी और अखरोट खाएं

कच्ची हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो लिवर की सूजन कम करने में मदद करते हैं। वहीं रोज लगभग 30 ग्राम अखरोट खाने से शरीर को हेल्दी फैट्स मिलते हैं, जो लिवर के लिए फायदेमंद हैं।

वजन कंट्रोल रखना है सबसे जरूरी

डॉक्टर के अनुसार लिवर को हेल्दी रखने के लिए वजन को कंट्रोल करना जरूरी है। वजन संतुलित रखना हेल्थ की सबसे बड़ी कुंजी है। हर साल 1 किलो वजन कम करना जीवन के एक साल बढ़ाने जैसा हो सकता है। नियमित 45 मिनट एक्सरसाइज, खासकर एब्डॉमिनल मसल्स को मजबूत करने वाली गतिविधियां, लिवर फैट कम करने में मदद करती हैं।

ब्लड टेस्ट और जागरूकता जरूरी

अगर परिवार में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज का इतिहास है तो फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स और एसजीपीटी जैसे टेस्ट जरूर कराएं। हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर लिवर में फैट जमा होने का संकेत हो सकता है।

निष्कर्ष

फैटी लिवर एक साइलेंट समस्या है, जो धीरे-धीरे डायबिटीज, हार्ट डिजीज और दूसरी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। अच्छी डाइट, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सीमित दवाइयों का उपयोग ये चार स्तंभ लिवर को हेल्दी रखने की कुंजी हैं।

डिस्क्लेमर:

इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।